बीजिंग में ड्रोन रखने पर लगी रोक, सरकार खुद खरीद रही लोगों के Drone; ₹25 हजार तक मिलेगा पैसा!
शेयर बाजार में आपने कंपनियों को अपने ही शेयर वापस खरीदते हुए जरूर देखा होगा। इसे शेयर बायबैक (Share Buyback) कहा जाता है। लेकिन अब दुनिया में एक ऐसा बायबैक चर्चा में है, जिसका शेयर बाजार से कोई लेना-देना नहीं है। चीन की राजधानी बीजिंग में सरकार लोगों के निजी ड्रोन वापस खरीद रही है। इसकी वजह शहर में ड्रोन की मौजूदगी और इस्तेमाल पर लगाई जा रही नई पाबंदियां है।
बीजिंग की नई व्यवस्था के तहत 15 नवंबर 2026 से शहर के पूरे प्रशासनिक क्षेत्र को ड्रोन के लिए कंट्रोल एरिया बनाया जाएगा। इसके बाद आम लोगों के लिए ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ उसे रखना, स्टोर करना और शहर में लेकर आना-जाना भी प्रतिबंधित होगा।

सरकार ड्रोन वापस क्यों ले रही?यह मामला सिर्फ ड्रोन उड़ाने का नहीं, बल्कि शहर की हवाई सुरक्षा से जुड़ा है। जून 2026 में बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत CITIC Tower से एक छोटा विमान टकरा गया था। इस घटना में पायलट की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए थे। इसके बाद राजधानी में एयरस्पेस सिक्योरिटी को लेकर नियम और सख्त किए गए।
हालांकि, ड्रोन पर कार्रवाई इस घटना से पहले ही शुरू हो चुकी थी। मई 2026 से बीजिंग में ड्रोन की बिक्री और किराये पर रोक लगाई गई थी और ड्रोन मालिकों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस भी शुरू की गई थी। इसके बाद में सरकार ने निजी ड्रोन को शहर से पूरी तरह हटाने का फैसला किया।
15 नवंबर के बाद ड्रोन रखा तो क्या होगा?नई सिस्टम के मुताबिक 15 नवंबर के बाद बीजिंग में आम लोगों के लिए ड्रोन रखना या स्टोर करना नियमों के दायरे में नहीं होगा। यानी ड्रोन सिर्फ उड़ाना ही प्रतिबंधित नहीं है, बल्कि उसे घर, दुकान, गोदाम या किसी अन्य जगह पर रखना भी नियमों के खिलाफ होगा। सरकार ने लोगों को इसके लिए 15 नवंबर से पहले ड्रोन हटाने के कई रास्ते दिए हैं।
ड्रोन मालिकों के लिए 4 ऑप्शन
जल्दी ड्रोन देने पर ज्यादा पैसायह इस योजना का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। सरकार ने ड्रोन मालिकों को समय से पहले डिवाइस जमा करने के लिए अलग-अलग पेमेंट सिस्टम रखी है।
31 अक्टूबर 2026 तक अधिकृत केंद्र पर ड्रोन बेचने पर उसकी खरीद कीमत के 30% तक की सब्सिडी, अधिकतम 3,000 युआन प्रति ड्रोन मिल सकती है। वहीं 1 नवंबर से 14 नवंबर के बीच यह दर घटकर खरीद कीमत का 15%, अधिकतम 1,500 युआन रह जाएगी।
स्क्रैप कराने वालों के लिए भी अलग भुगतान है। 31 अक्टूबर तक 200 युआन और 1 से 14 नवंबर के बीच 100 युआन प्रति ड्रोन की राशि तय की गई है। अगर कोई अपना ड्रोन चीन की राजधानी से बाहर भेजना चाहता है, तो 14 नवंबर तक सरकारी व्यवस्था के तहत EMS से बाहर भेजने पर डाक शुल्क माफ किया गया है।
चीन में ही क्यों बढ़ी ड्रोन पर सख्ती?चीन दुनिया के बड़े ड्रोन बाजारों और निर्माताओं में शामिल है। ड्रोन का इस्तेमाल आज सिर्फ वीडियो और फोटोग्राफी के लिए नहीं होता। इनका इस्तेमाल कई व्यावसायिक और तकनीकी कामों में भी किया जाता है। लेकिन घनी आबादी वाले शहरों और संवेदनशील सरकारी इलाकों में ड्रोन को लेकर सुरक्षा और एयरस्पेस कंट्रोल का सवाल अलग है। बीजिंग की नई व्यवस्था इसी तरह के जोखिमों को देखते हुए पूरे शहर में निजी ड्रोन की मौजूदगी को सीमित करती है।
