RBI MPC 2026: क्या भारत में और भी महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिया बड़ा बयान
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया है कि इस लड़ाई की वजह से दुनिया भर का व्यापार और सप्लाई चेन प्रभावित हो रहे हैं। बाजारों में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। आपको बता दें कि इन सब परिस्थितियों को देखते हुए आरबीआई ने फैसला किया है कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और ये 5.25% पर बनी रहेगी। हालांकि, राहत की बात ये है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

महंगाई के खतरे पर RBI का भरोसा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और समुद्री रास्तों में रुकावट आने से दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने का असर यहां भी पड़ सकता है। लेकिन गवर्नर ने भरोसा दिलाया है कि भारत के पास इस मुश्किल से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) मौजूद हैं, जिससे देश को ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
भारत ने बदले अपने रास्ते
भारत ने अब दूसरे देशों से भी कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। सबसे बड़ी बात ये है कि भारत का लगभग 60% तेल आयात अब ऐसे समुद्री रास्तों से हो रहा है, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नहीं आते। इससे देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुकने का खतरा बहुत कम हो गया है।
सरकार की तैयारी
देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने सोने और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी गैर-जरूरी चीजों के आयात पर सख्ती बढ़ा दी है जिससे कि देश का पैसा बाहर ना जाए। साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, पिछले कुछ सालों के अच्छे मैनेजमेंट की वजह से सरकार के पास पर्याप्त फंड है। संकट के इस दौर में भी देश के विकास कार्यों की रफ्तार को धीमा नहीं होने दिया जाएगा।
भारत ने बदले अपने रास्ते
भारत ने अब दूसरे देशों से भी कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। सबसे बड़ी बात ये है कि भारत का लगभग 60% तेल आयात अब ऐसे समुद्री रास्तों से हो रहा है, जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नहीं आते। इससे देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुकने का खतरा बहुत कम हो गया है।
सरकार की तैयारी
देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने सोने और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी गैर-जरूरी चीजों के आयात पर सख्ती बढ़ा दी है जिससे कि देश का पैसा बाहर ना जाए। साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, पिछले कुछ सालों के अच्छे मैनेजमेंट की वजह से सरकार के पास पर्याप्त फंड है। संकट के इस दौर में भी देश के विकास कार्यों की रफ्तार को धीमा नहीं होने दिया जाएगा।
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