ईरान-इजरायल तनाव के बीच घटी इंडिगो और एयर इंडिया की उड़ानें, Akasa Air ने दर्ज की 13% ग्रोथ
भारतीय एविएशन मार्केट में जहां एक तरफ IndiGo और Air India जैसी दिग्गज कंपनियों का दबदबा है, वहीं दूसरी तरफ देश की सबसे नई एयरलाइन Akasa Air तेजी से अपनी जगह बना रही है। आपको बता दें कि हाल ही में ईरान संकट और बढ़ते ईंधन घाटे के वजह से जहां बड़ी एयरलाइंस को अपनी उड़ानें कम करनी पड़ीं, वहीं अकासा एयर ने अपनी क्षमता में भारी बढ़ोतरी की है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के ताजा आंकड़ों के हिसाब से मार्च और अप्रैल 2026 में देश की चार बड़ी एयरलाइंस की उड़ानों में 6% की गिरावट आई है, लेकिन इस मुश्किल दौर में भी अकासा एयर ने सबको चौंकाया है।

अकासा ने भरी ऊंची उड़ान
रिपोर्ट के अनुसार देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने मार्च-अप्रैल में अपनी उड़ानें 4.5% कम की हैं। वहीं एयर इंडिया ने 7.5% और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी उड़ानों में 17.1% की भारी कटौती की है। इसके ठीक उलट अकासा एयर ने इस दौरान अपनी क्षमता में 13.2% का शानदार इजाफा किया है। हालांकि अकासा का बेस अभी छोटा है, लेकिन संकट के समय में उसकी ये ग्रोथ काफी अहम है।
ईरान युद्ध और बढ़ते खर्चों ने बढ़ाई मुसीबतें
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद मिडल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। बता दें कि इस वजह से भारतीय एयरलाइंस को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बाद अब ईरानी एयरस्पेस से भी बचकर निकलना पड़ रहा है। लंबे रूट और महंगे फ्यूल के वजह से एयरलाइन कंपनियों का खर्च बढ़ा है, जिससे किरायों में बढ़ोतरी हुई है और घरेलू मांग में थोड़ी सुस्ती आई है। इस संकट में SpiceJet भी वित्तीय दिक्कतों के चलते सिर्फ 1% ही उड़ानें बढ़ा सकी।
भविष्य का प्लान
साल 2022 में अपनी पहली उड़ान भरने वाली अकासा एयर के बेड़े में फिलहाल 38 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं। कंपनी ने मार्च में 226 नए विमानों का पक्का ऑर्डर दिया है। साथ ही मुंबई स्थित इस एयरलाइन के प्रमोटर्स में सीईओ विनय दुबे और दिवंगत अरबपति राकेश झुनझुनवाला का परिवार शामिल है। फिलहाल घरेलू बाजार में अकासा की हिस्सेदारी करीब 5.4% है, लेकिन छोटे स्तर पर होने के वजह से ये संकट के समय तेजी से फैसले ले पा रही है, जो इसे भविष्य का बड़ा खिलाड़ी बनाता है।
अकासा ने भरी ऊंची उड़ान
रिपोर्ट के अनुसार देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने मार्च-अप्रैल में अपनी उड़ानें 4.5% कम की हैं। वहीं एयर इंडिया ने 7.5% और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी उड़ानों में 17.1% की भारी कटौती की है। इसके ठीक उलट अकासा एयर ने इस दौरान अपनी क्षमता में 13.2% का शानदार इजाफा किया है। हालांकि अकासा का बेस अभी छोटा है, लेकिन संकट के समय में उसकी ये ग्रोथ काफी अहम है।
ईरान युद्ध और बढ़ते खर्चों ने बढ़ाई मुसीबतें
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद मिडल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। बता दें कि इस वजह से भारतीय एयरलाइंस को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बाद अब ईरानी एयरस्पेस से भी बचकर निकलना पड़ रहा है। लंबे रूट और महंगे फ्यूल के वजह से एयरलाइन कंपनियों का खर्च बढ़ा है, जिससे किरायों में बढ़ोतरी हुई है और घरेलू मांग में थोड़ी सुस्ती आई है। इस संकट में SpiceJet भी वित्तीय दिक्कतों के चलते सिर्फ 1% ही उड़ानें बढ़ा सकी।
भविष्य का प्लान
साल 2022 में अपनी पहली उड़ान भरने वाली अकासा एयर के बेड़े में फिलहाल 38 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं। कंपनी ने मार्च में 226 नए विमानों का पक्का ऑर्डर दिया है। साथ ही मुंबई स्थित इस एयरलाइन के प्रमोटर्स में सीईओ विनय दुबे और दिवंगत अरबपति राकेश झुनझुनवाला का परिवार शामिल है। फिलहाल घरेलू बाजार में अकासा की हिस्सेदारी करीब 5.4% है, लेकिन छोटे स्तर पर होने के वजह से ये संकट के समय तेजी से फैसले ले पा रही है, जो इसे भविष्य का बड़ा खिलाड़ी बनाता है।
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