EPFO 3.0: अब ATM से निकलेगा PF का पैसा, क्या आपकी पेंशन पर पड़ेगा इसका असर? जानें यहां पूरी डिटेल्स
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने नए सुधारों के तहत EPFO 3.0 ढांचा पेश करने की तैयारी में है। इस बड़े बदलाव के बाद पीएफ खाताधारकों को बैंक की तरह एटीएम कार्ड की सुविधा मिल सकती है, जिससे आपात स्थिति में फंड से पैसा निकालना काफी आसान हो जाएगा। हालांकि इस सुविधा की खबर के साथ ही करोड़ों कर्मचारियों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि क्या बार-बार पैसा निकालने से उनके पेंशन (EPS) कम हो जाएगी? विशेषज्ञों ने इस पर स्थिति साफ कर दी है।

क्या है ATM निकासी की सीमा और नियम?
जानकारी के अनुसार एटीएम की सुविधा सिर्फ आपके ईपीएफ खाते के लिए होगी। आपको बता दें कि इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान जमा होता है। नई व्यवस्था के तहत, एक कर्मचारी अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% तक हिस्सा ही निकाल सकेगा। इससे ज्यादा निकासी की अनुमति नहीं होगी जिससे आगो के लिए भी कुछ बचत सुरक्षित रहे। ये कदम उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है और कागजी कार्रवाई में समय लग जाता है।
पेंशन पर नहीं होगा कोई असर
सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि ईपीएफ और ईपीएस दो अलग-अलग खातों की तरह काम करते हैं। बता दें कि पेंशन का हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और इसे एटीएम के जरिए नहीं निकाला जा सकेगा। आपकी रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन आपके सर्विस पीरियड और पेंशन योग्य वेतन पर निर्भर करती है, ना कि आपके पीएफ बैलेंस पर। अगर कोई कर्मचारी 50 साल की उम्र में भी पीएफ से बड़ी राशि निकालता है, तो भी उसकी सेवा अवधि कम नहीं होगी और पेंशन सुरक्षित रहेगी।
पेंशन के लिए जरूरी शर्तें और नियम
नियमों के मुताबिक, पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है। अगर नौकरी बीच में छूट जाती है, तो पेंशन क्लेम के लिए कुछ समय का इंतजार करना पड़ सकता है। पेंशन का लाभ सामान्यत 58 साल की आयु में मिलता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों या स्थायी दिव्यांगता के मामले में इसे पहले भी प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही EPFO 3.0 आपकी आज की जरूरतों को पूरा करना आसान बनाएगा, लेकिन आपकी पेंशन और भविष्य की बचत को सुरक्षित ही रखेगा, उसमें कोई बदलाव नहीं करेगा।
क्या है ATM निकासी की सीमा और नियम?
जानकारी के अनुसार एटीएम की सुविधा सिर्फ आपके ईपीएफ खाते के लिए होगी। आपको बता दें कि इसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान जमा होता है। नई व्यवस्था के तहत, एक कर्मचारी अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% तक हिस्सा ही निकाल सकेगा। इससे ज्यादा निकासी की अनुमति नहीं होगी जिससे आगो के लिए भी कुछ बचत सुरक्षित रहे। ये कदम उन लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है और कागजी कार्रवाई में समय लग जाता है।
पेंशन पर नहीं होगा कोई असर
सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि ईपीएफ और ईपीएस दो अलग-अलग खातों की तरह काम करते हैं। बता दें कि पेंशन का हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और इसे एटीएम के जरिए नहीं निकाला जा सकेगा। आपकी रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन आपके सर्विस पीरियड और पेंशन योग्य वेतन पर निर्भर करती है, ना कि आपके पीएफ बैलेंस पर। अगर कोई कर्मचारी 50 साल की उम्र में भी पीएफ से बड़ी राशि निकालता है, तो भी उसकी सेवा अवधि कम नहीं होगी और पेंशन सुरक्षित रहेगी।
पेंशन के लिए जरूरी शर्तें और नियम
नियमों के मुताबिक, पेंशन पाने के लिए कर्मचारी को कम से कम 10 साल की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है। अगर नौकरी बीच में छूट जाती है, तो पेंशन क्लेम के लिए कुछ समय का इंतजार करना पड़ सकता है। पेंशन का लाभ सामान्यत 58 साल की आयु में मिलता है, लेकिन विशेष परिस्थितियों या स्थायी दिव्यांगता के मामले में इसे पहले भी प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही EPFO 3.0 आपकी आज की जरूरतों को पूरा करना आसान बनाएगा, लेकिन आपकी पेंशन और भविष्य की बचत को सुरक्षित ही रखेगा, उसमें कोई बदलाव नहीं करेगा।
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