केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: जनवरी 2026 से 60% हो सकता है महंगाई भत्ता
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। लेकिन, पिछले कुछ महीनों के औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी लगभग तय है। इसका मतलब है कि अब कर्मचारियों को मिलने वाला भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 60 प्रतिशत हो जाएगा।
यह बढ़ोतरी सिर्फ कामकाजी कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि रिटायर हो चुके पेंशनभोगियों के लिए भी लागू होगी। उनकी महंगाई राहत (DR) में भी इसी अनुपात में इजाफा होगा, जिससे उनकी मासिक पेंशन में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
नवंबर 2025 के लिए जारी किए गए आंकड़ों में इंडेक्स 0.5 अंक बढ़कर 148.2 पर पहुंच गया है। जुलाई से नवंबर 2025 तक के ग्राफ को देखें, तो यह लगातार ऊपर की ओर जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो नवंबर के आंकड़ों के आधार पर ही महंगाई भत्ता 59.93 प्रतिशत तक पहुंचता दिख रहा है। चूंकि सरकार दशमलव में डीए नहीं देती, इसलिए इसे राउंड फिगर में 60 प्रतिशत माना जाएगा।
अब सबकी निगाहें दिसंबर 2025 के आंकड़ों पर हैं, जो अभी आने बाकी हैं। लेकिन गणित बहुत सीधा है, अगर दिसंबर में इंडेक्स स्थिर भी रहता है या इसमें थोड़ी गिरावट भी आती है, तो भी औसत आंकड़ा 60 प्रतिशत के नीचे नहीं जाएगा। यानी 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी अब पत्थर की लकीर मानी जा रही है।
अच्छी खबर यह है कि घोषणा में देरी होने से आपका नुकसान नहीं होगा। जनवरी से लेकर घोषणा होने तक के महीनों का पैसा आपको 'एरियर' (Arrears) के रूप में दिया जाएगा। यानी जब बढ़ी हुई सैलरी आएगी, तो पिछले महीनों का बकाया भी साथ जुड़कर आएगा।
कुल मिलाकर, साल 2026 की शुरुआत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आर्थिक तौर पर राहत भरी होने वाली है। बढ़ती महंगाई के बीच सैलरी में यह इजाफा निश्चित रूप से घर के बजट को संभालने में मदद करेगा। अब बस मार्च-अप्रैल में होने वाली आधिकारिक मुहर का इंतजार है।
यह बढ़ोतरी सिर्फ कामकाजी कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि रिटायर हो चुके पेंशनभोगियों के लिए भी लागू होगी। उनकी महंगाई राहत (DR) में भी इसी अनुपात में इजाफा होगा, जिससे उनकी मासिक पेंशन में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
क्या कहता है आंकड़ों का गणित?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि आखिर यह महंगाई भत्ता तय कैसे होता है? दरअसल, यह पूरी तरह से बढ़ती महंगाई और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) पर आधारित होता है। 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले के तहत, पिछले 12 महीनों के इंडेक्स का औसत निकालकर डीए तय किया जाता है।नवंबर 2025 के लिए जारी किए गए आंकड़ों में इंडेक्स 0.5 अंक बढ़कर 148.2 पर पहुंच गया है। जुलाई से नवंबर 2025 तक के ग्राफ को देखें, तो यह लगातार ऊपर की ओर जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो नवंबर के आंकड़ों के आधार पर ही महंगाई भत्ता 59.93 प्रतिशत तक पहुंचता दिख रहा है। चूंकि सरकार दशमलव में डीए नहीं देती, इसलिए इसे राउंड फिगर में 60 प्रतिशत माना जाएगा।
अब सबकी निगाहें दिसंबर 2025 के आंकड़ों पर हैं, जो अभी आने बाकी हैं। लेकिन गणित बहुत सीधा है, अगर दिसंबर में इंडेक्स स्थिर भी रहता है या इसमें थोड़ी गिरावट भी आती है, तो भी औसत आंकड़ा 60 प्रतिशत के नीचे नहीं जाएगा। यानी 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी अब पत्थर की लकीर मानी जा रही है।
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कब होगा आधिकारिक ऐलान?
भले ही यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी, लेकिन सरकारी प्रक्रियाओं के चलते इसका आधिकारिक ऐलान तुरंत नहीं होता। अमूमन, सरकार मार्च या अप्रैल के महीने में डीए बढ़ोतरी की घोषणा करती है। होली के आसपास कर्मचारियों को यह तोहफा मिल सकता है।अच्छी खबर यह है कि घोषणा में देरी होने से आपका नुकसान नहीं होगा। जनवरी से लेकर घोषणा होने तक के महीनों का पैसा आपको 'एरियर' (Arrears) के रूप में दिया जाएगा। यानी जब बढ़ी हुई सैलरी आएगी, तो पिछले महीनों का बकाया भी साथ जुड़कर आएगा।
सैलरी में कितना होगा इजाफा?
इस बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की 'टेक-होम सैलरी' पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो अभी 58% के हिसाब से उसे 29,000 रुपये डीए मिलता है। 60% होने पर यह राशि 30,000 रुपये हो जाएगी। यानी सीधे तौर पर हर महीने 1,000 रुपये का फायदा। यह गणना बेसिक सैलरी के आधार पर अलग-अलग होगी। जिनकी बेसिक सैलरी ज्यादा है, उन्हें फायदा भी ज्यादा मिलेगा।8वें वेतन आयोग की चर्चाएं भी तेज
यह बढ़ोतरी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि 1 जनवरी 2026 को कई विशेषज्ञ 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के नए चक्र की शुरुआत की तारीख मान रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी 8वें वेतन आयोग पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन महंगाई भत्ते का 50% या 60% के पार जाना अक्सर वेतन आयोग के गठन की मांग को और मजबूत करता है।कुल मिलाकर, साल 2026 की शुरुआत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आर्थिक तौर पर राहत भरी होने वाली है। बढ़ती महंगाई के बीच सैलरी में यह इजाफा निश्चित रूप से घर के बजट को संभालने में मदद करेगा। अब बस मार्च-अप्रैल में होने वाली आधिकारिक मुहर का इंतजार है।









