Apple का बड़ा झटका: भारत में सबसे ज्यादा बढ़ी कीमतें, MacBook और iPad हुए 14% से 70% तक महंगे
Apple ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में अचानक बड़ा बदलाव कर दिया है और इसका सबसे बड़ा असर भारत में देखने को मिला है। कंपनी ने MacBook, iPad, Apple TV और HomePod जैसे प्रोडक्ट्स की कीमतों में 14% से लेकर 70% तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। खास बात यह है कि दुनिया के बाकी बाजारों के मुकाबले भारत में यह बढ़ोतरी सबसे ज्यादा है, जिससे यहां के Apple यूजर्स पर सीधा आर्थिक दबाव बढ़ गया है। विश्लेषकों के मुताबिक, रुपये की डॉलर के मुकाबले तेज गिरावट, ऊंचे इंपोर्ट ड्यूटी और भारी टैक्स स्ट्रक्चर ने मिलकर भारत में कीमतों को और ज्यादा महंगा बना दिया है।

रुपये की कमजोरी और टैक्स सिस्टम ने बढ़ाया बोझविशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कीमतों में इस तेज उछाल की सबसे बड़ी वजह रुपये की कमजोरी है, जिसने इंपोर्टेड प्रोडक्ट्स की लागत को और बढ़ा दिया है। इसके साथ ही Apple अपने प्रोडक्ट्स को पूरी तरह असेंबल्ड रूप में भारत में इंपोर्ट करता है, जिस पर भारी इंपोर्ट ड्यूटी और 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। इस कॉम्बिनेशन ने मिलकर कीमतों को सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंचा दिया है, जिससे भारतीय बाजार में Apple प्रोडक्ट्स और महंगे हो गए हैं।
Apple का “करंसी बफर” भी टूटा, कंपनी को बदलनी पड़ी रणनीतिIDC इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट नवकेंदर सिंह के मुताबिक, Apple लंबे समय से भारत जैसे बाजारों के लिए एक आंतरिक करंसी बफर बनाए हुए था ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके। लेकिन हाल के समय में रुपये की लगातार कमजोरी और लागत में बढ़ोतरी के चलते कंपनी को इस बफर को संशोधित करना पड़ा है। इसका सीधा असर अब ग्राहकों को दिख रहा है और कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है।
भारत में महंगे हुए Apple प्रोडक्ट्स, अमेरिका और यूरोप से भी ऊपर दामनई कीमतों के बाद भारत में Apple प्रोडक्ट्स कई मामलों में अमेरिका और यूरोप की तुलना में ज्यादा महंगे हो गए हैं। अमेरिका में जहां कीमतों में लगभग 15% से 25% तक की बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं यूरोप में यह 20% से 25% के बीच रही है। लेकिन भारत में यह बढ़ोतरी कई मॉडल्स में 70% तक पहुंच गई है, जिससे यहां की प्राइसिंग अब वैश्विक स्तर पर सबसे आक्रामक मानी जा रही है।
रुपये की कमजोरी और टैक्स सिस्टम ने बढ़ाया बोझविशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कीमतों में इस तेज उछाल की सबसे बड़ी वजह रुपये की कमजोरी है, जिसने इंपोर्टेड प्रोडक्ट्स की लागत को और बढ़ा दिया है। इसके साथ ही Apple अपने प्रोडक्ट्स को पूरी तरह असेंबल्ड रूप में भारत में इंपोर्ट करता है, जिस पर भारी इंपोर्ट ड्यूटी और 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। इस कॉम्बिनेशन ने मिलकर कीमतों को सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंचा दिया है, जिससे भारतीय बाजार में Apple प्रोडक्ट्स और महंगे हो गए हैं।
Apple का “करंसी बफर” भी टूटा, कंपनी को बदलनी पड़ी रणनीतिIDC इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट नवकेंदर सिंह के मुताबिक, Apple लंबे समय से भारत जैसे बाजारों के लिए एक आंतरिक करंसी बफर बनाए हुए था ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके। लेकिन हाल के समय में रुपये की लगातार कमजोरी और लागत में बढ़ोतरी के चलते कंपनी को इस बफर को संशोधित करना पड़ा है। इसका सीधा असर अब ग्राहकों को दिख रहा है और कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला है।
भारत में महंगे हुए Apple प्रोडक्ट्स, अमेरिका और यूरोप से भी ऊपर दामनई कीमतों के बाद भारत में Apple प्रोडक्ट्स कई मामलों में अमेरिका और यूरोप की तुलना में ज्यादा महंगे हो गए हैं। अमेरिका में जहां कीमतों में लगभग 15% से 25% तक की बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं यूरोप में यह 20% से 25% के बीच रही है। लेकिन भारत में यह बढ़ोतरी कई मॉडल्स में 70% तक पहुंच गई है, जिससे यहां की प्राइसिंग अब वैश्विक स्तर पर सबसे आक्रामक मानी जा रही है।
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