डिजिटल पेमेंट्स की रफ्तार हुई तेज, मोबाइल मनी ने बनाया नया रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन हुआ 2 ट्रिलियन डॉलर पार

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दुनियाभर में डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और मोबाइल मनी इस बदलाव का एक अहम हिस्सा बन चुका है. GSMA की State of the Industry Report on Mobile Money 2026 के अनुसार, साल 2025 में मोबाइल मनी के जरिए होने वाले लेनदेन 2 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गए हैं. यह दिखाता है कि डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बनती जा रही हैं.
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तेजी से बढ़ता मोबाइल मनी का इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में मोबाइल मनी के जरिए 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का लेनदेन हुआ है. दिलचस्प बात यह है कि इस इंडस्ट्री को पहले 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में करीब 20 साल लगे, लेकिन अगले 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में केवल 4 साल लगे. यह तेज रफ्तार डिजिटल पेमेंट्स की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है.


आपको बता दें कि मोबाइल मनी एक डिजिटल सेवा है, जिसमें लोग अपने मोबाइल फोन के जरिए पैसे भेज सकते हैं, प्राप्त कर सकते हैं और भुगतान कर सकते हैं, बिना बैंक शाखा जाए.


सिर्फ नए यूजर्स ही नहीं, बल्कि मौजूदा यूजर्स का बढ़ता उपयोग भी इस ग्रोथ की बड़ी वजह है. 30 दिन के एक्टिव अकाउंट्स 15% बढ़कर 59.3 करोड़ हो गए हैं, जो पिछले कुछ सालों में सबसे ज्यादा है. वहीं कुल रजिस्टर्ड मोबाइल मनी अकाउंट्स की संख्या 2.3 अरब तक पहुंच गई है.


मोबाइल मनी का इस्तेमाल अब केवल पैसे भेजने तक सीमित नहीं रहा है. अब लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की खरीदारी और सेवाओं के भुगतान के लिए भी कर रहे हैं. मर्चेंट पेमेंट्स में 42% की तेजी आई है और यह 155 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. यह बदलाव दिखाता है कि लोग कैश की जगह डिजिटल विकल्पों को तेजी से अपना रहे हैं.

बैंकिंग सिस्टम से बढ़ता जुड़ाव
मोबाइल वॉलेट और पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम के बीच तालमेल भी तेजी से बढ़ रहा है. बैंक से मोबाइल और मोबाइल से बैंक ट्रांसफर का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है, जिससे डिजिटल लेनदेन और आसान हो गया है और कैश पर निर्भरता कम हो रही है. इसके अलावा मोबाइल मनी प्लेटफॉर्म अब सिर्फ पेमेंट तक सीमित नहीं हैं. अब इनमें सेविंग और इंश्योरेंस जैसी सेवाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. इससे साफ है कि कंपनियां अब ग्राहकों की पूरी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही हैं.


रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में करीब 80% मोबाइल मनी कंपनियां लाभ में रही हैं. इसका कारण बढ़ता उपयोग और आय के नए स्रोत हैं, जिससे यह इंडस्ट्री और मजबूत हो रही है. हालांकि, इस तेजी के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे बढ़ते फ्रॉड के मामले, नियमों से जुड़ी परेशानियां आदि.