रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी एविएशन निवेशकों को चेतावनी, फ्लाइट को भी पीछे छोड़ देगी बुलेट ट्रेन!

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देश में रेलवे सेक्टर का तेजी से विकास हो रहा है। बुलेट ट्रेन, वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत की जा रही है। नई -नई परियोजनाओं का शुभारम्भ हो रहा है, मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन का विकास भी जोरों- शोरों से हो रहा है। तेजी से बिछते हाई स्पीड रेल नेटवर्क को देखते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एविएशन सेक्टर के निवेशकों को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि छोटी हाई स्पीड बुलेट ट्रेनों से छोटी दूरी की उड़ाने लगभग खत्म हो जाएगी। जिससे एयरलाइंस का मुनाफा कम होगा और इसका असर उनके निवेशकों को भी भुगतना पड़ सकता है। आने वाले समय में छोटी दूरी की यात्राओं पर भारतीय रेलवे का राज होगा।
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छोटी दूरी की उड़ानों को खत्म कर देगी बुलेट ट्रेन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि इस समय रेल मंत्रालय के द्वारा कई महत्वपूर्ण बुलेट ट्रेनों के मार्गों का विकास शुरू है। कुछ समय बाद इन ट्रेनों का दबदबा बढ़ जाएगा। जिससे न केवल कम समय में यात्रा पूरी हो जाएगी, बल्कि यात्री भी हवाई यात्रा की जगह ट्रेनों से यात्रा करना पसंद करेंगे। छोटी दूरी की यात्राओं के लिए तो एयरलाइंस को काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।

16 लाख करोड़ रुपये का निवेश भारत में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के लिए भारत सरकार 16 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। रेल मंत्रालय जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में जैसे रेल नेटवर्क है वैसे ही भारत में भी बना रही है। इन परियोजनाओं के लिए जमीनों का अधिग्रहण होगा। आगे का विकास हो जाना एयरलाइन सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। मुख्य रूट्स में मुंबई-पुणे की यात्रा केवल 48 मिनट में, हैदराबाद से बेंगलुरु केवल 1 घंटे 55 मिनट में, और बेंगलुरु से चेन्नई की यात्रा केवल 78 मिनट में हो जाएगी। जब रेल नेटवर्क के माध्यम से इतने कम समय में लंबी दूरी तय हो जाएगी तो लोग छोटी दूरी के लिए एयरलाइंस का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

खोजने होंगे नए विकल्प ?सीआईआई बिजनेस समिट में वैष्णव ने कहा कि आने वाले समय में कई छोटी दूरी की यात्रा पर रेलवे का वर्चस्व होगा। इससे एयरलाइंस के मुनाफे पर असर होगा। ऐसे में जो निवेशक एडमिशन सेक्टर में पैसा लगा रहे हैं, उन्हें निवेश के दूसरे विकल्प खोजने होंगे। जहां हाई-स्पीड रेल (HSR) नेटवर्क बन रहे हैं वहां के यात्रियों को रेलवे कैप्चर कर सकता है। ऐसे में एयरलाइंस को अपनी ग्रोथ बढ़ाने के लिए या तो प्रीमियम ग्राहकों को टारगेट करना होगा, लंबी दूरी की यात्राओं पर फोकस बढ़ाना होगा या फिर ऐसे रूट पर फोकस करना होगा जहां हाई स्पीड रेल नेटवर्क ना हो।