'अमित शाह का फोन आया सारी नैतिकता खत्म..', TMC में बगावत पर भड़कीं सांसद सागरिका घोष, बोलीं- जनादेश किसलिए था?
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद टीएमसी से मुंह फेरने वालों की नैतिकता पर सवाल उठाया है और सियासी दल-बदल को शर्मनाक कहा है।
खुद मेन स्ट्रीम पत्रकारिता से सीधे एक राजनीतिक दल में शामिल होकर राज्यसभा में पहुंचने वाली सागरिका घोष को लग रहा है कि टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले विधायक और सांसद अनैतिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक लंबा पोस्ट डालकर ऐसे टीएमसी नेताओं के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश की है।

'मोदी और बीजेपी के खिलाफ राजनीति में आई'
टीएमसी राज्यसभा सांसद ने लिखा है, '2024 में मेरे लिए पर्सनल पॉलिटिकल बन गया। सार्वजनिक जीवन में मैंने इसलिए कदम रखा, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी भारत के बहुमूल्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर रही है और संविधान-विरोधी, सांप्रदायिक विचारधारा वाली मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी धार्मिक युद्ध भड़काने में लगी हुई है और इसके खिलाफ विपक्ष के संवैधानिक लड़ाई में मेरा भरोसा है।'
'अगर आपकी प्रतिबद्धता चुनाव परिणाम से बदल जाती है...'
बागियों ने 20 लोकसभा सांसदों के समर्थन का किया दावा
दरअसल, पश्चिम बंगाल में टीएमसी के करीब 60 विधायकों के अलग गुट बनाने के बाद लोकसभा के सांसदों के बड़े गुट ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का ऐलान कर दिया है। टीएमसी के इन सांसदों की बैठक बीजेपी नेता ओर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर हुई। टीएमसी के बागी सांसदों की अगुवाई कर रहीं काकोली घोष दस्तीकार ने सोमवार को दावा किया, 'लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को कुल 20 टीएमसी सांसदों ने औपचारिक चिट्ठी लिखी, जिसमें एनडीए को समर्थन देने की बात कही गई,यह पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय संसदीय परिदृश्य में प्रभावशाली बदलाव है।'
खुद मेन स्ट्रीम पत्रकारिता से सीधे एक राजनीतिक दल में शामिल होकर राज्यसभा में पहुंचने वाली सागरिका घोष को लग रहा है कि टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले विधायक और सांसद अनैतिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक लंबा पोस्ट डालकर ऐसे टीएमसी नेताओं के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और उन्हें नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश की है।
'मोदी और बीजेपी के खिलाफ राजनीति में आई'
टीएमसी राज्यसभा सांसद ने लिखा है, '2024 में मेरे लिए पर्सनल पॉलिटिकल बन गया। सार्वजनिक जीवन में मैंने इसलिए कदम रखा, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी भारत के बहुमूल्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर रही है और संविधान-विरोधी, सांप्रदायिक विचारधारा वाली मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी धार्मिक युद्ध भड़काने में लगी हुई है और इसके खिलाफ विपक्ष के संवैधानिक लड़ाई में मेरा भरोसा है।'
'अगर आपकी प्रतिबद्धता चुनाव परिणाम से बदल जाती है...'
- सागरिका घोष ने आगे लिखा है,'ममता बनर्जी के असाधारण नेतृत्व में मेरा विश्वास था, विश्वास है और हमेशा विश्वास रहेगा,अपनी अटूट हिम्मत और मूल्य आधारित राजनीति की वजह से वो सभी महिलाओं और वास्तव में सभी नागरिकों के लिए प्रेरणा हैं।'
- 'एक पार्टी चिन्ह और एक खास नेतृत्व के नाम के नीचे जीतना और जैसे ही नेता को हार का सामना करना पड़ता है, उस नेता और पार्टी को छोड़ देने वाली संस्कृति मुझे विचित्र लगती है।'
- 'अगर आपकी प्रतिबद्धता चुनाव परिणाम से बदल जाती है, तो क्या कभी प्रतिबद्धता थी भी?'
बागियों ने 20 लोकसभा सांसदों के समर्थन का किया दावा
दरअसल, पश्चिम बंगाल में टीएमसी के करीब 60 विधायकों के अलग गुट बनाने के बाद लोकसभा के सांसदों के बड़े गुट ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का ऐलान कर दिया है। टीएमसी के इन सांसदों की बैठक बीजेपी नेता ओर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर हुई। टीएमसी के बागी सांसदों की अगुवाई कर रहीं काकोली घोष दस्तीकार ने सोमवार को दावा किया, 'लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को कुल 20 टीएमसी सांसदों ने औपचारिक चिट्ठी लिखी, जिसमें एनडीए को समर्थन देने की बात कही गई,यह पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय संसदीय परिदृश्य में प्रभावशाली बदलाव है।'
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