Nitin Gadkari On E20 Petrol: माइलेज में मामूली कमी, लेकिन फायदे कहीं ज्यादा, बेटे के इथेनॉल कारोबार पर भी जिया जवाब

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देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चर्चाएं जारी हैं. कई लोग दावा कर रहे हैं कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज घटता है और इंजन पर भी असर पड़ता है. वहीं कुछ लोगों ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पर इथेनॉल नीति को लेकर हितों के टकराव के आरोप भी लगाए हैं. इसी बीच अब नितिन गडकरी ने इन सभी सवालों पर खुलकर जवाब दिया है. नितिन गडकरी का कहना है कि इथेनॉल से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन यह बेहद मामूली है. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके बेटों का इथेनॉल कारोबार इस उद्योग का बहुत छोटा हिस्सा है.
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बेटे के इथेनॉल कारोबार पर नितिन गडकरी
एक इंटरव्यू में नितिन गडकरी ने कहा कि उनके परिवार की चीनी मिल इथेनॉल नीति शुरू होने से काफी पहले से मौजूद है. उन्होंने कहा कि उस कारोबार का संचालन उनके बेटे करते हैं और उसका सरकार की इथेनॉल नीति से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने बताया कि उनके बेटों के कारोबार में इथेनॉल की हिस्सेदारी केवल करीब 10 प्रतिशत है. वहीं पूरे देश के इथेनॉल कारोबार में उनकी कंपनियों की हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से भी कम है. गडकरी ने कहा कि उनकी कंपनियों पर करीब 1,600 करोड़ रुपये का कर्ज है और उनके खिलाफ कई तरह की गलत बातें फैलाई जा रही हैं.

राजनीतिक कारणों से फैलाई जा रही हैं गलतफहमियां
नितिन गडकरी ने आरोप लगाया कि इथेनॉल को लेकर उनके और सरकार के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है. इथेनॉल को बढ़ावा देने की सोच नई नहीं है. इसकी शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय हुई थी और बाद में यूपीए सरकार ने भी इसे आगे बढ़ाया था.


उन्होंने कहा कि वह केवल गन्ने से बनने वाले इथेनॉल के नहीं, बल्कि मक्का, चावल, फसल अवशेष, बांस, मेथेनॉल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे सभी स्वच्छ ईंधनों के समर्थक हैं.