CDM में फंस गए पैसे? घबराएं नहीं, वापस रकम पाने के लिए तुरंत करें ये काम
बैंकों की लंबी लाइनों से बचने और समय की बचत के लिए कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) एक बेहतरीन और सुविधाजनक साधन बन चुका है। इसके जरिए आप बैंक शाखा में जाए बिना या बैंक खुलने के समय का इंतजार किए बिना किसी भी समय सीधे अपने खाते में नकदी जमा कर सकते हैं।
हालांकि, कई बार तकनीकी खराबी या नेटवर्क समस्या के कारण मशीन में नकदी जमा होने के बावजूद पैसा तुरंत खाते में क्रेडिट नहीं होता। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं का चिंतित होना स्वाभाविक है। आइए जानते हैं कि यदि आपके साथ भी कभी ऐसी समस्या हो, तो आपको तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए।
हालांकि, कई बार तकनीकी खराबी या नेटवर्क समस्या के कारण मशीन में नकदी जमा होने के बावजूद पैसा तुरंत खाते में क्रेडिट नहीं होता। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं का चिंतित होना स्वाभाविक है। आइए जानते हैं कि यदि आपके साथ भी कभी ऐसी समस्या हो, तो आपको तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए।
सबसे पहले करें ये जरूरी काम
यदि मशीन में नकदी जमा करने के बाद भी राशि आपके बैंक खाते में प्रदर्शित नहीं हो रही है, तो बिना पैनिक किए निम्नलिखित कदम उठाएं:- लेनदेन की रसीद संभाल कर रखें: मशीन से निकलने वाली स्लिप/रसीद को सुरक्षित रखें।
- विवरण दर्ज करें: यदि मशीन से रसीद न निकले, तो बिल्कुल न घबराएं। तत्काल मशीन की लोकेशन (पता), तारीख, सटीक समय और जमा की गई कुल राशि नोट कर लें।
- मशीन या टर्मिनल नंबर नोट करें: CDM मशीन पर लिखे टर्मिनल/मशीन नंबर को कहीं लिख लें या उसकी फोटो ले लें।
- शिकायत दर्ज कराएं: अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर, होम ब्रांच या ऑनलाइन ग्रीवांस रिड्रेसल (शिकायत निवारण) पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
- रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें: शिकायत दर्ज होते ही आपको एक कंप्लेंट/रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिसे भविष्य के पत्राचार के लिए संभाल कर रखें।
कब तक वापस मिलते हैं पैसे?
शिकायत मिलने के बाद बैंक मशीन के कैश ऑडिट और सिस्टम लॉग की जांच कर आपकी राशि रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू करता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसी शिकायतों का निपटारा सामान्यतः 5 से 7 कार्य दिवसों के भीतर कर दिया जाता है और राशि आपके खाते में क्रेडिट कर दी जाती है।खाताधारकों के लिए सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण टिप्स
- दोबारा ट्रांजेक्शन न करें: यदि आपकी नकदी मशीन में फंस गई है, तो उसी समय उसी मशीन से कोई दूसरा लेन-देन (Transaction) करने का प्रयास न करें।
- गोपनीय जानकारी कभी शेयर न करें: इस दौरान यदि आपके पास किसी अज्ञात नंबर से फोन या मैसेज आता है, तो अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी जैसे ATM PIN, OTP, password या CVV बिल्कुल साझा न करें। बैंक अधिकारी कभी भी ग्राहकों से ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।
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