राज्यसभा चुनाव में BJP ने कैसे विपक्षी दलों को मुश्किल में डाला, इन दो राज्यों की है अधिक चर्चा
नई दिल्ली: राज्यसभा में 12 राज्यों से खाली हो रही 26 सीटों पर चुनाव और उपचुनाव 18 जून को होने जा रहा है। इस चुनाव से पहले अब जोड़-तोड़ का सियासी खेल भी शुरू हो गया है। विपक्ष जहां अपनी रणनीति तय करने में जुट गया है तो वहीं बीजेपी लगातार एक से बढ़कर एक दांव खेलने में जुट गई है। एनडीए राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए हर सियासी चाल को चलने के लिए तैयार हो गई है। मध्य प्रदेश और झारखंड में बीजेपी ने नया दांव चल दिया है जिससे विपक्षी दलों में खलबली मच गई है।

बीजेपी विपक्ष के असंतुष्ट या बागी विधायकों को अपने पाले में करने में भी जुट गई है। बीजेपी को विपक्षी दलों में अंदरूनी कलह का फायदा भी मिलने की उम्मीद है। तो चलिए जानते हैं कैसे बीजेपी राज्यसभा चुनाव में विपक्षी दलों का खेल बिगाड़ने जा रही है।
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने चला बड़ा दांवइसी क्रम में अब बीजेपी ने मध्य प्रदेश में पहला दांव चला है जिसने कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दरअसल, बीजेपी ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के सामने अचानक तीसरा उम्मीदवार महेश केवट को उतार दिया है। जिससे अब कांटे का मुकाबला लग रहा है। इस मामले में अब कांग्रेस, बीजेपी पर हमलावर हो गई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन 8-10 विधायकों की कमी होने के बावजूद उन्होंने हमारी महिला उम्मीदवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। वे किसी भी तरह से विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है।
मध्य प्रदेश में विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने की तैयारी में कांग्रेसअब खबर ये भी आ रही है कि राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक भी शिफ्ट कर सकती है। बताया जा रहा है कि बीजेपी द्वारा राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारने के बाद से कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। पार्टी आलाकमान अब किसी तरह का रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि प्राइवेट जेट से इन विधायकों को कर्नाटक भेजा जा सकता है।
मध्य प्रदेश में क्या है सीटों का समीकरण230 सदस्यों वाली विधानसभा में 164 विधायकों के साथ BJP दो सीटें आसानी से जीत सकती है। जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 58 वोटों की जरूरत होती है, इसलिए केवट को अतिरिक्त वोटों, क्रॉस-वोटिंग या वोटिंग से दूर रहने वाले सदस्यों पर निर्भर रहना होगा। इस संभावना ने कांग्रेस को अलर्ट कर दिया है।
कांग्रेस नेता का आरोप- बीजेपी 5 से 10 करोड़ रुपये की पेशकश कर रहीराज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने आरोप लगाया कि BJP अपने उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए विधायकों को 5 से 10 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है, हालांकि, BJP ने इस आरोप से इनकार किया है।
झारखंड में भी बीजेपी की नई चालझारखंड में भी बीजेपी ने सियासी दांव चल दिया है। गुजरात के कारोबारी और आंध्र प्रदेश के राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी की अब झारखंड की सियासत में एंट्री हो गई है। परिमल नाथवानी को अब NDA ने झारखंड राज्यसभा चुनावल के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दिया है। इसके बाद से झारखंड में चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है।
झारखंड की 2 सीटों पर अब 3 उम्मीदवारझारखंड की 2 सीटों पर अब 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। हेमंत सोरेन ने अपनी पार्टी JMM की ओर से दलित चेहरे बैद्यनाथ राम को चुना है। वहीं, कांग्रेस के प्रणव झा भी चुनावी मैदान में उतर गए हैं। इसी के साथ अब एनडीए ने निर्दलीय परिमल नाथवानी को समर्थन देकर इस चुनाव का रंग बदल दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या NDA समर्थित उम्मीदवार, विपक्षी गठबंधन की संख्या और जीत के लिए जरूरी वोटों के बीच के अंतर को पाट पाएंगे?
