अगले दो सालों में प्राइवेट बैंक कर सकते हैं सरकारी बैंकों से अच्छा प्रदर्शन, रिपोर्ट में हुआ खुलासा, जानें डिटेल्स

Newspoint
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में आने वाले दो सालों के दौरान निजी बैंक सरकारी बैंकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. ब्रोकरेज फर्म एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच प्राइवेट सेक्टर बैंकों की कमाई में सरकारी बैंकों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों तरह के बैंकों की लोन ग्रोथ लगभग समान रहने का अनुमान है, लेकिन बेहतर मार्जिन और कम जोखिम के कारण निजी बैंक ज्यादा मजबूत Earnings Growth दर्ज कर सकते हैं.
Hero Image

लोन ग्रोथ लगभग समान रहने का अनुमान
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 से 28 के दौरान प्राइवेट और PSU दोनों बैंकों की सालाना लोन ग्रोथ करीब 14 प्रतिशत रहने की उम्मीद है यानी कर्ज वितरण के मामले में दोनों सेक्टर लगभग बराबरी पर रह सकते हैं लेकिन मुनाफे और आय वृद्धि के मामले में निजी बैंक आगे निकल सकते हैं.

प्राइवेट बैंकों की कमाई में 17% तक वृद्धि
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, प्राइवेट बैंकों की Earnings Growth वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान करीब 17 प्रतिशत रह सकती है जबकि PSU बैंकों की कमाई में केवल लगभग 6 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी बैंकों की लाभप्रदता पर कई तरह के दबाव बने रह सकते हैं.


रिपोर्ट में बताया गया है कि PSU बैंकों को आने वाले समय में कौन कौन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. यह चुनौतियां कुछ इस तरह से हैं.

  • बॉन्ड यील्ड बढ़ने से ट्रेजरी इनकम में कमजोरी
  • अन्य आय में कमी
  • वेतन संशोधन का दबाव
  • Expected Credit Loss (ECL) Provisioning बढ़ना

विशेषज्ञों के अनुसार, इन वजहों से सरकारी बैंकों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है.

प्राइवेट बैंकों को मिलेगा मार्जिन का फायदा
रिपोर्ट के अनुसार निजी बैंक अपने Net Interest Margin (NIM) को बेहतर बनाए रखने में सफल हो सकते हैं. इसकी बड़ी वजह बेहतर एसेट मिक्स, मजबूत डिपॉजिट मैनेजमेंट और कम बैलेंस शीट जोखिम बताई गई है. ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि निजी बैंक वित्त वर्ष 2027 में भी अपने मार्जिन वित्त वर्ष 2026 के स्तर के आसपास या उससे बेहतर बनाए रख सकते हैं.