बैंक बदलने के बाद नहीं किया ये जरूरी काम तो अटक सकती है EPFO Pension, दूर करें Life Certificate से जुड़ी गलतफहमी
EPFO Pension पाने वाले लोगों के लिए सिर्फ समय पर लाइफ सर्टिफिकेट ( Life Certificate ) जमा करना ही जरूरी नहीं है। पेंशन जिस बैंक अकाउंट में आती है उसकी जानकारी सही और अपडेट रहनी चाहिए। अगर पेंशनर ने बैंक बदल लिया और पुराना अकाउंट बंद कर दिया या बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट नहीं कराई, तो पेंशन की राशि रुक सकती है। ऐसे में सबसे जरूरी बात यह समझना है कि लाइफ सर्टिफिकेट और बैंक अकाउंट अपडेट दो अलग-अलग काम हैं।

बैंक अकाउंट बदलने से पहले क्या करें?अगर किसी ईपीएफओ पेंशनर ने अपना बैंक अकाउंट बदल लिया तो उसे सिर्फ नया बैंक अकाउंट खुलवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पेंशन जिस बैंक या ब्रांच के जरिये मिल रही है, वहां नए अकाउंट की जानकारी देने के साथ जरूरी प्रोसेस पूरी करनी होती है। नियमों के अनुसार संबंधित ईपीएफओ ऑफिस को भी जानकारी देनी पड़ सकती है।
इसका उद्देश्य साफ है कि पेंशन पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड में वही बैंक अकाउंट होना चाहिए जिसमें पेंसनर पेंशन चाहता है।
पुराना बैंक अकाउंट बंद होने पर क्या होगा?मान लीजिए आपकी पेंशन अभी भी पुराने बैंक अकाउंट के जरिये प्रोसेस हो रही है और वह अकाउंट बंद हो जाए। ऐसी स्थिति में पेंशन की राशि क्रेडिट होने में परेशानी आ सकती है। यानी हर बार पेंशन न आने का मतलब यह नहीं है कि ईपीएफएओ ने आपकी पेंशन बंद कर दी।
कई मामलों में परेशानी सिर्फ उस बैंक अकाउंट से जुड़ी हो सकती है, जिसके जरिये पेंशन भेजी जा रही है। ऐसी स्थिति में पेंशनर को संबंधित पेंशन मिलने वाले बैंक ब्रांच से संपर्क करना चाहिए। साथ ही, बैंक अकाउंट अपडेट की प्रोसेस पूरी करनी चाहिए।
अटकी हुई पेंशन का पैसा मिलेगा?अगर बैंक अकाउंट से जुड़ी परेशानी के कारण पेंशन की राशि अकाउंट में नहीं पहुंची तो पेंशनर को बैंक या संबंधित ईपीएफओ ऑफिस से पेमेंट की स्थिति जांचनी चाहिए। साथ ही यह भी पता करना चाहिए कि कितनी पेंशन रुकी है और कोई बकाया राशि बनती है या नहीं।
EPFO Rule के अनुसार बैंक और पेंशन से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव होने पर दोनों को सही तरीके से अपडेट रखना जरूरी है। अगर अकाउंट की जानकारी गलत है, तो पेंशनर को बैंक से संपर्क करना चाहिए।
Life Certificate और बैंक अपडेट एक नहींयहां एक बड़ी गलतफहमी है। लाइफ सर्टिफिकेट यह साबित करता है कि पेंशनर जीवित है और पेंशन पाने के पात्रता जारी है। वहीं, बैंक अकाउंट अपडेट का संबंध इस बात से है कि पेंशन की राशि किस बैंक अकाउंट में भेजी जानी है। यानी, लाइफ सर्टिफिकेट दमा करने से नया बैंक अकाउंट अपने आप अपडेट नहीं हो जाता।
अगर पेंशनर ने बैंक बदला है तो बैंक अकाउंट बदलने की जरूरी प्रोसेस अलग से पूरी करनी होगी।
Life Certificate नहीं दिया तो क्या होगा?लाइफ सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं होने पर पेंशन पेमेंट प्रभावित हो सकता है। जब तक जरूरी प्रमाण जमा नहीं किया जाता और पेंशनर पात्रता की पुष्टि नहीं होती पेमेंट में रुकावट आ सकती है।
