सेंसेक्स 579 अंक उछला, निफ्टी 24,150 के पार, आईटी-ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी | Cliq Latest
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार बढ़त का सिलसिला जारी रखते हुए निवेशकों को एक और मजबूत कारोबारी सत्र का अनुभव कराया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों, घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर मजबूत भरोसे और प्रमुख सेक्टरों में व्यापक खरीदारी के दम पर बीएसई सेंसेक्स 579 अंक की शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,150 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करते हुए मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, वैश्विक ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। हालांकि इन सभी कारकों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि मजबूत घरेलू बुनियादी ढांचा और स्थिर आर्थिक संकेतक निवेशकों का भरोसा बनाए हुए हैं।
आईटी, ऑटो और रियल्टी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला मजबूत सहारागुरुवार की शुरुआत से ही घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बढ़त हासिल करने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने पूरे दिन मजबूती बनाए रखी। कारोबार समाप्त होने तक सेंसेक्स लगभग 579 अंक यानी करीब 0.75 प्रतिशत
की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा, जबकि निफ्टी लगभग 0.71 प्रतिशत चढ़कर 24,150 के ऊपर बंद हुआ।इस तेजी का सबसे बड़ा आधार सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल और रियल्टी कंपनियों के शेयर रहे। आईटी कंपनियों में निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी सेवाओं की मांग में सुधार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं का बढ़ता विस्तार और विदेशी ग्राहकों से बेहतर कारोबार की उम्मीदों ने आईटी शेयरों को मजबूती प्रदान की।
ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। घरेलू बाजार में लगातार मजबूत मांग, निर्यात बढ़ने की संभावना, विनिर्माण क्षमता में विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बढ़ते निवेश ने निवेशकों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया। हाल के महीनों में कई वाहन कंपनियों द्वारा नए संयंत्रों और उत्पादन विस्तार की घोषणाओं ने भी बाजार की धारणा को मजबूत बनाया है।
रियल्टी सेक्टर भी तेजी के प्रमुख केंद्रों में शामिल रहा। आवासीय परियोजनाओं की बढ़ती मांग, बुनियादी ढांचा विकास पर सरकार का जोर, वाणिज्यिक संपत्तियों में निवेश और शहरीकरण की तेज रफ्तार ने रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में नई ऊर्जा भर दी। इसके अलावा पूंजीगत वस्तुओं, वित्तीय सेवाओं और उपभोक्ता क्षेत्र की चुनिंदा कंपनियों में भी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की तेजी व्यापक बनी रही।
मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था और आगामी तिमाही नतीजों पर टिकी निवेशकों की नजरभारतीय शेयर बाजार की मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण देश की स्थिर और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था मानी जा रही है। लगातार मजबूत आर्थिक वृद्धि, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश, विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास और सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय पर दिया जा रहा विशेष जोर निवेशकों का विश्वास बढ़ा रहा है।
भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यही कारण है कि घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशक भारतीय शेयर बाजार को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक मान रहे हैं। सरकार की ‘मेक इन इंडिया’
अब निवेशकों का पूरा ध्यान आगामी तिमाही वित्तीय नतीजों पर केंद्रित हो गया है। बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, दवा, ऊर्जा, उपभोक्ता वस्तु और विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों के नतीजे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। यदि कंपनियों का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहता है तो बाजार में तेजी का सिलसिला और मजबूत हो सकता है। वहीं कमजोर परिणाम आने की स्थिति में कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मुनाफा ही नहीं बल्कि कंपनियों द्वारा भविष्य की मांग, निवेश योजनाओं, निर्यात, महंगाई और विस्तार रणनीति को लेकर दिए जाने वाले संकेत भी निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। विदेशी संस्थागत निवेशकों की रणनीति भी काफी हद तक इन्हीं परिणामों पर निर्भर करेगी।
रुपये में कमजोरी के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम, तकनीकी संकेत भी सकारात्मकजहां शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कुछ कमजोर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाने के बाद रुपया अपनी बढ़त बनाए नहीं रख सका और अंततः 15 पैसे की गिरावट के साथ 95.39 प्रति डॉलर