महंगे पेट्रोल-डीजल ने बढ़ाई कारपूलिंग की रफ्तार, भारत बना BlaBlaCar का सबसे बड़ा बाजार, जानें डिटेल्स

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देशभर में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब लोगों के यात्रा करने के तरीकों पर भी दिखाई देने लगा है. यात्रा खर्च कम करने के लिए बड़ी संख्या में लोग अब कारपूलिंग का सहारा ले रहे हैं. इसका परिणाम यह है कि दुनिया के सबसे बड़े कारपूलिंग प्लेटफॉर्म BlaBlaCar ने भारत को अपना सबसे बड़ा बाजार बताया है.

भारत में BlaBlaCar का बढ़ता कारोबार
कारपूलिंग प्लेटफॉर्म BlaBlaCar के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में उसके 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हो चुके हैं. फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के बाद ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी हुई, जिसके चलते भारत में प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है.
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BlaBlaCar के प्रोडक्ट डायरेक्टर बेंजामिन रेतुर्ने के मुताबिक, भारत ने उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में ब्राजील और फ्रांस जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है. ब्राजील में कंपनी के करीब 1.9 करोड़ और फ्रांस में लगभग 70 लाख उपयोगकर्ता हैं.

बढ़ती लागत से ड्राइवरों को भी मिला फायदा
कंपनी का कहना है कि दुनिया भर में इस साल लगभग 6 लाख नए ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, जो शुरुआती अनुमान से करीब 20 प्रतिशत अधिक है. कई लोग अपनी यात्रा की लागत को साझा करने और ईंधन खर्च कम करने के लिए कारपूलिंग का विकल्प चुन रहे हैं.

भारत में BlaBlaCar की शुरुआत
BlaBlaCar ने भारत में अपनी शुरुआत करीब एक दशक पहले की थी, लेकिन शुरुआती वर्षों में इसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली. इसके बाद कंपनी ने निवेश कम कर दिया, हालांकि प्लेटफॉर्म को चालू रखा गया. कोविड-19 महामारी के बाद देश में डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग, इंटरनेट की बेहतर पहुंच और स्मार्टफोन के प्रसार ने कारपूलिंग को नई गति दी. तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निजी वाहनों की संख्या में वृद्धि ने भी इस क्षेत्र को मजबूती दी है.


दिलचस्प बात यह है कि लोग केवल पैसे बचाने के लिए ही कारपूलिंग नहीं चुन रहे हैं. कंपनी के अनुसार, अधिकांश यात्री आरामदायक यात्रा को प्राथमिकता देते हैं. कई लोगों का मानना है कि भीड़भाड़ वाली बसों और ट्रेनों की तुलना में कारपूलिंग अधिक सुविधाजनक विकल्प है.

पीएम की लोगों से अपील
मई के महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से ईंधन बचाने के लिए कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की थी. भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में वैश्विक घटनाओं का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है.