गज़ा में फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री के काफ़िले पर हमला

|Wed Mar 14 03:34:52 IST 2018
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गज़ा में फ़लस्तीन प्रशासन के प्रधानमंत्री रमी हमदुल्लाह के काफ़िले को निशाना बनाकर हमला किया गया, प्रधानमंत्री इस हमले में सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे हैं.

हालांकि इस हमले में उनके कई सुरक्षाकर्मी घायल हो हुए, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है इस हमले के ज़रिए प्रधानमंत्री की हत्या करने की कोशिश की गई. उनका मानना है कि गज़ा में प्रभुत्व रखने वाला हमास इसके लिए ज़िम्मेदार हो सकता है.

हमास का कहना है कि यह हमला गज़ा की सुरक्षा व्यवस्था की छवि खराब करने की कोशिश थी.

हमास और राष्ट्रपति के बीच टकराव

साल 2007 में हुई हिंसा के बाद हमास और राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच टकराव बढ़ गया था और तभी से गज़ा और वेस्ट बैंक में रहने वाले फ़लस्तीनी नागरिकों पर हमास और राष्ट्रपति महमूद अब्बास अलग-अलग नेतृत्व कर रहे हैं.

पिछले साल हमास ने अपने अधिकार वाले क्षेत्र में हुए संसदीय चुनावों में जीत दर्ज कर गज़ा में अपनी स्थिति मज़बूत कर ली थी.

उसके बाद पिछले साल अक्टूबर में हमास और फतह के बीच एक सुलह समझौता हुआ जिसमें हमास ने गज़ा का प्रशासन फतह के हाथों में सौंपने पर रजामंदी जताई थी लेकिन बाद में इस समझौते को पूर्ण रूप से लागू करने में कई तरह के विवाद पैदा हो गए.

फ़लस्तीन के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस हमले में प्रधानमंत्री हमदुल्लाह के साथ-साथ खूफ़िया विभाग के प्रमुख मजेद फ़राज को भी निशाना बनाया गया था.

हमले की शिकार हुई काफ़िले में शामिल गाड़ियां हमास ने भी की हमले की निंदा

इस हमले में काफ़िले में शामिल तीन गाड़ियां धमाके की शिकार हुईं.

हमले के कुछ देर बाद ही प्रधानमंत्री हमदुल्लाह ने गज़ा में एक वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया और कहा कि वे सुलह की कोशिशें करते रहेंगे.

उन्होंने कहा, ''इस तरह के धमाके हमें गज़ा आने से नहीं रोक सकते, हम राष्ट्र को एकजुट करने का प्रयास करते रहेंगे.''

राष्ट्रपति अब्बास ने इस हमले की निंदा की और कहा कि यह हमला फ़लिस्तीनी नागरिकों की आज़ादी हासिल करने के अधिकारों को कुचलने का प्रयास है.

वहीं हमास ने भी इस हमले की निंदा की है औऱ उन्होंने इसकी जांच भी शुरू कर दी है.

हमास के प्रवक्ता फ़वज़ी बरहोम ने कहा कि यह हमला करने वाले वही लोग हैं जिन्होंने पिछले साल हमास की सैन्य शाखा के कमांडर माज़ेन फ़क़हा की हत्या की थी.

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