खाद, ईंधन और एलपीजी को लेकर सरकार का बड़ा बयान, देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार पर काफी असर डाला है, जिसमें भारतीय तेल बाजार भी शामिल है। वैश्विक तेल बाजार में आई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने विभिन्न देशों और वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए दोहराया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
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एक बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों ने जरूरी चीजों की उपलब्धता, ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। सरकार ने साफ किया कि देश में जरूरी सामान का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई सिस्टम सुचारू रूप से चल रहा है।

खाद का 197.56 लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध



सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए खाद (फर्टिलाइज़र) के क्षेत्र में जरूरी तैयारियां कर ली हैं। खरीफ 2026 के दौरान खाद की अनुमानित जरूरत लगभग 383.9 लाख मीट्रिक टन है, जबकि वर्तमान में 197.56 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है।

सरकार ने बताया कि देश में घरेलू उत्पादन और आयात दोनों सामान्य रूप से जारी हैं, इसलिए किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।


भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध



पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार, भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है। सरकार ने यह भी बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर लगभग ₹700 प्रति सिलेंडर का घाटा (अंडर-रिकवरी) हो रहा है।

इसके बावजूद, उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जबकि इसकी वास्तविक लागत ₹1,600 से अधिक है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत जारी रहेगी



इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत जारी रहेगी। सरकार ने साफ किया है कि उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले परिवारों को प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी दी जाती रहेगी, जो अधिकतम चार सिलेंडरों तक उपलब्ध होगी। इससे देश के करोड़ों परिवारों को घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद है।