Car Buying Guide 2026: कैश में कार खरीदें या लोन पर? जानें कहाँ होगा आपका असली फायदा
आज के दौर में कार केवल एक लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन गई है। ऑफिस जाना हो या बच्चों को स्कूल छोड़ना, अपनी गाड़ी होने से सुविधा और समय दोनों की बचत होती है। लेकिन जब कार खरीदने का वक्त आता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या पूरी रकम एक साथ (कैश) दे दी जाए या लोन लेकर EMI का रास्ता चुना जाए?
कैश में खरीदें या लोन लें: एक तुलना
मान लीजिए आप 15 लाख रुपये की कार खरीदना चाहते हैं और आपके पास उतनी बचत मौजूद है। आपके पास दो रास्ते हैं: पहला यह कि पूरी रकम कैश में देकर टेंशन फ्री हो जाएं, और दूसरा यह कि लोन लेकर अपनी बचत को कहीं निवेश करें। पहली नजर में कैश देना आसान लगता है क्योंकि आपको हर महीने किस्त की चिंता नहीं होगी, लेकिन क्या वित्तीय रूप से यह सही फैसला है?
लोन लेने के फायदे और गणित
अगर आप 15 लाख रुपये का लोन 9 प्रतिशत की ब्याज दर पर 5 साल के लिए लेते हैं, तो आपकी मासिक EMI लगभग 31,138 रुपये होगी। 5 साल में आप कुल 18,68,252 रुपये का भुगतान करेंगे, जिसमें करीब 3.68 लाख रुपये सिर्फ ब्याज होगा। आपकी ब्याज दर आपके सिबिल स्कोर पर भी निर्भर करती है।
कैश में खरीदने का असली गणित
यदि आप 15 लाख रुपये सीधे कार खरीदने में लगा देते हैं, तो आप EMI से तो बच जाएंगे। लेकिन सोचिए, अगर वही 15 लाख रुपये आप 5 साल के लिए FD में 6.75 प्रतिशत की दर से रखते, तो वह राशि बढ़कर लगभग 20.95 लाख रुपये हो जाती। यानी कैश में गाड़ी खरीदने पर आप करीब 5.95 लाख रुपये का संभावित मुनाफा छोड़ रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय: स्मार्ट निवेश है जरूरी
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल क्लास अक्सर यह गलती करता है कि वे EMI से बचने के चक्कर में अपनी पूरी लिक्विडिटी (नकद पूंजी) खत्म कर देते हैं। कार एक ऐसी संपत्ति है जिसकी कीमत समय के साथ घटती है। 5 साल बाद 15 लाख की कार की वैल्यू शायद 7 लाख ही रह जाए।
बेहतर तरीका यह है कि आप स्मार्ट प्लानिंग करें। उदाहरण के तौर पर, 15 लाख की कार के लिए 5 लाख रुपये डाउन पेमेंट दें और बाकी 10 लाख का लोन लें। बचे हुए 10 लाख रुपये को किसी अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करें। अगर आपको वहां 12 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है, तो 5 साल में आपके 10 लाख रुपये बढ़कर 17.6 लाख रुपये हो सकते हैं। लोन का ब्याज चुकाने के बाद भी आप फायदे में रहेंगे।
फैसला आपका: सुकून या मुनाफा?
अगर आप मानसिक शांति चाहते हैं और कर्ज का बोझ पसंद नहीं करते, तो कैश विकल्प ठीक है। लेकिन अगर आप अपनी संपत्ति बढ़ाना चाहते हैं, तो लोन लेकर सही जगह निवेश करना कहीं अधिक फायदेमंद हो सकता है। कोई भी फैसला अपनी आय और भविष्य की जरूरतों को देखकर ही लें।
कैश में खरीदें या लोन लें: एक तुलना
मान लीजिए आप 15 लाख रुपये की कार खरीदना चाहते हैं और आपके पास उतनी बचत मौजूद है। आपके पास दो रास्ते हैं: पहला यह कि पूरी रकम कैश में देकर टेंशन फ्री हो जाएं, और दूसरा यह कि लोन लेकर अपनी बचत को कहीं निवेश करें। पहली नजर में कैश देना आसान लगता है क्योंकि आपको हर महीने किस्त की चिंता नहीं होगी, लेकिन क्या वित्तीय रूप से यह सही फैसला है? लोन लेने के फायदे और गणित
अगर आप 15 लाख रुपये का लोन 9 प्रतिशत की ब्याज दर पर 5 साल के लिए लेते हैं, तो आपकी मासिक EMI लगभग 31,138 रुपये होगी। 5 साल में आप कुल 18,68,252 रुपये का भुगतान करेंगे, जिसमें करीब 3.68 लाख रुपये सिर्फ ब्याज होगा। आपकी ब्याज दर आपके सिबिल स्कोर पर भी निर्भर करती है।You may also like
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कैश में खरीदने का असली गणित
यदि आप 15 लाख रुपये सीधे कार खरीदने में लगा देते हैं, तो आप EMI से तो बच जाएंगे। लेकिन सोचिए, अगर वही 15 लाख रुपये आप 5 साल के लिए FD में 6.75 प्रतिशत की दर से रखते, तो वह राशि बढ़कर लगभग 20.95 लाख रुपये हो जाती। यानी कैश में गाड़ी खरीदने पर आप करीब 5.95 लाख रुपये का संभावित मुनाफा छोड़ रहे हैं। एक्सपर्ट की राय: स्मार्ट निवेश है जरूरी
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल क्लास अक्सर यह गलती करता है कि वे EMI से बचने के चक्कर में अपनी पूरी लिक्विडिटी (नकद पूंजी) खत्म कर देते हैं। कार एक ऐसी संपत्ति है जिसकी कीमत समय के साथ घटती है। 5 साल बाद 15 लाख की कार की वैल्यू शायद 7 लाख ही रह जाए।बेहतर तरीका यह है कि आप स्मार्ट प्लानिंग करें। उदाहरण के तौर पर, 15 लाख की कार के लिए 5 लाख रुपये डाउन पेमेंट दें और बाकी 10 लाख का लोन लें। बचे हुए 10 लाख रुपये को किसी अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करें। अगर आपको वहां 12 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है, तो 5 साल में आपके 10 लाख रुपये बढ़कर 17.6 लाख रुपये हो सकते हैं। लोन का ब्याज चुकाने के बाद भी आप फायदे में रहेंगे।









