क्या आपके इंस्टेंट नूडल्स हैं नकली? ऐसे करें असली और मिलावटी नूडल्स की पहचान

मिलावटी इंस्टेंट नूडल्स की पहचान कैसे करें: आज के समय में इंस्टेंट नूडल्स हर घर की पसंद बन चुके हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, भूख लगने पर सबसे पहले नूsडल्स का ही ख्याल आता है क्योंकि यह जल्दी और आसानी से बन जाते हैं। लेकिन बाजार में इनकी बढ़ती मांग के कारण अब मिलावट और नकली सामान का खतरा भी बहुत बढ़ गया है। कई बार इनमें खराब मैदा, जरूरत से ज्यादा केमिकल और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले घटिया रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। यह मिलावटी नूडल्स हमारे पेट और पूरे स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए सेहतमंद रहने के लिए हमें जागरूक होना बेहद जरूरी है।
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पैकेट और उसकी कीमत पर ध्यान दें

नकली या मिलावटी नूडल्स की पहचान करने का सबसे पहला कदम दुकान पर ही शुरू हो जाता है। जब भी आप नूडल्स खरीदें, तो उसके पैकेट को बहुत ध्यान से देखें। जो कंपनियां नकली सामान बनाती हैं, उनके पैकेट की छपाई अक्सर धुंधली होती है या फिर ब्रांड के नाम की स्पेलिंग में कोई न कोई गलती होती है। पैकेट की सील को भी अच्छे से जांचें। अगर पैकेट की सील ढीली है या उसमें हवा नहीं भरी है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। इसके अलावा अगर कोई दुकानदार आपको बहुत ज्यादा कम कीमत पर नूडल्स दे रहा है, तो सतर्क हो जाएं।

सूखे नूडल्स के रंग और गंध को जांचें

पैकेट खोलने के बाद नूडल्स को पकाने से पहले एक बार उसे करीब से जरूर देखें। अच्छे और शुद्ध नूडल्स का रंग हल्का सफेद या क्रीम जैसा होता है। अगर नूडल्स का रंग बहुत ज्यादा सफेद चमक रहा है, तो इसका मतलब है कि मैदे को साफ करने के लिए भारी मात्रा में केमिकल ब्लीच का इस्तेमाल किया गया है। नूडल्स के टुकड़ों के बीच में काले या हरे रंग के धब्बे भी नहीं होने चाहिए, क्योंकि यह फंगस या नमी की निशानी होते हैं। इसके साथ ही सूखे नूडल्स को सूंघकर देखें, अगर उसमें से पुराने या खराब तेल की बदबू आ रही है, तो वह सेहत के लिए खतरनाक है।


उबालते समय पानी के रंग पर नजर रखें

जब आप नूडल्स को उबलते हुए पानी में डालते हैं, तब भी आप उसकी शुद्धता की जांच कर सकते हैं। नूडल्स डालने के बाद अगर बर्तन का पानी बहुत ज्यादा गाढ़ा, चिपचिपा या बिल्कुल दूध जैसा सफेद हो जाता है, तो यह इस बात का संकेत है कि नूडल्स में जरूरत से ज्यादा खराब स्टार्च या मैदा रोकने वाले केमिकल मिलाए गए हैं। इसके अलावा पकाने के बाद नूडल्स का लचीलापन भी मायने रखता है। अगर नूडल्स पानी में जाते ही तुरंत गलकर हलवा बन जाते हैं, या फिर बहुत देर उबालने के बाद भी प्लास्टिक की तरह कड़े रहते हैं, तो उनमें मिलावट की पूरी संभावना होती है।

मसाले के पाउच की जांच करना जरूरी

नूडल्स के साथ मिलने वाला स्वाद बढ़ाने वाला मसाला सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली चीज है। मसाले के छोटे पैकेट को खोलकर उसे किसी सूखी प्लेट में निकालें। मसाला बिल्कुल पाउडर की तरह सूखा और बिखरा हुआ होना चाहिए। अगर मसाला आपस में चिपककर एक सख्त रोड़ी या पत्थर जैसा बन गया है, तो इसका मतलब है कि पैकेट के अंदर नमी जा चुकी है और उसमें बैक्टीरिया पनप चुके हैं। मसाले का रंग भी बहुत ज्यादा गहरा या चमकीला लाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह कृत्रिम रंगों की मिलावट को दर्शाता है।


खाने के बाद शरीर के संकेतों को समझें

कई बार मिलावट की पहचान नूडल्स खाने के बाद हमारे शरीर में होने वाले बदलावों से भी होती है। अगर किसी खास ब्रांड के नूडल्स खाने के बाद आपको बहुत ज्यादा प्यास लगती है, गले में जलन महसूस होती है, या फिर सिर में भारीपन और पेट में दर्द होने लगता है, तो समझ जाएं कि उस नूडल्स में तय मात्रा से कहीं ज्यादा अजीनोमोटो और नमक का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे नूडल्स को दोबारा खाने से बचें। अपनी रसोई में हमेशा नूडल्स को पहली बार उबालकर उसका पानी फेंक दें और फिर दोबारा साफ पानी में मसाला डालकर पकाएं, जिससे ऊपरी केमिकल साफ हो जाएं।