EPFO का नया डिजिटल सिस्टम CITES 2.0 लॉन्च, अब UPI से निकलेगा पीएफ का पैसा।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी कर रहा है। जल्द ही पीएफ से पैसा निकालना उतना ही आसान हो जाएगा जितना कि किसी दुकान पर क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करना। ईपीएफओ अपने नए डिजिटल सिस्टम 'CITES 2.0' (Centralized IT Enabled System) के जरिए पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज बनाने जा रहा है।
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यहाँ इस नए सिस्टम और यूपीआई (UPI) से जुड़ी सुविधाओं की पूरी जानकारी दी गई है।

EPFO 2.0: अब पीएफ का पैसा आएगा सीधे यूपीआई वॉलेट में

वर्तमान में पीएफ का पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को लंबी कागजी कार्रवाई और कई दिनों का इंतजार करना पड़ता है। अक्सर तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की कमी की वजह से क्लेम रिजेक्ट भी हो जाते हैं। लेकिन ईपीएफओ का नया 2.0 डिजिटल अवतार इन सभी परेशानियों को खत्म करने के लिए तैयार है।


इस नए सिस्टम के तहत ईपीएफओ नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि आपात स्थिति में कर्मचारी अपने पीएफ खाते से एक निश्चित राशि सीधे अपने यूपीआई आईडी के जरिए निकाल सकें।

नये सिस्टम की मुख्य विशेषताएं और फायदे

तुरंत निकासी (Instant Withdrawal): नए सिस्टम के लागू होने के बाद आपको हफ्तों तक क्लेम सेटलमेंट का इंतजार नहीं करना होगा। यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन रियल-टाइम में प्रोसेस होगा।


ऑटो मोड सेटलमेंट: ईपीएफओ 'ऑटो-क्लेम सेटलमेंट' की सुविधा को और विस्तार दे रहा है। अब सॉफ्टवेयर खुद ही आपके डेटा को वेरिफाई करेगा और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पैसा रिलीज कर देगा।

एटीएम से निकासी की संभावना: चर्चा यह भी है कि आने वाले समय में पीएफ खाताधारकों को विशेष कार्ड दिए जा सकते हैं, जिससे वे जरूरत पड़ने पर एटीएम से भी अपना पैसा निकाल पाएंगे।

पारदर्शिता और सुरक्षा: केंद्रीकृत आईटी सिस्टम (Centralized IT System) होने के कारण डेटा की सुरक्षा बढ़ेगी और भ्रष्टाचार या देरी की गुंजाइश कम होगी।

कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?

जब यह सुविधा पूरी तरह शुरू हो जाएगी, तो कर्मचारी अपने मोबाइल ऐप (जैसे उमंग या ईपीएफओ का नया पोर्टल) पर जाकर निकासी का विकल्प चुन सकेंगे। वहां आपको अपनी यूपीआई आईडी दर्ज करनी होगी या लिंक किए गए बैंक खाते का चयन करना होगा। ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफिकेशन के बाद, स्वीकृत राशि तुरंत आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।


कब तक शुरू होगी यह सुविधा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईपीएफओ का यह नया डिजिटल ढांचा मई के अंत तक पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। सरकार का लक्ष्य 2026 तक ईपीएफओ की सभी सेवाओं को पूरी तरह 'पेपरलेस' और 'कॉन्टैक्टलेस' बनाना है। इससे न केवल कर्मचारियों का समय बचेगा, बल्कि विभाग पर भी काम का बोझ कम होगा।

यह कदम भारत के 'डिजिटल इंडिया' अभियान की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, जहां मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को उनकी मेहनत की कमाई तक पहुंच और भी आसान हो जाएगी।