नेतन्याहू नहीं, मैं ही सारे फैसले लेता हूं... इजरायल-ईरान तनाव से US-ईरान वार्ता पटरी से नहीं उतरेगी : डोनाल्ड ट्रंप

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ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुए हमलों ने अमेरिका ईरान की शांति वार्ता पर सवाल खड़े कर दिए। जब इजरायल ने लेबनान पर हमला किया था तब ईरान की तरफ से कहा गया था कि वह अभी अमेरिका के साथ शांति वार्ता को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि इजरायल ईरान के तनाव से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता प्रभावित नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सब कुछ मैं ही तय करता हूं।
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खत्म नहीं हुई शांति वार्ता की उम्मीदअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद ऐसा प्रतीक हो रहा है जैसे अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदें अभी भी बरकरार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहा है कि वे शांति वार्ता को पटरी से नहीं उतरते देंगे। उनका कहना है कि क्षेत्रीय तनाव के बढ़ने के बाद भी शांति समझौते को सुरक्षित करने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। संघर्ष उनके राजनीतिक प्रयासों को प्रभावित नहीं करेगा।

नेतन्याहू नहीं लेते कोई फैसला मीडियारिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सारे फैसले मैं ही लेता हूं वह (नेतन्याहू) कोई फैसला नहीं लेते। अमेरिकी राष्ट्रपति इसके पहले भी लेबनान पर हमला करने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री को फटकार लगा चुके हैं। अभी लगातार आग्रह कर रहे हैं कि इन सैन्य अभियानों को रोका जाए।

इजरायल ईरान के बीच जारी है हवाई हमलेमीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फिर से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। हालांकि इसके बाद भी इजरायल और ईरान के बीच हवाई हमले जारी है। पिछले सप्ताह ही वाशिंगटन की तरफ से इजरायल और लेबनान के बीच युद्ध विराम प्रस्ताव पेश किया गया था, लेकिन इसके बाद इजरायल ने नए हमले किए। इसके बाद ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता को बीच में रोकने और हमले का बदला लेने का ऐलान किया था।

बढ़ते तनाव का भारत पर असरभारत से ही दुनिया के अन्य देश भी उम्मीद कर रहे थे कि जल्द ही यह तनाव समाप्त हो और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज की आवाज चाहिए पहले के जैसे सामान्य हो सके। लेकिन ईरान इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बाद फिर कच्चे तेल की कीमतों में उबाल देखने को मिल रहा है। यदि कीमतों में या तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर भारत के आयात बिल में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिल सकता है। जिसका असर लंबे समय में भारत में महंगाई भी बढ़ा सकता है।