Ayushman Card Online Fraud Scam Alert 2026: आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए बड़ी चेतावनी! फर्जी कॉल और लिंक से रहें सावधान, वरना खाली हो जाएगा बैंक खाता
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठा रहे देश के करोड़ों नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। Ayushman Card Online Fraud Scam Alert 2026 की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराधी अब आयुष्मान कार्ड में संशोधन, नया कार्ड बनाने या इलाज की सीमा बढ़ाने का झांसा देकर आम नागरिकों को अपना शिकार बना रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने लोगों को ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज से सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है।
ठग कैसे बना रहे हैं लोगों को अपना शिकार?
Ayushman Bharat Free Treatment Fraud Advisory Rules के तहत जालसाज़ खुद को स्वास्थ्य विभाग या आयुष्मान योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपका आयुष्मान कार्ड बंद होने वाला है या आपकी मुफ्त इलाज की सीमा बढ़ाने के लिए कार्ड को ई-केवाईसी (e-KYC) से अपडेट करना अनिवार्य है। इसके बाद वे लोगों के मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं या बातों में उलझाकर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लेते हैं, जिससे पीड़ित का बैंक खाता खाली हो जाता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने जारी की सलाह
Ayushman Card Fake Call Link Safety Tips 2026 के ब्योरे के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि योजना से जुड़ा कोई भी अधिकारी कभी भी फोन पर आपसे ओटीपी, बैंक खाते का ब्योरा या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। आयुष्मान कार्ड से संबंधित सभी सेवाएं, जैसे कार्ड डाउनलोड करना, नाम जोड़ना या ई-केवाईसी कराना, केवल आधिकारिक आयुष्मान पोर्टल (beneficiary.nha.gov.in) या आयुष्मान ऐप के जरिए ही की जाती हैं।
फर्जी लिंक और अज्ञात ऐप्स से बनाकर रखें दूरी
How to Protect Ayushman Bharat Card Cyber Fraud के नियमों के अनुसार यदि आपके मोबाइल पर आयुष्मान कार्ड की पेंडिंग लिस्ट में नाम जोड़ने या मुफ्त कार्ड घर मंगाने के नाम पर कोई अज्ञात लिंक आता है, तो उस पर भूलकर भी क्लिक न करें। साइबर अपराधी अक्सर असली वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें बना लेते हैं ताकि लोगों का डेटा चोरी किया जा सके। किसी भी काम के लिए केवल अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पताल में बने आयुष्मान मित्र से ही संपर्क करें।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
Ayushman Card Cyber Crime Reporting Helpline Number Details के संदर्भ में यदि आपको कोई संदिग्ध फोन कॉल आता है या आप किसी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा आप साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी या मदद के लिए आयुष्मान भारत के राष्ट्रीय टॉल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल किया जा सकता है।
ठग कैसे बना रहे हैं लोगों को अपना शिकार?
Ayushman Bharat Free Treatment Fraud Advisory Rules के तहत जालसाज़ खुद को स्वास्थ्य विभाग या आयुष्मान योजना का आधिकारिक प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपका आयुष्मान कार्ड बंद होने वाला है या आपकी मुफ्त इलाज की सीमा बढ़ाने के लिए कार्ड को ई-केवाईसी (e-KYC) से अपडेट करना अनिवार्य है। इसके बाद वे लोगों के मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं या बातों में उलझाकर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर लेते हैं, जिससे पीड़ित का बैंक खाता खाली हो जाता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने जारी की सलाह
Ayushman Card Fake Call Link Safety Tips 2026 के ब्योरे के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि योजना से जुड़ा कोई भी अधिकारी कभी भी फोन पर आपसे ओटीपी, बैंक खाते का ब्योरा या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। आयुष्मान कार्ड से संबंधित सभी सेवाएं, जैसे कार्ड डाउनलोड करना, नाम जोड़ना या ई-केवाईसी कराना, केवल आधिकारिक आयुष्मान पोर्टल (beneficiary.nha.gov.in) या आयुष्मान ऐप के जरिए ही की जाती हैं।
फर्जी लिंक और अज्ञात ऐप्स से बनाकर रखें दूरी
How to Protect Ayushman Bharat Card Cyber Fraud के नियमों के अनुसार यदि आपके मोबाइल पर आयुष्मान कार्ड की पेंडिंग लिस्ट में नाम जोड़ने या मुफ्त कार्ड घर मंगाने के नाम पर कोई अज्ञात लिंक आता है, तो उस पर भूलकर भी क्लिक न करें। साइबर अपराधी अक्सर असली वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटें बना लेते हैं ताकि लोगों का डेटा चोरी किया जा सके। किसी भी काम के लिए केवल अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पताल में बने आयुष्मान मित्र से ही संपर्क करें।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
Ayushman Card Cyber Crime Reporting Helpline Number Details के संदर्भ में यदि आपको कोई संदिग्ध फोन कॉल आता है या आप किसी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा आप साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर भी अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। योजना से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी या मदद के लिए आयुष्मान भारत के राष्ट्रीय टॉल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल किया जा सकता है।
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