EPFO का बड़ा अपडेट: अब बिना UAN नंबर के भी निकाल सकेंगे PF का पैसा, न्यूनतम पेंशन होगी 7500! जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली: ईपीएफओ (EPFO) अपने सदस्यों की सुविधा के लिए समय-समय पर नियमों में बड़े बदलाव करता रहता है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ईपीएफओ ने उन लोगों के लिए 'e-Prápti' नाम से एक नया पोर्टल लॉन्च करने की घोषणा की है, जिनके पुराने पीएफ खाते बंद या निष्क्रिय (Dormant) हो गए हैं। यह पोर्टल उन लोगों के लिए वरदान साबित होने वाला है जिनके पास अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) नहीं है, क्योंकि अब वे भी अपने फंसे हुए पीएफ के पैसे निकाल पाएंगे।
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खास बातें: बंद पड़े खातों का पूरा गणित

इसके अलावा केंद्र सरकार जल्द ही पीएफ सब्सक्राइबर्स के लिए न्यूनतम पेंशन राशि में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। अब यूजर्स अपने पुराने खातों को आधार कार्ड के जरिए भी ढूंढ पाएंगे। नीचे दी गई खबर को ध्यान से पढ़ें और समझें कि पीएफ सदस्यों के लिए क्या-क्या सुविधाएं आने वाली हैं।


मंथली पेंशन कितनी बढ़ जाएगी?

केंद्र सरकार ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 7,500 रुपये कर सकती है। फिलहाल ईपीएस-95 योजना के तहत रिटायरमेंट के बाद सदस्य को कम से कम सिर्फ 1,000 रुपये की पेंशन मिलती है। पेंशनभोगी संगठन लंबे समय से इस राशि को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं क्योंकि मौजूदा महंगाई में यह बहुत कम है।


आधार कार्ड से मिलेगी पुराने पीएफ खाते की जानकारी

भविष्य निधि से जुड़ी एक और राहत उन लोगों के लिए है जिनके पास पुराने पीएफ खाते तो हैं लेकिन उनका कोई रिकॉर्ड नहीं बचा है। नया पोर्टल 'e-Prápti' (यानी ईपीएफ आधार-बेस्ड एक्सेस पोर्टल फॉर ट्रैकिंग इनऑपरेटिव अकाउंट्स) जल्द शुरू होने वाला है।

खुशखबरी यह है कि यह पोर्टल उन लोगों की मदद करेगा जिनके पास UAN नंबर नहीं है, खासकर वे लोग जिनके खाते पुराने दौर के हैं जब सारा काम कागजों पर होता था। इस पोर्टल के जरिए आधार कार्ड का इस्तेमाल करके खाताधारक की पहचान की जाएगी और उनका रुका हुआ पैसा वापस दिलाया जाएगा।

कितने खाते पड़े हैं बेकार?


केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि ईपीएफओ के पास वर्तमान में कुल 31.8 लाख निष्क्रिय खाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक इनमें से 41% खाते पिछले 5 से 10 सालों से बंद पड़े हैं। वहीं 22% खाते तो ऐसे हैं जो 20 साल से भी ज्यादा समय से बेकार पड़े हैं। नया पोर्टल इन पुराने खातों को ट्रैक करने, उन्हें मौजूदा UAN से जोड़ने और बैलेंस को फिर से सक्रिय करने में मदद करेगा। अब परिवार का कोई भी सदस्य इन पुराने पैसों को आसानी से निकाल सकेगा।