मुकेश अंबानी की यह कंपनी ब्रिटेन में बंद कर रही अपना कारोबार, जानिए क्या है पूरा मामला

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मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी हैमलीज (फ्रेंचाइजिंग) लिमिटेड को ब्रिटेन में बंद करने की प्रोसेस शुरू की गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आज यानी 29 अक्टूबर को रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि इस सब्सिडियरी को ब्रिटेन के कंपनी रजिस्टर से हटाने के लिए स्वेच्छा से आवेदन किया गया है। ब्रिटेन के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज ने 27 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में नोटिस जारी किया था। रिलायंस ने ब्रिटिश खिलौना रिटेलर हैमलीज का अधिग्रहण करीब 620 करोड़ रुपए के कैश डील में किया था।

रिलायंस ब्रांड्स ने ब्रिटेन में बनाई गई एक स्पेशल पर्पज व्हीकल कंपनी के जरिए हैमलीज ग्लोबल होल्डिंग्स (HGHL) में 100% हिस्सेदारी खरीदी थी। इस सौदे के लिए 67.96 मिलियन पाउंड का नकद पेमेंट किया गया था। इन सब खबरों के बीच दोपहर 1 बजे Reliance Industries Ltd का शेयर 1.13% की तेजी के साथ 1,171.10 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

दो महीने के अंदर दर्ज कराई जा सकती है आपत्तिनोटिस के मुताबिक, अगर नोटिस जारी होने की तारीख से दो महीने के अंदर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती या कंपनी को बंद करने के खिलाफ कोई उचित कारण सामने नहीं आता, तो हैमलीज फ्रेंचाइजिंग का नाम ब्रिटेन के कंपनी रजिस्टर से हटा दिया जाएगा। इसके बाद कंपनी को बंद कर दिया जाएगा।

2025 में 56 करोड़ रुपए से ज्यादा था टर्नओवरहैमलीज फ्रेंचाइजिंग लिमिटेड ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 56.08 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल किया था। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के टोटल कारोबार में इस कंपनी की हिस्सेदारी बहुत कम थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के टोटल टर्नओवर में इसका योगदान सिर्फ 0.0048% रहा था। 31 दिसंबर 2025 तक हैमलीज फ्रेंचाइजिंग लिमिटेड की नेटवर्थ शून्य थी। नेटवर्थ का मतलब कंपनी की टोटल एसेट्स में से उसकी लायबिलिटीज घटाने के बाद बची रकम से है। हालांकि, कंपनी ने अपना नाम रजिस्टर से हटाने के लिए आवेदन क्यों किया, इसकी वजह नहीं बताई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा कि उसे इस संबंध में जानकारी 28 अक्टूबर को दोपहर 3:11 बजे मिली थी।

1760 में लंदन में हुई थी हैमलीज की शुरुआतहैमलीज की स्थापना 1760 में लंदन में हुई थी। यह दुनिया की सबसे पुरानी खिलौने बेचने वाली कंपनियों में से एक है। लंदन की रीजेंट स्ट्रीट पर स्थित इसका प्रमुख स्टोर काफी पॉपुलर है। कंपनी लंबे समय से खिलौनों की बिक्री के कारोबार में है और दुनियाभर में इसकी पहचान है। हैमलीज का अधिग्रहण करने से पहले भी रिलायंस रिटेल भारत में इसके स्टोर चलाती थी। साल 2008 में शुरू हुए मास्टर फ्रेंचाइजी समझौते के तहत रिलायंस रिटेल को भारत में हैमलीज के स्टोर चलाने का अधिकार मिला था। इस व्यवस्था के तहत रिलायंस रिटेल भारत में हैमलीज ब्रांड के स्टोर संचालित करती थी।

रिलायंस ने 2019 में हैमलीज का अधिग्रहण किया था। उस समय कंपनी के 18 देशों में कुल 167 स्टोर थे। वहीं, रिलायंस रिटेल भारत के 29 शहरों में 88 स्टोर चला रही थी। अधिग्रहण के बाद हैमलीज रिलायंस के रिटेल कारोबार का हिस्सा बन गई।