फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और डाइनआउट के बाद अब इस बिजनेस में दीपिंदर गोयल की एंट्री, जानें ब्रोकरेज की राय और कंपनी का प्लान

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फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और डाइनआउट के कारोबार के बाद Eternal अब AI की दुनिया में नई संभावनाएं तलाश रही है। कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने Dark.ai की घोषणा की है, जो प्राइवेसी पर फोकस करने वाला AI असिस्टेंट है। इसे भविष्य में कंपनी के लिए ज्यादा मार्जिन वाला कारोबार बनाने की संभावना के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी यह शुरुआती प्रयोग है और इसकी व्यावसायिक सफलता साबित होना बाकी है। फिलहाल इसकी कंपनी के अंदर टेस्टिंग चल रही है और इसे आने वाले महीनों में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इसे फाउंडर्स, रिसर्चर्स, कंपनियों और सरकारों जैसे ज्यादा AI इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए तैयार किया जा रहा है। इसमें फाइन-ट्यून किए गए ओपन सोर्स या ‘ओपन वेट’ मॉडल का इस्तेमाल होगा, जो Eternal के अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेंगे।
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Dark.ai की सबसे बड़ी खासियत यूजर्स की प्राइवेसी होगी। इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और यूजर के कंट्रोल वाली एन्क्रिप्टेड मेमोरी लेयर इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि Eternal यूजर्स की बातचीत नहीं पढ़ पाएगी, भले ही उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाए। गोयल ने शेयरहोल्डर्स को लिखे लेटर में कहा कि कंपनी इस चिंता को खत्म करना चाहती है कि 'कोई व्यक्ति, कभी, कहीं भी आपकी बातचीत पढ़ सकता है।' उन्होंने कहा, 'यही वह आशंका है, जिसे हम Dark.ai के जरिए खत्म करना चाहते हैं।'

हालांकि, Eternal के लिए Dark.ai अभी कमाई बढ़ाने वाला कारोबार नहीं, बल्कि एक एक्सपेरिमेंट है। मैनेजमेंट ने इसे 'जीरो टू वन' दांव बताया है। अगर यह सफल होता है, तो कारोबार को दुनियाभर में बढ़ाया जा सकता है। वहीं, असफल रहने पर इसे बंद भी किया जा सकता है। फिलहाल इस पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा नहीं है। अगर ग्राहकों की प्रतिक्रिया अच्छी रहती है और कंपनी बड़ा निवेश करती है, तो इसका ज्यादातर हिस्सा हार्डवेयर, कंप्यूटिंग कैपेसिटी और GPU पर खर्च किया जाएगा।

Dark.ai से कमाई की बड़ी उम्मीद, लेकिन जोखिम भी ज्यादाEternal के मैनेजमेंट का शुरुआती अनुमान है कि Dark.ai भविष्य में अच्छी कमाई करने वाला कारोबार बन सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि इसमें ग्रॉस मार्जिन ज्यादा रहेगा और यह जल्दी मुनाफे में आ सकता है। अगर Dark.ai सफल होता है, तो Eternal अपनी कमाई से ही इस कारोबार का विस्तार कर सकती है। हालांकि, अभी इसकी कीमत कितनी होगी, यूजर्स से पैसे कैसे लिए जाएंगे और इसे मार्केट में किस स्ट्रैटेजी के तहत लॉन्च किया जाएगा, इस पर फैसला होना बाकी है।

Nuvama Research ने अगले 12 महीने को अहम बतायाब्रोकरेज फर्म नुवामा रिसर्च के मुताबिक, मैनेजमेंट Dark.ai को ज्यादा रिस्क और ज्यादा रिटर्न वाले अवसर के तौर पर देख रहा है। इसका मतलब है कि अगर प्रोडक्ट सफल होता है, तो कंपनी को बड़ा फायदा मिल सकता है। लेकिन अगर यह यूजर्स को अट्रैक्ट नहीं कर पाया, तो इसके विस्तार की योजना पर असर पड़ सकता है। नुवामा रिसर्च का मानना है कि अगले 12 महीने यह समझने के लिहाज से बेहद अहम होंगे कि Dark.ai और Eternal की दूसरी एंटरप्राइज AI पहल Nugget कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कारोबार बन पाती हैं या नहीं।

एमके ग्लोबल को Dark.ai की संभावनाओं पर अभी भरोसा नहींब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने Dark.ai को ज्यादा AI इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए बनाया गया प्राइवेसी-फोकस्ड असिस्टेंट बताया है। यह एडवांस्ड ओपन-वेट AI मॉडल और Eternal के अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करेगा। ब्रोकरेज ने Eternal के इस कदम को पॉजिटिव माना है, क्योंकि इससे कंपनी को टेक्नोलॉजी के एक नए क्षेत्र में एंट्री करने का मौका मिलेगा। हालांकि, इस प्रोडक्ट के कारोबार, कमाई और भविष्य की संभावनाओं के बारे में अभी पर्याप्त जानकारी नहीं है। Emkay Global ने इस क्षेत्र को कंपनी के मौजूदा कारोबार से अपेक्षाकृत अलग भी माना है। इसी वजह से उसने Dark.ai पर फिलहाल न्यूट्रल रुख बनाए रखा है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल Abhishek Tripathi ने लिखा है, जो सेबी-रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट या इन्वेस्टमेंट एडवाइजर नहीं हैं। आर्टिकल के पब्लिश की तारीख तक Abhishek Tripathi और उनके 'रिश्तेदार' (जैसा कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(77) के तहत परिभाषित है) इस आर्टिकल में उल्लिखित कंपनियों में कोई वित्तीय हित नहीं रखते हैं। इस आर्टिकल में जहां भी लागू हो, मेंशन किए व्यूज/ रिकमेंडेशन्स संबंधित सेबी-रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट/ब्रोकरेज या एक्सपर्ट के हैं और उन्हें उचित सोर्स का उल्लेख करते हुए प्रस्तुत किया गया है। इन्हें द इकोनॉमिक टाइम्स हिन्दीं या पत्रकार के विचार या सिफारिश के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे मूल रिसर्च रिपोर्ट पर विचार करें और अपना निवेश संबंधी निर्णय स्वयं के आकलन के आधार पर लें।