दिल्ली-NCR में टैक्सी और ऑटो यूनियनों की हड़ताल का आज दूसरा दिन, जानें क्या है ताजा अपडेट्स
देश की राजधानी दिल्ली-NCR में टैक्सी, ऑटो और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों की हड़ताल आज यानी 22 मई शुक्रवार को भी जारी है. आज इस हड़ताल का दूसरा दिन और यह हड़ताल कल 23 मई तक जारी रहने वाली है. व्यावसायिक वाहन चालकों द्वारा यह विरोध प्रदर्शन बढ़ती CNG, पेट्रोल और डीजल की कीमतों के खिलाफ किया जा रहा है. साथ ही चालक संगठन लंबे समय से लंबित किराया संशोधन की मांग भी कर रहे हैं.
व्यावसायिक वाहन चालकों की यह 72 घंटे की हड़ताल कई परिवहन संगठनों द्वारा बुलाई गई है, जिनमें All India Motor Transport Congress और Chalak Shakti Union शामिल हैं. इन संगठनों में ट्रक ऑपरेटर, निजी बस मालिक, टैक्सी ड्राइवर और मैक्सी-कैब चालक जुड़े हुए हैं.

रेलवे स्टेशन और सड़कों पर क्या है हाल
ऑटो और कैब ड्राइवर की हड़ताल के बावजूद राजधानी के कई हिस्सों में आम जनजीवन पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास भी ऑटो और कैब सेवाएं सामान्य रूप से चलती दिखीं. ऐसे में यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है.
ऑटो और कैब ड्राइवरों की क्या है मांग
कैब और ऑटो चालकों का कहना है कि दिल्ली-NCR में पिछले लगभग 10 सालों से किरायों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. वहीं दूसरी ओर CNG, पेट्रोल और वाहन रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. ड्राइवरों का कहना है कि महंगाई और घरेलू खर्चों में बढ़ोतरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ रहा है. ऐसे में मौजूदा किराए पर काम करना मुश्किल होता जा रहा है. मुख्य मांग कुछ इस तरह से हैं.
संगठनों ने सरकार से जल्द बैठक बुलाकर समाधान निकालने की मांग की है. यूनियनों ने साफ कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लेती, तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है. फिलहाल यह हड़ताल शनिवार, 23 मई तक जारी रहने की संभावना है.
व्यावसायिक वाहन चालकों की यह 72 घंटे की हड़ताल कई परिवहन संगठनों द्वारा बुलाई गई है, जिनमें All India Motor Transport Congress और Chalak Shakti Union शामिल हैं. इन संगठनों में ट्रक ऑपरेटर, निजी बस मालिक, टैक्सी ड्राइवर और मैक्सी-कैब चालक जुड़े हुए हैं.
रेलवे स्टेशन और सड़कों पर क्या है हाल
ऑटो और कैब ड्राइवर की हड़ताल के बावजूद राजधानी के कई हिस्सों में आम जनजीवन पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास भी ऑटो और कैब सेवाएं सामान्य रूप से चलती दिखीं. ऐसे में यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है.
ऑटो और कैब ड्राइवरों की क्या है मांग
कैब और ऑटो चालकों का कहना है कि दिल्ली-NCR में पिछले लगभग 10 सालों से किरायों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. वहीं दूसरी ओर CNG, पेट्रोल और वाहन रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. ड्राइवरों का कहना है कि महंगाई और घरेलू खर्चों में बढ़ोतरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव पड़ रहा है. ऐसे में मौजूदा किराए पर काम करना मुश्किल होता जा रहा है. मुख्य मांग कुछ इस तरह से हैं.
- टैक्सी और ऑटो किराए में बढ़ोतरी
- CNG और ईंधन पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क हटाना
- व्यावसायिक वाहन चालकों के हितों की सुरक्षा
- ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को लेकर नई नीतियां बनाना
संगठनों ने सरकार से जल्द बैठक बुलाकर समाधान निकालने की मांग की है. यूनियनों ने साफ कहा है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लेती, तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है. फिलहाल यह हड़ताल शनिवार, 23 मई तक जारी रहने की संभावना है.
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