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Driving Licence Update: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना होंगे फेल

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आज के समय में जब ट्रैफिक के नियम इतने सख्त हो गए हैं, ऐसे में बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। अगर आपके पास लाइसेंस नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस या सिविल पुलिस आपका भारी-भरकम चालान काट सकती है। इससे न सिर्फ आपका पैसा बर्बाद होता है बल्कि आपको मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है। यही वजह है कि ड्राइविंग लाइसेंस एक बेहद जरूरी दस्तावेज है, जिसके बिना गाड़ी चलाने पर आपको बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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वैसे तो ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना काफी आसान है और इसकी एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन इसके बावजूद लोग अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो जाता है। क्या आप जानते हैं कि लोग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई करते समय सबसे ज्यादा गलती कहां करते हैं? आइए आपको इसकी पूरी डिटेल बताते हैं।

यहां होती हैं सबसे ज्यादा गलतियां


RTO के आंकड़ों और एक्सपर्ट्स की मानें तो सबसे ज्यादा गलतियां आवेदन फॉर्म भरते समय और ऑटोमेटेड ट्रैक पर होने वाले प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट के दौरान होती हैं। आजकल ज्यादातर शहरों में मॉडर्न और कंप्यूटरीकृत टेस्ट ट्रैक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ट्रैक्स पर इंसानी दखल बहुत कम होता है और सारा काम कैमरों और सेंसर्स के जरिए किया जाता है। यही वजह है कि यहां आपकी एक छोटी सी चूक भी आपको टेस्ट में फेल करा देती है।


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कागजात और फॉर्म भरने में होने वाली गलतियां


  • नाम और जानकारी की स्पेलिंग: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अपने नाम, जन्मतिथि या पते की स्पेलिंग में की गई एक छोटी सी गलती भी आपके आवेदन को तुरंत रिजेक्ट करा सकती है।
  • गलत कैटेगरी चुनना: कई बार लोग गाड़ी की सही कैटेगरी चुनने में गलती कर देते हैं, जैसे गियर वाली मोटरसाइकिल, बिना गियर वाला स्कूटर या कार।
  • दस्तावेजों का गलत फॉर्मेट: मेडिकल सर्टिफिकेट या जरूरी पहचान पत्र अक्सर सही तरीके और सही फॉर्मेट में अपलोड नहीं किए जाते, जिससे टेस्ट स्लॉट की बुकिंग में देरी होती है। इसलिए फॉर्म भरने से पहले सभी दस्तावेजों को सही और वैलिड रखना बेहद जरूरी है।

प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट में फेल होने की वजह


  • मुश्किल टेस्ट ट्रैक: ड्राइविंग टेस्ट के दौरान सबसे मुश्किल काम सेंसर वाले ट्रैक पर गाड़ी को '8' (Figure of 8) के शेप में घुमाना, 'H' शेप वाले ट्रैक पर गाड़ी को रिवर्स करना और किसी चढ़ाई पर गाड़ी को बिना पीछे रोके आगे बढ़ाना होता है।
  • सेंसर्स की सख्त निगरानी: अगर आपकी गाड़ी का पहिया ट्रैक की पीली या सफेद बाउंड्री लाइन को थोड़ा सा भी छू लेता है, तो कंप्यूटर सिस्टम आपको तुरंत फेल कर देता है।
  • बुनियादी नियम भूल जाना: घबराहट या कम तैयारी के कारण लोग अक्सर मुड़ते समय इंडिकेटर देना भूल जाते हैं, या फिर सीटबेल्ट और हेलमेट की स्ट्रैप लगाना ही छोड़ देते हैं।

पहली बार में पास होने के काम के टिप्स


  • अप्लाई करने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, वोटर आईडी या एड्रेस प्रूफ को अच्छी तरह दोबारा जांच लें।
  • टेस्ट देने जाने से पहले किसी खाली मैदान या ड्राइविंग स्कूल में गाड़ी को '8' और 'H' के पैटर्न पर चलाने की अच्छी तरह प्रैक्टिस कर लें।
  • टेस्ट के दौरान पूरी तरह शांत रहें। सीटबेल्ट लगाना, हेलमेट पहनना, इंडिकेटर का इस्तेमाल करना और ट्रैक पर लगे ट्रैफिक सिग्नल्स का पालन करना बिल्कुल न भूलें।






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