ईपीएफओ पेंशनर्स की चेकलिस्टअगर आपने हाल ही में बैंक बदला है तो आपको इन चीजों को जरूर चेक करना चाहिए:
बैंक अकाउंट बदलने से पहले क्या करें?अगर किसी ईपीएफओ पेंशनर ने अपना बैंक अकाउंट बदल लिया तो उसे सिर्फ नया बैंक अकाउंट खुलवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पेंशन जिस बैंक या ब्रांच के जरिये मिल रही है, वहां नए अकाउंट की जानकारी देने के साथ जरूरी प्रोसेस पूरी करनी होती है। नियमों के अनुसार संबंधित ईपीएफओ ऑफिस को भी जानकारी देनी पड़ सकती है।
इसका उद्देश्य साफ है कि पेंशन पेमेंट से जुड़े रिकॉर्ड में वही बैंक अकाउंट होना चाहिए जिसमें पेंसनर पेंशन चाहता है।
पुराना बैंक अकाउंट बंद होने पर क्या होगा?मान लीजिए आपकी पेंशन अभी भी पुराने बैंक अकाउंट के जरिये प्रोसेस हो रही है और वह अकाउंट बंद हो जाए। ऐसी स्थिति में पेंशन की राशि क्रेडिट होने में परेशानी आ सकती है। यानी हर बार पेंशन न आने का मतलब यह नहीं है कि ईपीएफएओ ने आपकी पेंशन बंद कर दी।
कई मामलों में परेशानी सिर्फ उस बैंक अकाउंट से जुड़ी हो सकती है, जिसके जरिये पेंशन भेजी जा रही है। ऐसी स्थिति में पेंशनर को संबंधित पेंशन मिलने वाले बैंक ब्रांच से संपर्क करना चाहिए। साथ ही, बैंक अकाउंट अपडेट की प्रोसेस पूरी करनी चाहिए।
अटकी हुई पेंशन का पैसा मिलेगा?अगर बैंक अकाउंट से जुड़ी परेशानी के कारण पेंशन की राशि अकाउंट में नहीं पहुंची तो पेंशनर को बैंक या संबंधित ईपीएफओ ऑफिस से पेमेंट की स्थिति जांचनी चाहिए। साथ ही यह भी पता करना चाहिए कि कितनी पेंशन रुकी है और कोई बकाया राशि बनती है या नहीं।
EPFO Rule के अनुसार बैंक और पेंशन से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव होने पर दोनों को सही तरीके से अपडेट रखना जरूरी है। अगर अकाउंट की जानकारी गलत है, तो पेंशनर को बैंक से संपर्क करना चाहिए।
Life Certificate और बैंक अपडेट एक नहींयहां एक बड़ी गलतफहमी है। लाइफ सर्टिफिकेट यह साबित करता है कि पेंशनर जीवित है और पेंशन पाने के पात्रता जारी है। वहीं, बैंक अकाउंट अपडेट का संबंध इस बात से है कि पेंशन की राशि किस बैंक अकाउंट में भेजी जानी है। यानी, लाइफ सर्टिफिकेट दमा करने से नया बैंक अकाउंट अपने आप अपडेट नहीं हो जाता।
अगर पेंशनर ने बैंक बदला है तो बैंक अकाउंट बदलने की जरूरी प्रोसेस अलग से पूरी करनी होगी।
Life Certificate नहीं दिया तो क्या होगा?लाइफ सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं होने पर पेंशन पेमेंट प्रभावित हो सकता है। जब तक जरूरी प्रमाण जमा नहीं किया जाता और पेंशनर पात्रता की पुष्टि नहीं होती पेमेंट में रुकावट आ सकती है।
ईपीएफओ पेंशनर्स की चेकलिस्टअगर आपने हाल ही में बैंक बदला है तो आपको इन चीजों को जरूर चेक करना चाहिए:
- पेंशन किस बैंक अकाउंट में भेजी जा रही है?
- पुराना बैंक अकाउंट बंद तो नहीं हो गया?
- नए बैंक अकाउंट की जानकारी बैंक रिकॉर्ड में अपडेट है या नहीं?
- जरूरत पड़ने पर EPFO कार्यालय में बदलाव की जानकारी दी गई है या नहीं?
- Life Certificate समय पर जमा किया गया है या नहीं?
- कोई पेंशन पेमेंट या बाकाया राशि लंबित तो नहीं?
Next Story