जियो की शेयर मार्केट में एंट्री के दौरान भावुक हुए मुकेश अंबानी, ईशा ने बताया रिलायंस का शुरुआती सफर; डिनर के दौरान हुई बातचीत का किया जिक्र
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में दमदार एंट्री के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक नजर आए। जियो के IPO के लिस्टिंग के दौरान उनकी बेटी ईशा अंबानी और बेटे अनंत अंबानी ने कंपनी के सफर, परिवार की विरासत और जियो को इस मुकाम तक पहुंचाने में योगदान देने वाले लोगों को याद किया। रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया। जियो के लिए यह उसकी कॉर्पोरेट यात्रा का एक अहम पड़ाव रहा।

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर आज (28 अक्टूबर) BSE और NSE पर 1,359 रुपए पर लिस्ट हुए। यह 1,119 रुपए प्रति शेयर के IPO इश्यू प्राइस से 21.36% ज्यादा है। 30,213 करोड़ रुपए का यह पब्लिक इश्यू भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO है। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज सपोर्टेड डिजिटल सर्विसेज बिजनेस का वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। IPO को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
ईशा अंबानी ने याद किए पिता मुकेश अंबानी के शुरुआती दिन, बताया कैसे हुई थी रिलायंस की शुरुआतरिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने परिवार के साथ डिनर के दौरान हुई एक बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले परिवार के साथ डिनर करते समय मुकेश अंबानी ने साल 1977 के उन दिनों को याद किया, जब वह रिलायंस के पहले पब्लिक इश्यू पर काम कर रहे थे। उस समय उनकी उम्र महज 20 साल थी। ईशा के मुताबिक, उनके दादा और रिलायंस के फाउंडर धीरूभाई अंबानी चाहते थे कि कंपनी को आम लोगों से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने रिलायंस को आम लोगों के लिए निवेश का अवसर उपलब्ध कराने का फैसला किया था। ईशा ने बताया कि उनके पिता ने कंपनी के शुरुआती दिनों से ही इस सफर को करीब से देखा और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिर्फ 10 साल में जियो ने हासिल किया बड़ा मुकामईशा अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने महज 10 साल में कारोबार के बड़े स्तर तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि इस साल जियो का रेवेन्यू करीब 15.5 बिलियन डॉलर और वास्तविक कमाई लगभग 8 बिलियन डॉलर रही। ईशा ने कहा कि दुनिया में बहुत कम कंपनियां सिर्फ 10 साल में इस स्तर तक पहुंच पाती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी की सफलता को सिर्फ आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता। इसके पीछे उन ग्राहकों का भरोसा है, जिन्होंने जियो की सर्विस को अपनाया और कंपनी को आगे बढ़ने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि जियो को इस मुकाम तक पहुंचाने में ग्राहकों की सबसे अहम भूमिका रही है। उनके मुताबिक, जियो की सफलता के पीछे उन लोगों का विश्वास है, जिन्होंने कंपनी की सर्विस का इस्तेमाल किया और उसे अपना बनाया।
अपने पिता की दूरदर्शिता को दिया सफलता का श्रेयईशा अंबानी ने अपने पिता मुकेश अंबानी की सोच और काम करने के तरीके की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्सर ऐसी संभावनाओं को पहले ही देख लेते हैं, जिनके बारे में दूसरे लोग उस समय सोच भी नहीं पाते। इसके बाद वह उन विचारों को हकीकत में बदलने के लिए मेहनत और साहस के साथ काम करते हैं। ईशा के मुताबिक, मुकेश अंबानी ने कई बार ऐसे काम करने का फैसला लिया, जिन्हें दूसरे लोग असंभव मानते थे। उनकी इसी सोच ने लाखों-करोड़ों भारतीयों के सामने नए अवसर खोले और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग इंडस्ट्री में काम करने और कई दशक बीत जाने के बावजूद उनके फैमिली का भारत की क्षमता पर भरोसा हमेशा बना रहा है। परिवार का मानना है कि देश में आगे बढ़ने की अभी बहुत संभावनाएं हैं और सबसे अच्छा दौर आना बाकी है। ईशा ने इसे सिर्फ शुरुआत बताया। अपने संबोधन के दौरान ईशा अंबानी ने पिता मुकेश अंबानी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जियो जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने पिता के प्रति प्यार और आभार जताते हुए कहा कि आज वे इस मुकाम पर उनके कारण ही पहुंचे हैं।
