रोजाना खाना पकाने को आसान और सेहतमंद कैसे बनाएं? जानिए रसोई के स्मार्ट घरेलू विकल्प

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आसान और सेहतमंद खाना पकाने के स्मार्ट विकल्प: आजकल के दौर में हर कोई खुद को फिट और सेहतमंद रखना चाहता है। इसके लिए लोग अक्सर अपनी पसंदीदा चीजें खाना छोड़ देते हैं या फिर बेस्वाद उबला हुआ खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन सेहतमंद रहने का मतलब भूखे रहना या बेस्वाद खाना बिल्कुल नहीं है। अगर हम अपने रोज के भोजन को बनाते समय कुछ साधारण चीजों की जगह ज्यादा पौष्टिक चीजों का इस्तेमाल शुरू कर दें, तो हमारा खाना बिना स्वाद खोए सेहत का खजाना बन सकता है। रसोई में किए गए छोटे-छोटे बदलाव हमारे पूरे परिवार को लंबी बीमारियों से बचा सकते हैं और दैनिक पोषण को बढ़ा सकते हैं।
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सफेद चीनी की जगह अपनाएं गुड़ या धागे वाली मिश्री

हमारे घरों में चाय से लेकर मिठाइयों तक में सफेद चीनी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। सफेद चीनी सेहत के लिए बेहद हानिकारक मानी जाती है क्योंकि इसे साफ करने के लिए रसायनों का प्रयोग किया जाता है। इसकी जगह आप कुकिंग में गुड़, देसी खांड या धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। गुड़ में प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो शरीर में खून की कमी को पूरा करता है और पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाता है। खीर, हलवा या मीठी डिशेज में गुड़ मिलाने से उनका स्वाद और खुशबू दोनों कई गुना बढ़ जाते हैं।

मैदे को कहें अलविदा और चुनें रागी या सूजी

सफेद मैदा हमारे पेट के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है क्योंकि इसमें फाइबर बिल्कुल नहीं होता और यह आंतों में चिपक जाता है। जब भी आप घर पर पूरी, पराठा या कोई नमकीन स्नैक बनाएं, तो मैदे की जगह गेहूं के आटे, सूजी या रागी के आटे का प्रयोग करें। रागी में कैल्शियम और फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। यदि आप बच्चों के लिए चीला या पैनकेक बना रहे हैं, तो सूजी और ओट्स के पाउडर का मिश्रण एक बेहतरीन और हल्का विकल्प साबित हो सकता है।

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साधारण रिफाइंड तेल के बदले सरसों या नारियल तेल

बाजार में मिलने वाले अत्यधिक प्रोसेस्ड रिफाइंड तेल सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। रोज की कुकिंग में इसकी जगह कच्ची घानी सरसों का तेल, मूंगफली का तेल या शुद्ध नारियल तेल का इस्तेमाल करना एक समझदारी भरा फैसला है। इन तेलों को पारंपरिक तरीके से निकाला जाता है, जिससे इनके प्राकृतिक गुण और पोषक तत्व नष्ट नहीं होते। सरसों का तेल हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है और यह खाने को एक बेहतरीन पारंपरिक स्वाद भी देता है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों के लिए नारियल तेल सबसे उत्तम है।

सफेद नमक को बदलकर अपनाएं शुद्ध सेंधा नमक

हम जो साधारण आयोडीन वाला सफेद नमक खाते हैं, वह रक्तचाप बढ़ाने और शरीर में पानी रोकने की समस्या पैदा कर सकता है। इसके एक आसान विकल्प के रूप में आप रसोई में सेंधा नमक का उपयोग शुरू कर सकते हैं। सेंधा नमक पूरी तरह से प्राकृतिक होता है और इसमें कई तरह के जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर के रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करते हैं। यह पाचन क्रिया को भी शांत रखता है और पेट फूलने की समस्या को कम करता है। इसके हल्के स्वाद से भोजन की पौष्टिकता बनी रहती है।


सफेद चावल की जगह खाएं भूरे चावल या दलिया

सफेद चावल खाने में भले ही स्वादिष्ट लगते हों, लेकिन पॉलिश होने के कारण इनके सारे जरूरी विटामिन्स निकल जाते हैं। अगर आप चावल के शौकीन हैं, तो सफेद चावल की जगह भूरे चावल यानी ब्राउन राइस का इस्तेमाल करें। इसके अलावा दोपहर या रात के भोजन में आप जौ या गेहूं के दलिए की खिचड़ी भी बना सकते हैं। दलिए में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो वजन को नियंत्रित रखने और शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखने में बहुत मददगार होता है। यह पचने में भी बहुत हल्का और आसान होता है।



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