EPFO Alert: UAN Active नहीं तो अटक सकता है PF Withdrawal, तुरंत करें ये काम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों शेयरधारकों के लिए एक बहुत ही शानदार खबर सामने आ रही है। ईपीएफओ अपने सदस्यों को एक बड़ा और डिजिटल तोहफा देने की तैयारी में है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में घोषणा की है कि जल्द ही लॉन्च होने वाले "EPFO 3.0" के तहत सदस्य अब यूपीआई (UPI) का इस्तेमाल करके अपने पीएफ फंड को सीधे अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर सकेंगे। इस नई सर्विस के शुरू होने से पीएफ निकालने की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से झंझट-मुक्त और आसान हो जाएगी।
इसके साथ ही, आपके पीएफ अकाउंट में दर्ज आपका नाम, जन्मतिथि और अन्य जरूरी जानकारियां आपके पहचान पत्रों और बैंक खाते की डिटेल्स से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। इसलिए आगे बढ़ने से पहले अपने सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।
इसके साथ ही, आपके यूएएन को आधार से सीड (लिंक) करना और उसका ऑथेंटिकेशन करना बेहद जरूरी है। ईपीएफओ के रिकॉर्ड में दर्ज आपका नाम, जन्मतिथि और जेंडर बिल्कुल आपके आधार कार्ड की डिटेल्स से मैच होने चाहिए। अगर इन जानकारियों में थोड़ा सा भी अंतर हुआ, तो यूपीआई-आधारित वेरिफिकेशन और पीएफ प्रोसेसिंग फेल हो सकती है।
अक्सर व्यावहारिक रूप से पीएफ क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह आधार, पैन (PAN), नियोक्ता (इम्प्लॉयर) के रिकॉर्ड और ईपीएफओ के रिकॉर्ड के बीच नाम, जन्मतिथि या पिता के नाम का मैच न होना ही होती है। इसलिए, सभी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार सीडेड हो, पैन कार्ड अपडेटेड हो और ये दोनों ही चीजें यूएएन पोर्टल पर पूरी तरह वेरिफाइड हों।
ऑटो-सेटलमेंट जैसा सिस्टम पहले से ही है लागू
आपको बता दें कि ईपीएफओ ने पात्र दावों के लिए पहले से ही 5 लाख रुपये तक का एक ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम लागू कर दिया है। अब इस नए यूपीआई सिस्टम के आने से पीएफ निकालने की प्रक्रिया न केवल तेज हो गई है, बल्कि भविष्य में इसके और भी ज्यादा सरल होने की उम्मीद है। हालांकि, इस बेहतरीन डिजिटल सेवा का पूरा फायदा उठाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि सदस्यों के सभी रिकॉर्ड पूरी तरह से अपडेटेड हों। कुछ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के नियमों की वजह से ही अक्सर पीएफ क्लेम मिलने में देरी होती है।आखिर क्यों जरूरी है यूएएन का एक्टिव होना?
पीएफ ट्रांसफर या निकासी की प्रक्रिया को शुरू करने से पहले हमेशा यह सुनिश्चित कर लें कि आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट हो। अगर आपका यूएएन एक्टिव नहीं है, तो आप केवाईसी (KYC) वेरिफिकेशन, लेंस चेक और ईपीएफओ की अन्य नई ऑनलाइन डिजिटल सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे।इसके साथ ही, आपके पीएफ अकाउंट में दर्ज आपका नाम, जन्मतिथि और अन्य जरूरी जानकारियां आपके पहचान पत्रों और बैंक खाते की डिटेल्स से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। इसलिए आगे बढ़ने से पहले अपने सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।
अपने बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर को तुरंत करें लिंक
इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपके यूपीआई से जुड़ा बैंक खाता पीएफ पोर्टल पर बिल्कुल सही तरीके से अपडेट होना चाहिए। इसके अलावा, आपका एक्टिव मोबाइल नंबर भी यूएएन से लिंक होना जरूरी है, ताकि ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के समय आपको किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।इसके साथ ही, आपके यूएएन को आधार से सीड (लिंक) करना और उसका ऑथेंटिकेशन करना बेहद जरूरी है। ईपीएफओ के रिकॉर्ड में दर्ज आपका नाम, जन्मतिथि और जेंडर बिल्कुल आपके आधार कार्ड की डिटेल्स से मैच होने चाहिए। अगर इन जानकारियों में थोड़ा सा भी अंतर हुआ, तो यूपीआई-आधारित वेरिफिकेशन और पीएफ प्रोसेसिंग फेल हो सकती है।
अक्सर व्यावहारिक रूप से पीएफ क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह आधार, पैन (PAN), नियोक्ता (इम्प्लॉयर) के रिकॉर्ड और ईपीएफओ के रिकॉर्ड के बीच नाम, जन्मतिथि या पिता के नाम का मैच न होना ही होती है। इसलिए, सभी कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार सीडेड हो, पैन कार्ड अपडेटेड हो और ये दोनों ही चीजें यूएएन पोर्टल पर पूरी तरह वेरिफाइड हों।
अपना बैंक खाता सावधानी से करें अपडेट
चूंकि पीएफ की रकम को अब सीधे यूपीआई-इनेबल्ड बैंकिंग सिस्टम के जरिए ट्रांसफर किया जा सकता है, इसलिए आपका बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी (IFSC) कोड और खाताधारक का नाम ईपीएफओ पोर्टल पर बिल्कुल सही और वेरिफाइड होना चाहिए। कई बार बैंक अकाउंट बंद होने या गलत जानकारी दर्ज होने की वजह से भी पैसों का ट्रांसफर फेल हो जाता है।मोबाइल नंबर और यूपीआई हैंडल को रखें तैयार
आपके आधार और यूएएन से लिंक मोबाइल नंबर का एक्टिव होना अनिवार्य है, क्योंकि यूपीआई सर्विस के जरिए होने वाले लेन-देन को मंजूरी देने में ओटीपी-आधारित ऑथेंटिकेशन एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। पूरी यूपीआई व्यवस्था डिजिटल ऑथेंटिकेशन पर ही टिकी हुई है। इसलिए, सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से आपका आधार-लिंक मोबाइल नंबर, यूएएन-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और यूपीआई-लिंक मोबाइल नंबर पूरी तरह से एक ही होना चाहिए।Next Story