26 साल में पहली बार हुआ ऐसा, इस इंडेक्स में टॉप 10 में नहीं भारत की एक भी कंपनी, निवेशकों की रहती है नजर
नई दिल्ली: एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हाल में काफी तेजी आई है। इससे एमएससीआई एमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स (MSCI EM Index) के टॉप 10 में काफी उलटफेर देखने को मिला है। दो दशक से भी अधिक समय में यह पहला मौका है जब इस इंडेक्स के टॉप 10 में भारत की कोई कंपनी शामिल नहीं है। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में इस साल इनमें गिरावट आई है। एचडीएफसी बैंक में इस साल तीन पायदान की गिरावट आई है जबकि रिलायंस चार स्थान फिसली है।

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक एचडीएफसी बैंक इस इंडेक्स में अब 11वें नंबर पर है जबकि रिलायंस 12वें नंबर पर खिसक गई है। मार्च में ये दोनों कंपनियां क्रमश: सातवें और आठवें नंबर पर थीं। इंडेक्स में उनका वेटेज 0.8% से भी कम रह गया है। इस साल एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 25.5% गिरावट आई है जबकि रिलायंस का शेयर 19.6% टूटा है।
कौन-कौन हैं टॉप में?
साल 2000 के बाद यह पहला मौका है जब भारत की कोई भी कंपनी MSCI EM Index में शामिल नहीं है। इस इंडेक्स को पैसिव फंड्स के लिए एक बेंचमार्क माना जाता है जो दुनियाभर में 700 अरब डॉलर से ज्यादा फंड्स को मैनेज कर रहे हैं। साथ ही ईएम फंड्स की भी इस पर करीबी नजर रहती है। ताइवान की चिप बनाने वाली कंपनी टीएसएमसी 14.98% वेटेज के साथ पहले नंबर पर है। इस साल कंपनी के शेयरों में 48.1% तेजी आई है।
साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग (8.09%) दूसरे और एसके हाइनिक्स (6.01%) तीसरे नंबर पर है। चीन की कंपनी टेनसेंट (2.89%) चौथे, अलीबाबा (2.12%) पांचवें, ताइवान की मीडियाटेक (1.6%) छठे, डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स (1.15%) सातवें, होन होई (0.9%) आठवें, सैमसंग प्रीफ (0.89%) नौवें और चीन का चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक (0.76%) दसवें नंबर पर है।
किसका कितना वेटेज
इस इंडेक्स में अब ताइवान, साउथ कोरिया और चीन का वेटेज करीब 70% पहुंच है। फरवरी के मुकाबले ताइवान का वेटेज 3.91% बढ़कर 26.41% पहुंच गया है जबकि साउथ कोरिया का वेटेज 4.98% बढ़कर 23.06% हो गया है। इस दौरान चीन का वेटेज 3.4% घटकर 20.36% रह गई है। भारत का वेटेज फरवरी के मुकाबले मई में 1.95% घटकर 10.87% रह गया है। ब्राजील का वेटेज भी 0.70% घटा है और अब यह 3.86% रह गया है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक एचडीएफसी बैंक इस इंडेक्स में अब 11वें नंबर पर है जबकि रिलायंस 12वें नंबर पर खिसक गई है। मार्च में ये दोनों कंपनियां क्रमश: सातवें और आठवें नंबर पर थीं। इंडेक्स में उनका वेटेज 0.8% से भी कम रह गया है। इस साल एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 25.5% गिरावट आई है जबकि रिलायंस का शेयर 19.6% टूटा है।
कौन-कौन हैं टॉप में?
साल 2000 के बाद यह पहला मौका है जब भारत की कोई भी कंपनी MSCI EM Index में शामिल नहीं है। इस इंडेक्स को पैसिव फंड्स के लिए एक बेंचमार्क माना जाता है जो दुनियाभर में 700 अरब डॉलर से ज्यादा फंड्स को मैनेज कर रहे हैं। साथ ही ईएम फंड्स की भी इस पर करीबी नजर रहती है। ताइवान की चिप बनाने वाली कंपनी टीएसएमसी 14.98% वेटेज के साथ पहले नंबर पर है। इस साल कंपनी के शेयरों में 48.1% तेजी आई है।
साउथ कोरिया की कंपनी सैमसंग (8.09%) दूसरे और एसके हाइनिक्स (6.01%) तीसरे नंबर पर है। चीन की कंपनी टेनसेंट (2.89%) चौथे, अलीबाबा (2.12%) पांचवें, ताइवान की मीडियाटेक (1.6%) छठे, डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स (1.15%) सातवें, होन होई (0.9%) आठवें, सैमसंग प्रीफ (0.89%) नौवें और चीन का चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक (0.76%) दसवें नंबर पर है।
किसका कितना वेटेज
इस इंडेक्स में अब ताइवान, साउथ कोरिया और चीन का वेटेज करीब 70% पहुंच है। फरवरी के मुकाबले ताइवान का वेटेज 3.91% बढ़कर 26.41% पहुंच गया है जबकि साउथ कोरिया का वेटेज 4.98% बढ़कर 23.06% हो गया है। इस दौरान चीन का वेटेज 3.4% घटकर 20.36% रह गई है। भारत का वेटेज फरवरी के मुकाबले मई में 1.95% घटकर 10.87% रह गया है। ब्राजील का वेटेज भी 0.70% घटा है और अब यह 3.86% रह गया है।
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