Budget 2026: क्या सीनियर सिटीजंस को ट्रेन टिकट पर फिर मिलेगी 50% छूट? जानें क्या है उम्मीद
कुछ ही दिनों में देश का आम बजट पेश होने वाला है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी और हर बार की तरह इस बार भी आम आदमी की उम्मीदें आसमान पर हैं। हर किसी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस बार के बजट में क्या खास तोहफा देने वाली है। इन सब उम्मीदों के बीच एक ऐसी मांग है जिसका इंतजार करोड़ों लोग लंबे समय से कर रहे हैं। क्या भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली पुरानी रियायत को फिर से बहाल करेगी?
किराए में बढ़ोतरी और रेलवे की कमाई
पिछले कुछ समय में महंगाई का असर रेलवे के सफर पर भी पड़ा है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने किराए में इजाफा किया है। 26 दिसंबर से लागू हुए नए नियमों के अनुसार, 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराया बढ़ गया है। जनरल कोच के किराए में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और एसी व नॉन-एसी कोच के किराए में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। रेलवे का अनुमान है कि किराए में इस मामूली वृद्धि से उसकी कमाई में करीब 600 करोड़ रुपये का इजाफा होगा।
क्या थी पुरानी व्यवस्था?
साल 2020 में कोरोना महामारी के आने से पहले भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर भारी छूट देता था। उस समय मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को 40 प्रतिशत और 58 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट मिलती थी। इस व्यवस्था से बुजुर्गों को लंबी दूरी की यात्रा करने में काफी आर्थिक मदद मिलती थी और उनके बहुत पैसे बचते थे।
कोरोना काल और छूट पर पाबंदी
कोरोना संक्रमण के दौरान जब ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, तब सरकार ने सुरक्षा कारणों और घाटे को देखते हुए इस रियायत को वापस ले लिया था। संक्रमण खत्म होने और स्थिति सामान्य होने के बाद देशभर से यह मांग उठने लगी कि बुजुर्गों को मिलने वाली यह छूट फिर से शुरू की जाए। इसके लिए सरकार को कई बार सुझाव और ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लग पाई है।
बजट 2026 से उम्मीदें
आगामी बजट 2026 को लेकर जनता एक बार फिर आशान्वित है। लोगों का मानना है कि जिस तरह से रेलवे की आय में सुधार हुआ है, उसे देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को फिर से रियायती दरों पर टिकट उपलब्ध कराए जाने चाहिए। अगर सरकार इस बजट में सीनियर सिटीजंस के लिए छूट की घोषणा करती है, तो इससे देश के लाखों बुजुर्गों को सीधा फायदा होगा और उनका रेल सफर एक बार फिर किफायती हो जाएगा।
किराए में बढ़ोतरी और रेलवे की कमाई
पिछले कुछ समय में महंगाई का असर रेलवे के सफर पर भी पड़ा है। हाल ही में भारतीय रेलवे ने किराए में इजाफा किया है। 26 दिसंबर से लागू हुए नए नियमों के अनुसार, 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराया बढ़ गया है। जनरल कोच के किराए में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और एसी व नॉन-एसी कोच के किराए में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। रेलवे का अनुमान है कि किराए में इस मामूली वृद्धि से उसकी कमाई में करीब 600 करोड़ रुपये का इजाफा होगा।क्या थी पुरानी व्यवस्था?
साल 2020 में कोरोना महामारी के आने से पहले भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर भारी छूट देता था। उस समय मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को 40 प्रतिशत और 58 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट मिलती थी। इस व्यवस्था से बुजुर्गों को लंबी दूरी की यात्रा करने में काफी आर्थिक मदद मिलती थी और उनके बहुत पैसे बचते थे।कोरोना काल और छूट पर पाबंदी
कोरोना संक्रमण के दौरान जब ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, तब सरकार ने सुरक्षा कारणों और घाटे को देखते हुए इस रियायत को वापस ले लिया था। संक्रमण खत्म होने और स्थिति सामान्य होने के बाद देशभर से यह मांग उठने लगी कि बुजुर्गों को मिलने वाली यह छूट फिर से शुरू की जाए। इसके लिए सरकार को कई बार सुझाव और ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लग पाई है। बजट 2026 से उम्मीदें
आगामी बजट 2026 को लेकर जनता एक बार फिर आशान्वित है। लोगों का मानना है कि जिस तरह से रेलवे की आय में सुधार हुआ है, उसे देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को फिर से रियायती दरों पर टिकट उपलब्ध कराए जाने चाहिए। अगर सरकार इस बजट में सीनियर सिटीजंस के लिए छूट की घोषणा करती है, तो इससे देश के लाखों बुजुर्गों को सीधा फायदा होगा और उनका रेल सफर एक बार फिर किफायती हो जाएगा।Next Story