प्रेग्नेंसी में आम खाना सुरक्षित है या नहीं? एक्सपर्ट ने जो बताया वो हर प्रेग्नेंट महिला को जानना चाहिए

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आमतौर पर गर्मी के मौसम में आम खाना लोगों को बहुत पसंद होता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि उन्हें आम खाना चाहिए या नहीं। इस मामले में डॉ. श्वेता Mendiratta, डायरेक्टर एवं यूनिट हेड प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग, यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बताती हैं कि सही तरीके से और सही मात्रा में सेवन करने पर आम प्रेग्‍नेंसी में एक हेल्दी ऑप्शन हो सकता है। वे बताती हैं कि आम में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
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(सभी तस्‍वीरें-सांकेत‍िक हैं)
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आम विटामिन A से भरपूर होता है, जो गर्भ में पल रहे बच्चे की आंखों, त्वचा और अन्य अंगों के विकास में सहायक माना जाता है। वहीं, इसमें मौजूद विटामिन C मां की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही यह शरीर में आयरन के बेहतर अवशोषण में भी सहायक होता है, जिससे प्रेग्नेंसी के दौरान एनीमिया के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।Image-Istock
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आम में फोलेट भी पाया जाता है, जो प्रेग्नेंसी के शुरुआती दौर में बच्चे में होने वाले न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स के जोखिम को कम करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है। वहीं, आम में मौजूद नेचुरल शुगर और फाइबर शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ डाइजेशन को बेहतर बनाए रखने में भी सहायक होते हैं। Image-Istock
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आम में मौजूद प्राकृतिक शर्करा जैसे फ्रक्टोज, ग्लूकोज और सुक्रोज शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं। खास बात यह है कि ये प्रोसेस्ड शुगर की तुलना में ज्यादा प्राकृतिक स्रोत माने जाते हैं। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज से पीड़ित या उसके जोखिम वाली महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि आम ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकता है। Image-freepik
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कुछ दुर्लभ मामलों में आम खाने से एलर्जी या एसिडिटी की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में खुजली, सूजन, पेट में जलन या सीने में जलन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर गर्भवती महिला को पहले से डायबिटीज है, बार-बार एसिडिटी की शिकायत रहती है या आम खाने को लेकर किसी तरह की उलझन है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। इससे यह तय करने में मदद मिलती है कि आम की कितनी मात्रा और किस तरह सेवन करना उनके लिए सही रहेगा। Image-Istock
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प्रेग्नेंसी के दौरान आम को ताजे कटे हुए टुकड़ों, सलाद या बिना चीनी वाली स्मूदी के रूप में खाएं। साथ ही हमेशा साफ, ताजे और सही तरीके से स्टोर किए गए फलों को ही अपनी डाइट में शामिल करें। Image-Istock