क्या ऐसा पहली बार हो रहा है?सरकारों की तरफ से किसी प्रतिबंधित या प्रतिबंधित किए जा रहे सामान को पैसे देकर वापस लेने की मिसाल नई नहीं है। सबसे चर्चित उदाहरण बंदूक बायबैक कार्यक्रमों के हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 1996 के पोर्ट आर्थर हमले के बाद बड़े पैमाने पर हथियार वापस खरीदने की योजना शुरू की थी। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उस कार्यक्रम में 6.5 लाख से ज्यादा हथियार जमा किए गए थे।
न्यूजीलैंड और दूसरे देशों में भी अलग-अलग मौकों पर हथियार वापस लेने की योजनाएं लागू की गई हैं। यानी किसी प्रतिबंध के बाद लोगों के पास पहले से मौजूद सामान को हटाने के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक मुआवजा देना बिल्कुल नया विचार नहीं है।
बीजिंग का ड्रोन मॉडल अलग क्यों?फर्क यह है कि यहां सरकार हथियार नहीं, बल्कि आम नागरिकों के इस्तेमाल वाले ड्रोन को शहर से हटाने के लिए बायबैक और स्क्रैप ऑप्शन दे रही है। सबसे जरूरी बात यह है कि नई व्यवस्था केवल उड़ान पर रोक तक सीमित नहीं है। 15 नवंबर से बीजिंग के पूरे प्रशासनिक क्षेत्र में निजी ड्रोन रखने और स्टोर करने पर भी रोक लागू होगी। पुराने ड्रोन को उससे पहले शहर से बाहर करना होगा।
यही वजह है कि बीजिंग का यह फैसला सिर्फ ड्रोन मालिकों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे बड़े शहरों के लिए भी देखने लायक है। आने वाले समय में दूसरे शहर ड्रोन के इस्तेमाल को केवल उड़ान नियमों से नियंत्रित करते हैं या निजी ड्रोन की संख्या कम करने के लिए ऐसी ही योजनाएं अपनाते हैं, यह आगे की बड़ी कहानी हो सकती है।
बीजिंग की नई व्यवस्था के तहत 15 नवंबर 2026 से शहर के पूरे प्रशासनिक क्षेत्र को ड्रोन के लिए कंट्रोल एरिया बनाया जाएगा। इसके बाद आम लोगों के लिए ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ उसे रखना, स्टोर करना और शहर में लेकर आना-जाना भी प्रतिबंधित होगा।
सरकार ड्रोन वापस क्यों ले रही?यह मामला सिर्फ ड्रोन उड़ाने का नहीं, बल्कि शहर की हवाई सुरक्षा से जुड़ा है। जून 2026 में बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत CITIC Tower से एक छोटा विमान टकरा गया था। इस घटना में पायलट की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए थे। इसके बाद राजधानी में एयरस्पेस सिक्योरिटी को लेकर नियम और सख्त किए गए।
हालांकि, ड्रोन पर कार्रवाई इस घटना से पहले ही शुरू हो चुकी थी। मई 2026 से बीजिंग में ड्रोन की बिक्री और किराये पर रोक लगाई गई थी और ड्रोन मालिकों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस भी शुरू की गई थी। इसके बाद में सरकार ने निजी ड्रोन को शहर से पूरी तरह हटाने का फैसला किया।
15 नवंबर के बाद ड्रोन रखा तो क्या होगा?नई सिस्टम के मुताबिक 15 नवंबर के बाद बीजिंग में आम लोगों के लिए ड्रोन रखना या स्टोर करना नियमों के दायरे में नहीं होगा। यानी ड्रोन सिर्फ उड़ाना ही प्रतिबंधित नहीं है, बल्कि उसे घर, दुकान, गोदाम या किसी अन्य जगह पर रखना भी नियमों के खिलाफ होगा। सरकार ने लोगों को इसके लिए 15 नवंबर से पहले ड्रोन हटाने के कई रास्ते दिए हैं।