राजस्थान में सस्पेंस खत्मराजस्थान में सस्पेंस खत्म हो गया है। तीन खाली सीटों के लिए सिर्फ तीन उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन फाइल किया, जिससे बिना किसी मुकाबले के चुनाव का रास्ता साफ हो गया। बीजेपी ने राज्य के पूर्व प्रमुख सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस ने मौजूदा सांसद नीरज डांगी को फिर से नॉमिनेट किया। अगर जांच-पड़ताल में कोई चौंकाने वाली बात सामने नहीं आती है, तो नॉमिनेशन की जांच के बाद तीनों को चुना हुआ घोषित कर दिया जाएगा।
गुजरात में भी राह आसानगुजरात में बीजेपी की राह आसान होती नहीं दिख रही है। बीजेपी के चारों उम्मीदवार राजू शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध जीत की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस इस दौड़ से बाहर रही।
बीजेपी विपक्ष के असंतुष्ट या बागी विधायकों को अपने पाले में करने में भी जुट गई है। बीजेपी को विपक्षी दलों में अंदरूनी कलह का फायदा भी मिलने की उम्मीद है। तो चलिए जानते हैं कैसे बीजेपी राज्यसभा चुनाव में विपक्षी दलों का खेल बिगाड़ने जा रही है।
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने चला बड़ा दांवइसी क्रम में अब बीजेपी ने मध्य प्रदेश में पहला दांव चला है जिसने कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दरअसल, बीजेपी ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के सामने अचानक तीसरा उम्मीदवार महेश केवट को उतार दिया है। जिससे अब कांटे का मुकाबला लग रहा है। इस मामले में अब कांग्रेस, बीजेपी पर हमलावर हो गई है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन 8-10 विधायकों की कमी होने के बावजूद उन्होंने हमारी महिला उम्मीदवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। वे किसी भी तरह से विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है।
मध्य प्रदेश में विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने की तैयारी में कांग्रेसअब खबर ये भी आ रही है कि राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक भी शिफ्ट कर सकती है। बताया जा रहा है कि बीजेपी द्वारा राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारने के बाद से कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। पार्टी आलाकमान अब किसी तरह का रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि प्राइवेट जेट से इन विधायकों को कर्नाटक भेजा जा सकता है।
मध्य प्रदेश में क्या है सीटों का समीकरण230 सदस्यों वाली विधानसभा में 164 विधायकों के साथ BJP दो सीटें आसानी से जीत सकती है। जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 58 वोटों की जरूरत होती है, इसलिए केवट को अतिरिक्त वोटों, क्रॉस-वोटिंग या वोटिंग से दूर रहने वाले सदस्यों पर निर्भर रहना होगा। इस संभावना ने कांग्रेस को अलर्ट कर दिया है।
कांग्रेस नेता का आरोप- बीजेपी 5 से 10 करोड़ रुपये की पेशकश कर रहीराज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने आरोप लगाया कि BJP अपने उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए विधायकों को 5 से 10 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है, हालांकि, BJP ने इस आरोप से इनकार किया है।
झारखंड में भी बीजेपी की नई चालझारखंड में भी बीजेपी ने सियासी दांव चल दिया है। गुजरात के कारोबारी और आंध्र प्रदेश के राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी की अब झारखंड की सियासत में एंट्री हो गई है। परिमल नाथवानी को अब NDA ने झारखंड राज्यसभा चुनावल के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दिया है। इसके बाद से झारखंड में चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है।
झारखंड की 2 सीटों पर अब 3 उम्मीदवारझारखंड की 2 सीटों पर अब 3 उम्मीदवार मैदान में हैं। हेमंत सोरेन ने अपनी पार्टी JMM की ओर से दलित चेहरे बैद्यनाथ राम को चुना है। वहीं, कांग्रेस के प्रणव झा भी चुनावी मैदान में उतर गए हैं। इसी के साथ अब एनडीए ने निर्दलीय परिमल नाथवानी को समर्थन देकर इस चुनाव का रंग बदल दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या NDA समर्थित उम्मीदवार, विपक्षी गठबंधन की संख्या और जीत के लिए जरूरी वोटों के बीच के अंतर को पाट पाएंगे?
राजस्थान में सस्पेंस खत्मराजस्थान में सस्पेंस खत्म हो गया है। तीन खाली सीटों के लिए सिर्फ तीन उम्मीदवारों ने नॉमिनेशन फाइल किया, जिससे बिना किसी मुकाबले के चुनाव का रास्ता साफ हो गया। बीजेपी ने राज्य के पूर्व प्रमुख सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को मैदान में उतारा, जबकि कांग्रेस ने मौजूदा सांसद नीरज डांगी को फिर से नॉमिनेट किया। अगर जांच-पड़ताल में कोई चौंकाने वाली बात सामने नहीं आती है, तो नॉमिनेशन की जांच के बाद तीनों को चुना हुआ घोषित कर दिया जाएगा।
गुजरात में भी राह आसानगुजरात में बीजेपी की राह आसान होती नहीं दिख रही है। बीजेपी के चारों उम्मीदवार राजू शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध जीत की ओर बढ़ रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस इस दौड़ से बाहर रही।
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