ईशा की इन बातों के दौरान परिवार की विरासत और मुकेश अंबानी के योगदान पर खास ध्यान रहा। उन्होंने अपने पिता के उस विजन को भी याद किया, जिसके तहत कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के लिए नई संभावनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया।
IPO के बाद भी जारी रहेगा कारोबार को आगे बढ़ाने का वादाईशा अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग कंपनी की यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं है। उनके मुताबिक, यह एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। अब कंपनी को निवेशकों और ग्राहकों के भरोसे पर खरा उतरना है और कारोबार को लगातार आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि वह, उनके भाई आकाश अंबानी और अनंत अंबानी मिलकर अपने दादा धीरूभाई अंबानी के उस वादे को आगे बढ़ाएंगे, जो उन्होंने निवेशकों और ग्राहकों से किया था। ईशा ने भरोसा दिलाया कि कंपनी ईमानदारी के साथ निवेशकों और ग्राहकों के विश्वास का सम्मान करेगी। उन्होंने अपने दादा की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रोथ ही जीवन है। इसी सोच के साथ कंपनी आगे भी नए अवसर तलाशती रहेगी और अपने कारोबार को बढ़ाने पर काम करेगी।
आकाश अंबानी के समर्पण की भी की तारीफईशा अंबानी ने अपने भाई और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी के काम के प्रति समर्पण का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आकाश पिछले 13 साल से इस सफर में लगातार जुटे हुए हैं। ईशा ने कहा कि उन्हें याद नहीं आता कि इन 13 सालों के दौरान आकाश कभी रात 12 बजे से पहले घर लौटे हों। उन्होंने अपने भाई के प्रति गर्व जताते हुए कहा कि उन्हें आकाश की बहन होने पर बहुत गर्व है। उनकी इस बात से जियो के कारोबार को आगे बढ़ाने में आकाश अंबानी की भूमिका और उनके लंबे समय से जारी प्रयासों का पता चलता है।
अनंत अंबानी बोले- 'मेरे लिए बिजनेस पूजा है'जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत उन लाखों लोगों का आभार जताकर की, जिन्होंने जियो पर भरोसा किया और कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इस खास दिन पर सबसे महत्वपूर्ण शब्द आभार है। उनके मुताबिक, जियो की सफलता में उन सभी लोगों का योगदान है, जिन्होंने कंपनी पर विश्वास किया और उसकी सेवाओं को अपनाया। अनंत ने बिजनेस को पूजा से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए कारोबार करना एक धार्मिक अनुष्ठान की तरह है। उन्होंने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज में बजने वाली घंटी उन्हें मंदिर की घंटी जैसी लगेगी, क्योंकि उनके लिए बिजनेस पूजा है। उन्होंने आगे कहा कि हर पूजा के बाद प्रसाद बांटा जाता है और प्रसाद हमेशा दूसरों के साथ शेयर किया जाता है। इसी तरह, जियो की IPO लिस्टिंग के जरिए कंपनी आज अपनी यात्रा को पूरे भारत के साथ शेयर कर रही है।
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में बहन ईशा अंबानी और भाई आकाश अंबानी के साथ अपने रिश्ते और साझा जिम्मेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईशा दीदी, आकाश भाई और वह तीन अलग-अलग शरीर हैं, लेकिन उनकी आत्मा एक है। तीनों का एक ही संकल्प है- परिवार के सपनों और उसकी सोच को आगे बढ़ाना।
