अब और नरमी नहीं बरती जाएगी... इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता बैठक से पहले ट्रंप की चेतावनी, बातचीत विफल होने से भारत पर क्या होगा असर?

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अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए तनाव का आज 51वां दिन है। दोनों पक्षों के बीच अब फिर से पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता बैठक होने जा रही है। इस दौरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को खोलने और अन्य मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। लेकिन पिछली शांति वार्ता बैठक के जैसे यदि इस बार भी दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनती है तो इसका असर क्या होगा? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी
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दी है कि यदि ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता है तो इसके उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अब और नरमी नहीं बरती जाएगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिये लिखा है कि अमेरिका के प्रतिनिधि मंडल ईरान के साथ शांति वार्ता की बैठक के लिए सोमवार शाम तक इस्लामाबाद पहुंच जाएंगे। इस जानकारी के साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी भी दी है कि यदि तेहरान अमेरिका की शर्तों को नहीं मानता है और इस बार भी यह बैठक सफल नहीं हो पाती है तो अमेरिका ईरान के सभी बिजली संयंत्रों और सभी पूलों को नष्ट कर देगा।
ट्रंप का कहना है कि अब और ज्यादा नरमी नहीं बरती जाएगी। ईरान ने किया युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन ट्रंप ने ईरान पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने युद्ध विराम के शर्तों का उल्लंघन किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान ने गोलिबारी करके फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटिश जहाज को निशाना बनाया। अमेरिका ने पहले ही इन प्रमुख जलमार्गों को बंद करके रखा है ऐसे में ईरान के द्वारा उठाया गया यह कदम प्रभावी नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा की जलमार्गों को बंद रखने से ईरान को काफी नुकसान हुआ है। क्या इस बार सुलझेगा का मामला? पाकिस्तान के इस्लामाबाद में इसके पहले भी अमेरिका और तेहरान के प्रतिनिधि मंडलों के बीच में शांति वार्ता को लेकर बैठक हो चुकी है।
लेकिन ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया था। अब फिर से दोनों पक्षों की दूसरी दौर की शांति वार्ता बैठक सोमवार से होने वाली। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दोनों पक्ष एक दूसरे की बात मानकर विवाद को खत्म कर दें। बैठक के असफल होने से भारत पर क्या होगा असर? यदि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता बैठक भी असफल होती है तो इसका गंभीर परिणाम भारत को भी देखना पड़ सकता है। पहले ही स्ट्रेट ऑफ़ होर्मूज से तेल और गैस की सप्लाई बंद होने से आपूर्ति व्यवधान हुआ है। यदि है लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत के विकास की दर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि भारत सरकार के द्वारा अन्य विकल्पों की तलाश की जा रही है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अधिक निर्भरता होने के कारण परेशानी का सामना किया जा रहा है।