8th Pay Commission: महंगाई भत्ता 60% के पार! सैलरी और पेंशन को लेकर आया सबसे बड़ा अपडेट
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नए साल की शुरुआत किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होने वाली है। महंगाई भत्ते (DA) में होने वाली अगली बढ़ोतरी को लेकर एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। नवंबर 2025 के लिए जारी किए गए ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल वर्कर्स कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों ने यह लगभग साफ कर दिया है कि जनवरी 2026 से आपके वेतन और पेंशन में शानदार उछाल आने वाला है।
क्या कहते हैं AICPI के नए आंकड़े?
श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में AICPI-IW 148.2 के स्तर पर दर्ज किया गया है। यह सूचकांक हर छह महीने में होने वाले DA संशोधन का मुख्य आधार होता है। हालांकि सरकार इसका आधिकारिक एलान मार्च या अप्रैल 2026 के आसपास करेगी, लेकिन इसके बढ़े हुए फायदे कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से ही एरियर के साथ मिलेंगे।
60% के जादुई आंकड़े के करीब पहुंचा DA
नवंबर 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सातवें वेतन आयोग के फॉर्मूले के अनुसार महंगाई भत्ता 59.93% तक पहुंच चुका है। अब बस दिसंबर 2025 के आंकड़ों का इंतजार है। जानकारों का मानना है कि दिसंबर के आंकड़ों में मामूली बदलाव भी हुआ तो DA का 60% की दहलीज पार करना तय है।
अगर दिसंबर का इंडेक्स नवंबर के बराबर भी रहता है, तो DA 58% से बढ़कर सीधा 60% हो जाएगा। कुछ विशेषज्ञों का तो यहाँ तक कहना है कि यदि महंगाई का दबाव बना रहा, तो यह आंकड़ा 61% से 63% तक भी जा सकता है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत पटेल के अनुसार, अगर महंगाई दर में तेजी रही तो 3% से 5% तक की कुल बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
8वें वेतन आयोग का नया दौर
दिसंबर 2025 के साथ ही 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा हो गया है और नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 18 महीनों के भीतर आयोग अपनी रिपोर्ट सौंप देगा।
यहाँ यह समझना जरूरी है कि जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू होंगी और नया फिटमेंट फैक्टर आएगा, तभी मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज किया जाएगा और फिर से DA शून्य से शुरू होगा। फिलहाल, सभी की निगाहें दिसंबर 2025 के अंतिम आंकड़ों पर टिकी हैं, जो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वित्तीय स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे।
क्या कहते हैं AICPI के नए आंकड़े?
श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में AICPI-IW 148.2 के स्तर पर दर्ज किया गया है। यह सूचकांक हर छह महीने में होने वाले DA संशोधन का मुख्य आधार होता है। हालांकि सरकार इसका आधिकारिक एलान मार्च या अप्रैल 2026 के आसपास करेगी, लेकिन इसके बढ़े हुए फायदे कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से ही एरियर के साथ मिलेंगे।60% के जादुई आंकड़े के करीब पहुंचा DA
नवंबर 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो सातवें वेतन आयोग के फॉर्मूले के अनुसार महंगाई भत्ता 59.93% तक पहुंच चुका है। अब बस दिसंबर 2025 के आंकड़ों का इंतजार है। जानकारों का मानना है कि दिसंबर के आंकड़ों में मामूली बदलाव भी हुआ तो DA का 60% की दहलीज पार करना तय है।You may also like
- Quote of the day by Socrates: 'The secret of happiness is not in seeking more, but in developing the capacity to enjoy less'
- Delhi HC orders takedown of Bhuvan Bam's unauthorised images from online platforms
- Delhi HC refers to larger bench plea by BJP's Yogender Chandolia against AAP MLA Vishesh Ravi's election
Over 10 injured after govt-owned bus overturns in Kolkata- Bengaluru dental student death sparks faculty sackings
अगर दिसंबर का इंडेक्स नवंबर के बराबर भी रहता है, तो DA 58% से बढ़कर सीधा 60% हो जाएगा। कुछ विशेषज्ञों का तो यहाँ तक कहना है कि यदि महंगाई का दबाव बना रहा, तो यह आंकड़ा 61% से 63% तक भी जा सकता है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत पटेल के अनुसार, अगर महंगाई दर में तेजी रही तो 3% से 5% तक की कुल बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
8वें वेतन आयोग का नया दौर
दिसंबर 2025 के साथ ही 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा हो गया है और नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 18 महीनों के भीतर आयोग अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। यहाँ यह समझना जरूरी है कि जब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह लागू होंगी और नया फिटमेंट फैक्टर आएगा, तभी मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज किया जाएगा और फिर से DA शून्य से शुरू होगा। फिलहाल, सभी की निगाहें दिसंबर 2025 के अंतिम आंकड़ों पर टिकी हैं, जो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वित्तीय स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पेश करेंगे।