दादा का सपना, दादी का आशीर्वाद और माता-पिता के संस्कारअपने संबोधन के अंत में अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस भविष्य में भी नए सपने देखता रहेगा, लेकिन उसकी बुनियादी सोच और वैल्यू नहीं बदलेंगे। उन्होंने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों, दादी के आशीर्वाद, पिता मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन और मां से मिले विनम्रता व दूसरों की देखभाल करने के संस्कारों का जिक्र किया। अनंत के मुताबिक, रिलायंस की आगे की यात्रा में भी फैमिली की यही सीख और वैल्यू महत्वपूर्ण रहेंगे। कंपनी नए अवसरों की तलाश करती रहेगी, लेकिन अपनी जड़ों और उन सिद्धांतों से जुड़ी रहेगी, जिनके आधार पर इसकी नींव रखी गई थी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर आज (28 अक्टूबर) BSE और NSE पर 1,359 रुपए पर लिस्ट हुए। यह 1,119 रुपए प्रति शेयर के IPO इश्यू प्राइस से 21.36% ज्यादा है। 30,213 करोड़ रुपए का यह पब्लिक इश्यू भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO है। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज सपोर्टेड डिजिटल सर्विसेज बिजनेस का वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। IPO को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
ईशा अंबानी ने याद किए पिता मुकेश अंबानी के शुरुआती दिन, बताया कैसे हुई थी रिलायंस की शुरुआतरिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने परिवार के साथ डिनर के दौरान हुई एक बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले परिवार के साथ डिनर करते समय मुकेश अंबानी ने साल 1977 के उन दिनों को याद किया, जब वह रिलायंस के पहले पब्लिक इश्यू पर काम कर रहे थे। उस समय उनकी उम्र महज 20 साल थी। ईशा के मुताबिक, उनके दादा और रिलायंस के फाउंडर धीरूभाई अंबानी चाहते थे कि कंपनी को आम लोगों से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने रिलायंस को आम लोगों के लिए निवेश का अवसर उपलब्ध कराने का फैसला किया था। ईशा ने बताया कि उनके पिता ने कंपनी के शुरुआती दिनों से ही इस सफर को करीब से देखा और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिर्फ 10 साल में जियो ने हासिल किया बड़ा मुकामईशा अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने महज 10 साल में कारोबार के बड़े स्तर तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि इस साल जियो का रेवेन्यू करीब 15.5 बिलियन डॉलर और वास्तविक कमाई लगभग 8 बिलियन डॉलर रही। ईशा ने कहा कि दुनिया में बहुत कम कंपनियां सिर्फ 10 साल में इस स्तर तक पहुंच पाती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी की सफलता को सिर्फ आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता। इसके पीछे उन ग्राहकों का भरोसा है, जिन्होंने जियो की सर्विस को अपनाया और कंपनी को आगे बढ़ने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि जियो को इस मुकाम तक पहुंचाने में ग्राहकों की सबसे अहम भूमिका रही है। उनके मुताबिक, जियो की सफलता के पीछे उन लोगों का विश्वास है, जिन्होंने कंपनी की सर्विस का इस्तेमाल किया और उसे अपना बनाया।
अपने पिता की दूरदर्शिता को दिया सफलता का श्रेयईशा अंबानी ने अपने पिता मुकेश अंबानी की सोच और काम करने के तरीके की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्सर ऐसी संभावनाओं को पहले ही देख लेते हैं, जिनके बारे में दूसरे लोग उस समय सोच भी नहीं पाते। इसके बाद वह उन विचारों को हकीकत में बदलने के लिए मेहनत और साहस के साथ काम करते हैं। ईशा के मुताबिक, मुकेश अंबानी ने कई बार ऐसे काम करने का फैसला लिया, जिन्हें दूसरे लोग असंभव मानते थे। उनकी इसी सोच ने लाखों-करोड़ों भारतीयों के सामने नए अवसर खोले और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी।
उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग इंडस्ट्री में काम करने और कई दशक बीत जाने के बावजूद उनके फैमिली का भारत की क्षमता पर भरोसा हमेशा बना रहा है। परिवार का मानना है कि देश में आगे बढ़ने की अभी बहुत संभावनाएं हैं और सबसे अच्छा दौर आना बाकी है। ईशा ने इसे सिर्फ शुरुआत बताया। अपने संबोधन के दौरान ईशा अंबानी ने पिता मुकेश अंबानी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जियो जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने पिता के प्रति प्यार और आभार जताते हुए कहा कि आज वे इस मुकाम पर उनके कारण ही पहुंचे हैं।
