सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी माफ की, PLI योजना के तरह घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा

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भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ करने का ऐलान किया है। इन कंपोनेंट का इस्तेमाल स्मार्ट टीवी, स्मार्ट वॉच, कंप्यूटर, वायरलेस चार्जर, स्मार्टफोन, लैपटॉप, फिटनेस बैंड जैसे अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को बनाने में किया जाता है। सभी आइटम्स के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स पर 31 मार्च 2019 तक के लिए आयात शुल्क में छूट बढ़ाई गई है। केंद्र सरकार द्वारा देश में चलाई जा रही PLI स्कीम के अंतर्गत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला किया गया है।
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इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट पर कस्टम ड्यूटी छूट कब से लागू होगी
  • किसी भी इलेक्ट्रॉनिक आइटम को बनाने के लिए कई कंपोनेंट की आवश्यकता होती है।
  • भारत में निर्माण की गति तो बढ़ गई है लेकिन अभी भी कोई कंपोनेंट के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
  • ऐसे में यदि भारत सरकार की तरफ से कस्टम ड्यूटी लगाई जाती है तो वे कंपोनेंट और महंगे हो जाते हैं।
  • इस समय सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान चला रही है, PLI स्कीम चल रही है। जिसमें घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना उद्देश्य है।
  • इसी उद्देश्य के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट पर कस्टम ड्यूटी माफ करने का ऐलान किया गया है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है।
  • स्मार्टफोन वायरलेस चार्जिंग सिस्टम , डिस्प्ले मॉड्यूल , लिथियम-आयन बैटरी आदि के प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट का एलान किया गया है।
क्या सस्ते हो जाएंगे इलेक्ट्रॉनिक आइटम्सइलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट पर कस्टम ड्यूटी कटौती का मतलब यह नहीं है कि इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स तुरंत सस्ते हो जाएंगे। भारतीय कंपनियां विदेशों से कई इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स खरीद कर इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स बनती है जैसे मोबाइल, लैपटॉप आदि। सरकार के फैसले से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में इंडस्ट्री कम भी कर सकती है।