Gold Jewellery Bill: धनतेरस पर सोने के गहने खरीदते समय बिल में जरूर चेक करें ये 5 चीजें
धनतेरस का त्योहार नजदीक है. इस दिन लोग सोने और चांदी की चीजें खरीदते हैं क्योंकि इस दिन सोना-चांदी खरीदना काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में अगर आप भी इस धनतेरस पर सोने के गहने खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि केवल सोने की चमक और डिजाइन देखकर खरीदारी न करें. सोना खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल जरूर लें और बिल में भी कुछ जरूरी चीजों पर ध्यान दें.
सोने के गहने खरीदते समय आपको बिल में 5 चीजों पर जरूर ध्यान देना चाहिए. यह 5 चीजें कौन सी हैं. आइए जानते हैं.

सोने का भावसोने के गहने खरीदते समय सबसे पहले यह देखें कि दुकानदार ने सोने का भाव प्रति ग्राम कितना लगाया है. अलग-अलग ज्वेलर्स के यहां सोने की कीमत में अंतर हो सकता है. ऐसे में खरीदारी से पहले एक-दो दुकानों पर रेट जरूर पता कर लें. साथ ही यह भी देखें कि बिल में 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने का सही भाव लगाया गया है या नहीं यानी बिल में सोने का सही भाव लिखा होना जरूरी है. सोने की शुद्धता के हिसाब से ही उसका भाव तय होता है.
सोने के गहने पर मेकिंग चार्ज गहने बनाने में जो खर्च आता है, उसे मेकिंग चार्ज कहा जाता हैं. यह चार्ज हर ज्वेलरी पर अलग हो सकता है. कुछ दुकानदार सोने की कुल कीमत का एक तय प्रतिशत लेते हैं, जबकि कुछ प्रति ग्राम के हिसाब से पैसा वसूलते हैं. भारी डिजाइन या बारीक कारीगरी वाले गहनों पर यह खर्च ज्यादा हो सकता है. ऐसे में गहना पसंद करने के बाद मेकिंग चार्ज जरूर पूछें. साथ ही आपके बिल में भी मेकिंग चार्ज जरूर लिखा होना चाहिए.
वेस्टेज चार्जसोने के गहने बनाते समय कुछ सोना बर्बाद होने या कम इस्तेमाल हो पाने की बात कहकर कई ज्वेलर्स वेस्टेज चार्ज लेते हैं. यह चार्ज मेकिंग चार्ज से अलग भी लगाया जा सकता है. ऐसे में दुकानदार से साफ पूछें कि वेस्टेज चार्ज क्यों लिया जा रहा है और इसकी गणना कैसे हुई है. अगर दुकानदार यह चार्ज ले रहा है तो बिल में भी इसे जरूर चेक करें.
हॉलमार्किंग और HUID नंबरसोने के गहने खरीदते समय उनकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है. इसके लिए गहने पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और लागू होने पर छह अंकों का HUID नंबर जरूर देखें. इस नंबर से गहने की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी की जांच की जा सकती है. अगर दुकानदार बिल में हॉलमार्किंग के नाम पर अलग से पैसे जोड़ रहा है, तो उसका पूरा हिसाब मांगें.
सोने के गहने पर GSTसोने की खरीदारी के बिल में GST भी जुड़ता है. सोने के गहनों की बिक्री पर आमतौर पर कुल लेनदेन मूल्य पर 3 प्रतिशत GST लगता है. इसमें मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है. ऐसे में बिल में देखें कि टैक्स सही तरीके से लगाया गया है या नहीं. दुकानदार से ऐसा पक्का बिल जरूर लें, जिसमें सोने का वजन, शुद्धता, रेट, मेकिंग चार्ज और GST जैसी सभी जानकारियां साफ-साफ लिखी हों.
सोने के गहने खरीदते समय आपको बिल में 5 चीजों पर जरूर ध्यान देना चाहिए. यह 5 चीजें कौन सी हैं. आइए जानते हैं.
सोने का भावसोने के गहने खरीदते समय सबसे पहले यह देखें कि दुकानदार ने सोने का भाव प्रति ग्राम कितना लगाया है. अलग-अलग ज्वेलर्स के यहां सोने की कीमत में अंतर हो सकता है. ऐसे में खरीदारी से पहले एक-दो दुकानों पर रेट जरूर पता कर लें. साथ ही यह भी देखें कि बिल में 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने का सही भाव लगाया गया है या नहीं यानी बिल में सोने का सही भाव लिखा होना जरूरी है. सोने की शुद्धता के हिसाब से ही उसका भाव तय होता है.
सोने के गहने पर मेकिंग चार्ज गहने बनाने में जो खर्च आता है, उसे मेकिंग चार्ज कहा जाता हैं. यह चार्ज हर ज्वेलरी पर अलग हो सकता है. कुछ दुकानदार सोने की कुल कीमत का एक तय प्रतिशत लेते हैं, जबकि कुछ प्रति ग्राम के हिसाब से पैसा वसूलते हैं. भारी डिजाइन या बारीक कारीगरी वाले गहनों पर यह खर्च ज्यादा हो सकता है. ऐसे में गहना पसंद करने के बाद मेकिंग चार्ज जरूर पूछें. साथ ही आपके बिल में भी मेकिंग चार्ज जरूर लिखा होना चाहिए.
वेस्टेज चार्जसोने के गहने बनाते समय कुछ सोना बर्बाद होने या कम इस्तेमाल हो पाने की बात कहकर कई ज्वेलर्स वेस्टेज चार्ज लेते हैं. यह चार्ज मेकिंग चार्ज से अलग भी लगाया जा सकता है. ऐसे में दुकानदार से साफ पूछें कि वेस्टेज चार्ज क्यों लिया जा रहा है और इसकी गणना कैसे हुई है. अगर दुकानदार यह चार्ज ले रहा है तो बिल में भी इसे जरूर चेक करें.
हॉलमार्किंग और HUID नंबरसोने के गहने खरीदते समय उनकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है. इसके लिए गहने पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और लागू होने पर छह अंकों का HUID नंबर जरूर देखें. इस नंबर से गहने की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी की जांच की जा सकती है. अगर दुकानदार बिल में हॉलमार्किंग के नाम पर अलग से पैसे जोड़ रहा है, तो उसका पूरा हिसाब मांगें.
सोने के गहने पर GSTसोने की खरीदारी के बिल में GST भी जुड़ता है. सोने के गहनों की बिक्री पर आमतौर पर कुल लेनदेन मूल्य पर 3 प्रतिशत GST लगता है. इसमें मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है. ऐसे में बिल में देखें कि टैक्स सही तरीके से लगाया गया है या नहीं. दुकानदार से ऐसा पक्का बिल जरूर लें, जिसमें सोने का वजन, शुद्धता, रेट, मेकिंग चार्ज और GST जैसी सभी जानकारियां साफ-साफ लिखी हों.
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