ईशा की इन बातों के दौरान परिवार की विरासत और मुकेश अंबानी के योगदान पर खास ध्यान रहा। उन्होंने अपने पिता के उस विजन को भी याद किया, जिसके तहत कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के लिए नई संभावनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया।
IPO के बाद भी जारी रहेगा कारोबार को आगे बढ़ाने का वादाईशा अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की IPO लिस्टिंग कंपनी की यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं है। उनके मुताबिक, यह एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। अब कंपनी को निवेशकों और ग्राहकों के भरोसे पर खरा उतरना है और कारोबार को लगातार आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि वह, उनके भाई आकाश अंबानी और अनंत अंबानी मिलकर अपने दादा धीरूभाई अंबानी के उस वादे को आगे बढ़ाएंगे, जो उन्होंने निवेशकों और ग्राहकों से किया था। ईशा ने भरोसा दिलाया कि कंपनी ईमानदारी के साथ निवेशकों और ग्राहकों के विश्वास का सम्मान करेगी। उन्होंने अपने दादा की सीख का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रोथ ही जीवन है। इसी सोच के साथ कंपनी आगे भी नए अवसर तलाशती रहेगी और अपने कारोबार को बढ़ाने पर काम करेगी।
आकाश अंबानी के समर्पण की भी की तारीफईशा अंबानी ने अपने भाई और रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी के काम के प्रति समर्पण का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आकाश पिछले 13 साल से इस सफर में लगातार जुटे हुए हैं। ईशा ने कहा कि उन्हें याद नहीं आता कि इन 13 सालों के दौरान आकाश कभी रात 12 बजे से पहले घर लौटे हों। उन्होंने अपने भाई के प्रति गर्व जताते हुए कहा कि उन्हें आकाश की बहन होने पर बहुत गर्व है। उनकी इस बात से जियो के कारोबार को आगे बढ़ाने में आकाश अंबानी की भूमिका और उनके लंबे समय से जारी प्रयासों का पता चलता है।
अनंत अंबानी बोले- 'मेरे लिए बिजनेस पूजा है'जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के मौके पर अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत उन लाखों लोगों का आभार जताकर की, जिन्होंने जियो पर भरोसा किया और कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इस खास दिन पर सबसे महत्वपूर्ण शब्द आभार है। उनके मुताबिक, जियो की सफलता में उन सभी लोगों का योगदान है, जिन्होंने कंपनी पर विश्वास किया और उसकी सेवाओं को अपनाया। अनंत ने बिजनेस को पूजा से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए कारोबार करना एक धार्मिक अनुष्ठान की तरह है। उन्होंने कहा कि स्टॉक एक्सचेंज में बजने वाली घंटी उन्हें मंदिर की घंटी जैसी लगेगी, क्योंकि उनके लिए बिजनेस पूजा है। उन्होंने आगे कहा कि हर पूजा के बाद प्रसाद बांटा जाता है और प्रसाद हमेशा दूसरों के साथ शेयर किया जाता है। इसी तरह, जियो की IPO लिस्टिंग के जरिए कंपनी आज अपनी यात्रा को पूरे भारत के साथ शेयर कर रही है।
अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में बहन ईशा अंबानी और भाई आकाश अंबानी के साथ अपने रिश्ते और साझा जिम्मेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईशा दीदी, आकाश भाई और वह तीन अलग-अलग शरीर हैं, लेकिन उनकी आत्मा एक है। तीनों का एक ही संकल्प है- परिवार के सपनों और उसकी सोच को आगे बढ़ाना।
दादा का सपना, दादी का आशीर्वाद और माता-पिता के संस्कारअपने संबोधन के अंत में अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस भविष्य में भी नए सपने देखता रहेगा, लेकिन उसकी बुनियादी सोच और वैल्यू नहीं बदलेंगे। उन्होंने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों, दादी के आशीर्वाद, पिता मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन और मां से मिले विनम्रता व दूसरों की देखभाल करने के संस्कारों का जिक्र किया। अनंत के मुताबिक, रिलायंस की आगे की यात्रा में भी फैमिली की यही सीख और वैल्यू महत्वपूर्ण रहेंगे। कंपनी नए अवसरों की तलाश करती रहेगी, लेकिन अपनी जड़ों और उन सिद्धांतों से जुड़ी रहेगी, जिनके आधार पर इसकी नींव रखी गई थी।
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