E20 पेट्रोल से फ्यूल टैंक कैप पर लगती हैं चींटियां, वायरल वीडियो पर BPCL ने दी सफाई, जानें डिटेल्स
देशभर में 1 अप्रैल 2026 से E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य होने के बाद इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं और दावे सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें दावा किया गया कि E20 पेट्रोल में चीनी के अंश होते हैं, जिसके कारण वाहनों के फ्यूल कैप के आसपास चींटियां जमा होने लगती हैं. अब इस दावे पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ( BPCL ) ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है. आइए जानते हैं डिटेल्स.

E20 पेट्रोल को लेकर वायरल दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कहा गया कि E20 पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल गन्ने और अन्य मीठी फसलों से बनाया जाता है. ऐसे में इसमें चीनी के कुछ अंश रह जाते हैं, जो चींटियों को आकर्षित करते हैं. इसी वायरल वीडियो को BPCL ने गलत बताया है. BPCL ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
BPCL के अनुसार, पेट्रोल में मिलाए जाने वाले फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल को फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन की जटिल प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान एथेनॉल में मौजूद सभी शर्करा पूरी तरह हट जाती है. कंपनी का कहना है कि अंतिम रूप से तैयार होने वाले एथेनॉल में कोई भी चीनी अवशेष नहीं बचता. ऐसे में यह चींटियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित नहीं कर सकता.
E20 पेट्रोल को लेकर वायरल दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कहा गया कि E20 पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल गन्ने और अन्य मीठी फसलों से बनाया जाता है. ऐसे में इसमें चीनी के कुछ अंश रह जाते हैं, जो चींटियों को आकर्षित करते हैं. इसी वायरल वीडियो को BPCL ने गलत बताया है. BPCL ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.
BPCL के अनुसार, पेट्रोल में मिलाए जाने वाले फ्यूल-ग्रेड एथेनॉल को फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन की जटिल प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान एथेनॉल में मौजूद सभी शर्करा पूरी तरह हट जाती है. कंपनी का कहना है कि अंतिम रूप से तैयार होने वाले एथेनॉल में कोई भी चीनी अवशेष नहीं बचता. ऐसे में यह चींटियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित नहीं कर सकता.
Next Story