PF Withdrawal via UPI: ईपीएफओ ला रहा है नया ऐप, अब यूपीआई पिन डालते ही मिलेगा पीएफ फंड
भारत में संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि (PF) सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब अपने सदस्यों को तेज और सरल सेवाएं प्रदान करने के लिए एक बड़े तकनीकी बदलाव की तैयारी कर रहा है। संगठन एक ऐसे मोबाइल ऐप और पोर्टल विंडो पर काम कर रहा है जिसके जरिए यूपीआई (UPI) का उपयोग करके पीएफ के पैसे का आंशिक निकास (Partial Withdrawal) किया जा सकेगा।
कैसे काम करेगी यूपीआई आधारित निकासी व्यवस्था?
इस नई व्यवस्था के तहत सदस्य को सबसे पहले पैसे निकालने का कारण बताना होगा। यह कारण बीमारी, उच्च शिक्षा, शादी या घर बनाने जैसे किसी भी विशेष उद्देश्य के लिए हो सकता है। सिस्टम स्वचालित रूप से पात्र राशि की गणना करेगा। इसके बाद सदस्य को अपने लिंक किए गए यूपीआई आईडी के माध्यम से भुगतान की पुष्टि करनी होगी।
पूरी प्रक्रिया को यूपीआई पिन के साथ सत्यापित किया जाएगा और पैसा सीधे सदस्य के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। यह लेनदेन यूपीआई पेमेंट गेटवे के माध्यम से प्रोसेस होगा जिससे पैसा लगभग तुरंत खाते में जमा हो जाएगा। इससे लंबी प्रतीक्षा और जटिल कागजी कार्यवाही काफी कम हो जाएगी।
मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं
वर्तमान नियमों के अनुसार सदस्य अपने पीएफ खाते की कुल जमा राशि का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। पूरी पेंशन राशि की निकासी केवल विशेष परिस्थितियों में ही संभव है जैसे कि एक वर्ष से अधिक समय तक बेरोजगार रहना। नई यूपीआई सुविधा इन नियमों को नहीं बदलेगी। इसका एकमात्र उद्देश्य प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है।
टेस्टिंग फेज और लॉन्च की तैयारी
संगठन फिलहाल लगभग 100 डमी खातों पर इस डिजिटल सिस्टम का परीक्षण कर रहा है। तकनीकी खामियों और सुरक्षा पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सार्वजनिक लॉन्च के दौरान कोई बाधा न आए। रिपोर्टों के अनुसार यह सुविधा अप्रैल 2026 के आसपास सामान्य सदस्यों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है।
मौजूदा यूएएन (UAN) पोर्टल और उमंग ऐप अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे। नया ऐप इन प्लेटफार्मों के पूरक के रूप में काम करेगा और उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगा।
ये फीचर्स भी होंगे उपलब्ध
यह नया प्लेटफॉर्म केवल फंड निकालने तक सीमित नहीं रहेगा। सदस्य इस ऐप के माध्यम से अपनी पीएफ पासबुक की जानकारी, बैलेंस स्टेटस और अन्य संबंधित सेवाओं का लाभ भी ले सकेंगे। लक्ष्य एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है जहां पीएफ से जुड़ी हर सेवा एक ही जगह उपलब्ध हो।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा संचालित यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर इस पहल को और अधिक मजबूत बना सकता है। यह कदम न केवल समय बचाएगा बल्कि पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।
कैसे काम करेगी यूपीआई आधारित निकासी व्यवस्था?
इस नई व्यवस्था के तहत सदस्य को सबसे पहले पैसे निकालने का कारण बताना होगा। यह कारण बीमारी, उच्च शिक्षा, शादी या घर बनाने जैसे किसी भी विशेष उद्देश्य के लिए हो सकता है। सिस्टम स्वचालित रूप से पात्र राशि की गणना करेगा। इसके बाद सदस्य को अपने लिंक किए गए यूपीआई आईडी के माध्यम से भुगतान की पुष्टि करनी होगी। पूरी प्रक्रिया को यूपीआई पिन के साथ सत्यापित किया जाएगा और पैसा सीधे सदस्य के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। यह लेनदेन यूपीआई पेमेंट गेटवे के माध्यम से प्रोसेस होगा जिससे पैसा लगभग तुरंत खाते में जमा हो जाएगा। इससे लंबी प्रतीक्षा और जटिल कागजी कार्यवाही काफी कम हो जाएगी।
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मौजूदा नियमों में कोई बदलाव नहीं
वर्तमान नियमों के अनुसार सदस्य अपने पीएफ खाते की कुल जमा राशि का 75 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं। पूरी पेंशन राशि की निकासी केवल विशेष परिस्थितियों में ही संभव है जैसे कि एक वर्ष से अधिक समय तक बेरोजगार रहना। नई यूपीआई सुविधा इन नियमों को नहीं बदलेगी। इसका एकमात्र उद्देश्य प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। टेस्टिंग फेज और लॉन्च की तैयारी
संगठन फिलहाल लगभग 100 डमी खातों पर इस डिजिटल सिस्टम का परीक्षण कर रहा है। तकनीकी खामियों और सुरक्षा पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सार्वजनिक लॉन्च के दौरान कोई बाधा न आए। रिपोर्टों के अनुसार यह सुविधा अप्रैल 2026 के आसपास सामान्य सदस्यों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है।मौजूदा यूएएन (UAN) पोर्टल और उमंग ऐप अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे। नया ऐप इन प्लेटफार्मों के पूरक के रूप में काम करेगा और उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करेगा।
ये फीचर्स भी होंगे उपलब्ध
यह नया प्लेटफॉर्म केवल फंड निकालने तक सीमित नहीं रहेगा। सदस्य इस ऐप के माध्यम से अपनी पीएफ पासबुक की जानकारी, बैलेंस स्टेटस और अन्य संबंधित सेवाओं का लाभ भी ले सकेंगे। लक्ष्य एक ऐसा डिजिटल इकोसिस्टम बनाना है जहां पीएफ से जुड़ी हर सेवा एक ही जगह उपलब्ध हो। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा संचालित यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर इस पहल को और अधिक मजबूत बना सकता है। यह कदम न केवल समय बचाएगा बल्कि पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।









