फ्लेमिंगो एक पैर पर क्यों खड़े होते हैं? वैज्ञानिकों ने सालों पुरानी इस अनोखी पहेली से उठाया पर्दा

राजहंस के एक पैर पर खड़े रहने का रहस्य: दुनिया में कई ऐसे जीव-जंतु हैं जिनका व्यवहार इंसानों को हैरान कर देता है। इन्हीं में से एक बेहद खूबसूरत और आकर्षक पक्षी है राजहंस, जिसे अंग्रेजी में फ्लेमिंगो भी कहा जाता है। गुलाबी पंखों वाले इस पक्षी को अक्सर नदी या झीलों के किनारे घंटों तक केवल एक पैर पर खड़े देखा जाता है। लोग हमेशा यह सोचते हैं कि आखिर कोई पक्षी बिना गिरे या बिना थके एक पैर पर इतनी देर कैसे संतुलन बना सकता है। सालों से यह बात एक पहेली बनी हुई थी, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने अपनी नई रिसर्च में इसके पीछे के कई दिलचस्प और वैज्ञानिक कारणों का पता लगा लिया है।
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शरीर की ऊर्जा और ताकत बचाना है मुख्य वजह

वैज्ञानिकों की हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि राजहंस का एक पैर पर खड़ा होना उनकी शारीरिक ऊर्जा बचाने का एक बेहतरीन तरीका है। जब हम इंसान एक पैर पर खड़े होते हैं, तो हमारी मांसपेशियों पर बहुत दबाव पड़ता है और हम जल्दी थक जाते हैं। लेकिन राजहंस के शरीर की बनावट इंसानों से बिल्कुल अलग होती है। जब वे अपने एक पैर को समेटकर खड़े होते हैं, तो उनके पैर की हड्डियां और जोड़ एक विशेष जगह पर जाकर अपने आप लॉक हो जाते हैं। इस स्थिति में खड़े होने के लिए उन्हें अपनी मांसपेशियों की ताकत का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना पड़ता है।


ठंडे पानी में शरीर का तापमान नियंत्रित करना

राजहंस अपना ज्यादातर समय उथले पानी या झीलों के किनारे बिताते हैं, जहां वे अपना भोजन तलाशते हैं। पानी में लगातार खड़े रहने के कारण उनके शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है। अपने शरीर की गर्मी को बनाए रखने के लिए वे एक पैर को पानी से बाहर निकालकर अपने पंखों के पास सिकोड़ लेते हैं। चूंकि पक्षियों के पैरों से बहुत जल्दी गर्मी बाहर निकलती है, इसलिए एक पैर को पानी से बाहर रखने से उनके शरीर का तापमान संतुलित रहता है। जब पानी में डूबा हुआ पैर ज्यादा ठंडा हो जाता है, तो वे उसे ऊपर कर लेते हैं और दूसरे पैर को नीचे कर देते हैं।



बिना किसी दिमागी मेहनत के संतुलन बनाना

अटलांटा के वैज्ञानिकों ने राजहंस के कंकाल और उनके खड़े होने के तरीके पर एक गहरा अध्ययन किया था। इस अध्ययन में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि राजहंस बिना किसी दिमागी प्रयास के भी एक पैर पर अपना पूरा संतुलन बना सकते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि मरे हुए राजहंस के शरीर को भी अगर एक पैर पर खड़ा किया जाए, तो वह बिना किसी सहारे के सीधे खड़े रह सकते हैं। इसका मतलब यह है कि एक पैर पर टिके रहने के लिए उन्हें किसी तरह की दिमागी मेहनत या शारीरिक संतुलन बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, यह उनके शरीर की स्वाभाविक बनावट का हिस्सा है।


सोते समय भी एक पैर पर रहने की आदत

यह बात और भी हैरान करने वाली है कि राजहंस जब गहरी नींद में सो रहे होते हैं, तब भी वे एक पैर पर ही टिके रहते हैं। सोते समय उनका शरीर जरा भी नहीं डगमगाता। वैज्ञानिकों का मानना है कि चूंकि इस मुद्रा में उनके शरीर की ऊर्जा की खपत सबसे कम होती है, इसलिए सोते समय यह स्थिति उनके लिए सबसे ज्यादा आरामदायक होती है। एक पैर पर खड़े होने के कारण वे अपने दुश्मनों और शिकारियों से भी खुद को सुरक्षित रख पाते हैं, क्योंकि वे इस मुद्रा से बहुत तेजी से उड़ने की स्थिति में आ सकते हैं।



भोजन की तलाश में मिलती है बड़ी मदद

पक्षी विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि एक पैर पर खड़े होने से राजहंस को पानी में अपना शिकार पकड़ने में मदद मिलती है। जब वे पानी में दो पैरों के बजाय सिर्फ एक पैर पर खड़े होते हैं, तो पानी के अंदर हलचल बहुत कम होती है। इससे पानी में रहने वाले छोटे कीड़े-मकोड़े और मछलियां उनके पैर को कोई पेड़ या लकड़ी का तना समझ लेती हैं और बिना डरे उनके पास आ जाती हैं। जैसे ही शिकार पास आता है, राजहंस अपनी लंबी गर्दन की मदद से उसे तुरंत पकड़ लेते हैं। इस तरह उनका यह अनोखा व्यवहार उनके जीवन को आसान बनाता है।