ड्रोन मालिकों के लिए 4 ऑप्शन
- सरकार से जुड़े अधिकृत केंद्र पर ड्रोन बेच सकते हैं।
- पुराने या खराब ड्रोन को स्क्रैप करा सकते हैं।
- ड्रोन को बीजिंग के बाहर भेज सकते हैं।
- खुद ड्रोन को शहर से बाहर ले जा सकते हैं।
जल्दी ड्रोन देने पर ज्यादा पैसायह इस योजना का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। सरकार ने ड्रोन मालिकों को समय से पहले डिवाइस जमा करने के लिए अलग-अलग पेमेंट सिस्टम रखी है।
31 अक्टूबर 2026 तक अधिकृत केंद्र पर ड्रोन बेचने पर उसकी खरीद कीमत के 30% तक की सब्सिडी, अधिकतम 3,000 युआन प्रति ड्रोन मिल सकती है। वहीं 1 नवंबर से 14 नवंबर के बीच यह दर घटकर खरीद कीमत का 15%, अधिकतम 1,500 युआन रह जाएगी।
स्क्रैप कराने वालों के लिए भी अलग भुगतान है। 31 अक्टूबर तक 200 युआन और 1 से 14 नवंबर के बीच 100 युआन प्रति ड्रोन की राशि तय की गई है। अगर कोई अपना ड्रोन चीन की राजधानी से बाहर भेजना चाहता है, तो 14 नवंबर तक सरकारी व्यवस्था के तहत EMS से बाहर भेजने पर डाक शुल्क माफ किया गया है।
चीन में ही क्यों बढ़ी ड्रोन पर सख्ती?चीन दुनिया के बड़े ड्रोन बाजारों और निर्माताओं में शामिल है। ड्रोन का इस्तेमाल आज सिर्फ वीडियो और फोटोग्राफी के लिए नहीं होता। इनका इस्तेमाल कई व्यावसायिक और तकनीकी कामों में भी किया जाता है। लेकिन घनी आबादी वाले शहरों और संवेदनशील सरकारी इलाकों में ड्रोन को लेकर सुरक्षा और एयरस्पेस कंट्रोल का सवाल अलग है। बीजिंग की नई व्यवस्था इसी तरह के जोखिमों को देखते हुए पूरे शहर में निजी ड्रोन की मौजूदगी को सीमित करती है।
क्या ऐसा पहली बार हो रहा है?सरकारों की तरफ से किसी प्रतिबंधित या प्रतिबंधित किए जा रहे सामान को पैसे देकर वापस लेने की मिसाल नई नहीं है। सबसे चर्चित उदाहरण बंदूक बायबैक कार्यक्रमों के हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 1996 के पोर्ट आर्थर हमले के बाद बड़े पैमाने पर हथियार वापस खरीदने की योजना शुरू की थी। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक उस कार्यक्रम में 6.5 लाख से ज्यादा हथियार जमा किए गए थे।
न्यूजीलैंड और दूसरे देशों में भी अलग-अलग मौकों पर हथियार वापस लेने की योजनाएं लागू की गई हैं। यानी किसी प्रतिबंध के बाद लोगों के पास पहले से मौजूद सामान को हटाने के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक मुआवजा देना बिल्कुल नया विचार नहीं है।
बीजिंग का ड्रोन मॉडल अलग क्यों?फर्क यह है कि यहां सरकार हथियार नहीं, बल्कि आम नागरिकों के इस्तेमाल वाले ड्रोन को शहर से हटाने के लिए बायबैक और स्क्रैप ऑप्शन दे रही है। सबसे जरूरी बात यह है कि नई व्यवस्था केवल उड़ान पर रोक तक सीमित नहीं है। 15 नवंबर से बीजिंग के पूरे प्रशासनिक क्षेत्र में निजी ड्रोन रखने और स्टोर करने पर भी रोक लागू होगी। पुराने ड्रोन को उससे पहले शहर से बाहर करना होगा।
यही वजह है कि बीजिंग का यह फैसला सिर्फ ड्रोन मालिकों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे बड़े शहरों के लिए भी देखने लायक है। आने वाले समय में दूसरे शहर ड्रोन के इस्तेमाल को केवल उड़ान नियमों से नियंत्रित करते हैं या निजी ड्रोन की संख्या कम करने के लिए ऐसी ही योजनाएं अपनाते हैं, यह आगे की बड़ी कहानी हो सकती है।
Next Story