FD Interest Rates 2026: विदेशी बैंक दे रहे हैं शानदार ब्याज, जानिए कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न

आज के समय में हर व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई को ऐसे निवेश विकल्प में लगाना चाहता है, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले। यही वजह है कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी भारतीय निवेशकों के बीच सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में से एक बनी हुई है।

FD निवेशकों को पूंजी की सुरक्षा, निश्चित रिटर्न और अपनी जरूरत के अनुसार निवेश अवधि चुनने की सुविधा प्रदान करती है। हालांकि, बेहतर ब्याज दरों की वजह से स्मॉल फाइनेंस बैंक, निजी बैंक और अब विदेशी बैंक भी निवेशकों का ध्यान तेजी से आकर्षित कर रहे हैं।

भारत में काम कर रहे कई विदेशी बैंक भी ग्राहकों और एनआरआई (NRI) निवेशकों के लिए आकर्षक FD योजनाएं पेश कर रहे हैं। इन योजनाओं में प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों के साथ कई विशेष सुविधाएं भी मिलती हैं।


विदेशी बैंकों की FD योजनाएं क्या हैं?

बहुत कम लोगों को पता होता है कि विदेशी बैंक भी अलग-अलग प्रकार की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं उपलब्ध कराते हैं। ये योजनाएं भारतीय नागरिकों के साथ-साथ एनआरआई निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं।


डोमेस्टिक फिक्स्ड डिपॉजिट (Domestic FD)

डोमेस्टिक FD योजना निवासी भारतीयों, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और कंपनियों के लिए उपलब्ध होती है। इसमें निवेशक मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर ब्याज प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं।


NRE फिक्स्ड डिपॉजिट

नॉन-रेजिडेंट एक्सटर्नल (NRE) फिक्स्ड डिपॉजिट उन एनआरआई के लिए बनाई गई है जो विदेश में अर्जित आय को भारत में निवेश करना चाहते हैं।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि NRE FD पर मिलने वाला ब्याज भारत में टैक्स फ्री होता है और निवेश की गई राशि को पूरी तरह वापस विदेश भेजा जा सकता है।


NRO फिक्स्ड डिपॉजिट

नॉन-रेजिडेंट ऑर्डिनरी (NRO) FD उन एनआरआई के लिए होती है, जिनकी भारत में आय का स्रोत मौजूद है, जैसे किराया, डिविडेंड या पेंशन।

हालांकि, NRO FD पर अर्जित ब्याज कर योग्य होता है और उस पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स देना पड़ता है।


RFC डिपॉजिट

रेजिडेंट फॉरेन करेंसी (RFC) डिपॉजिट उन एनआरआई निवेशकों के लिए उपयोगी है जो भारत में रहते हुए अपनी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को बनाए रखना चाहते हैं।


विदेशी बैंक FD पर कितना ब्याज दे रहे हैं?

बेहतर FD ब्याज दरों की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए विदेशी बैंक कई आकर्षक विकल्प पेश कर रहे हैं।


Standard Chartered Bank

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक 1 से 2 वर्ष की अवधि वाली FD पर 7.20% से 7.50% तक ब्याज दे रहा है। वहीं, 3 से 5 वर्ष की अवधि वाली जमा पर 7.20% ब्याज दर उपलब्ध है।


HSBC Bank

एचएसबीसी बैंक विभिन्न अवधि के अनुसार 3.75% से लेकर 7.50% तक की FD ब्याज दरें प्रदान कर रहा है।


DBS Bank

डीबीएस बैंक 1 से 2 वर्ष की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.00% से 7.50% तक ब्याज दे रहा है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प माना जा रहा है।


अन्य विदेशी बैंक भी दे रहे हैं FD की सुविधा

इनके अलावा कई अन्य विदेशी बैंक भी भारत में फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • Doha Bank
  • Barclays Bank
  • AB Bank Limited
  • JPMorgan Chase Bank N.A.

हालांकि, इन बैंकों की ब्याज दरों में बहुत अधिक अंतर नहीं है और अधिकांश योजनाएं लगभग समान रिटर्न प्रदान करती हैं।


निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

FD में निवेश करने से पहले केवल ब्याज दर को ही आधार नहीं बनाना चाहिए। बैंक की विश्वसनीयता, निवेश अवधि, समय से पहले निकासी के नियम, टैक्स प्रभाव और आपकी वित्तीय जरूरतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

यदि आप सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो विदेशी बैंकों की FD योजनाएं आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती हैं। खासकर एनआरआई निवेशकों के लिए NRE और NRO FD योजनाएं अतिरिक्त लाभ और लचीलापन प्रदान करती हैं।

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