होर्मुज स्ट्रेट खुलने के संकेत से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के नीचे, अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद बढ़ी
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बाजार को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी के बाद अब गिरावट वाला दौर देखने को मिला है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की नई कोशिशों की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गईं। पिछले कारोबारी सत्र में करीब 8 फीसदी टूटने के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI करीब 93 डॉलर के पास कारोबार करता दिखा। आइए इसकी वजह समझते हैं।
अमेरिका ने ईरान को भेजा नया प्रस्तावरिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने ईरान को एक पेज का समझौता प्रस्ताव भेजा है, जिसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को धीरे-धीरे फिर से खोला जा सकता है। माना जा रहा है कि ईरान आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर जवाब दे सकता है। अगर दोनों देशों के बीच सहमति बनती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई मार्गों में से एक है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बढ़ा था संकट
मिडिल ईस्ट में युद्ध तेज होने के बाद फरवरी के आखिर से होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद जैसा हो गया था। इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ईरान की ओर से जहाजों की आवाजाही में रुकावट और दूसरी तरफ अमेरिका की सैन्य मौजूदगी के कारण हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए थे। इस दोहरी नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया और तेल की कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं।
ट्रंप ने दी साफ चेतावनीअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि ईरान पहले से तय शर्तों को मान लेता है तो अमेरिका अपना सैन्य अभियान खत्म कर देगा और नाकेबंदी भी हटा ली जाएगी। हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि समझौते में कौन-कौन सी शर्तें शामिल हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान राजी नहीं होता है तो फिर बमबारी दोबारा शुरू हो सकती है। ट्रंप पर घरेलू दबाव भी लगातार बढ़ रहा है क्योंकि अमेरिका में पेट्रोल और ऊर्जा कीमतों में तेजी से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
चीन भी चाहता है जल्दी खुले रास्ताइसी बीच चीन ने भी होर्मुज स्ट्रेट को जल्द खोलने की मांग की है। खबर है कि 14-15 मई को डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में अहम शिखर बैठक होने वाली है। उससे पहले चीन के शीर्ष राजनयिक ने अपने ईरानी समकक्ष से मुलाकात कर जल्द समाधान निकालने पर जोर दिया। जानकारों का मानना है कि ट्रंप नहीं चाहते कि ईरान के साथ जारी तनाव उनकी चीन यात्रा और बड़ी बैठक को प्रभावित करे।
बाजार में बढ़ी समझौते की उम्मीदविशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका (US) की ओर से भेजा गया एक पेज का प्रस्ताव बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि निवेशकों को अभी भी पूरी तरह भरोसा नहीं है कि केवल बातचीत शुरू होने से तुरंत तेल सप्लाई सामान्य हो जाएगी। RBC कैपिटल मार्केट्स के विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन इससे तुरंत जहाजों की आवाजाही और बड़े स्तर पर उत्पादन बहाल होना तय नहीं माना जा सकता।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बढ़ा था संकट
मिडिल ईस्ट में युद्ध तेज होने के बाद फरवरी के आखिर से होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद जैसा हो गया था। इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है। ईरान की ओर से जहाजों की आवाजाही में रुकावट और दूसरी तरफ अमेरिका की सैन्य मौजूदगी के कारण हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए थे। इस दोहरी नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया और तेल की कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं।
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