अडानी ग्रुप में बड़ा फेरबदल! नए ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर के जरिए बढ़ेगी कामकाज की स्पीड, जानें गौतम अडानी का प्लान

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देश में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच गौतम अडानी का ग्रुप अब खुद को और ज्यादा मजबूत व तेज बनाने की तैयारी में है। तेजी से फैसले लेने और कामकाज को बेहतर करने के लिए कंपनी अपने पूरे ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में बढ़ते निवेश के कारण कंपनियों के बीच मुकाबला तेज हो गया है, ऐसे में यह कदम अहम माना जा रहा है। लेबर डे के मौके पर कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक मेमो में गौतम अडानी ने बताया कि ग्रुप अब एक आसान और कम स्तर वाला थ्री-टियर्ड ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर अपनाएगा। इस नए मॉडल में निर्णय लेने वालों की संख्या कम होगी। हालांकि, ग्रुप ने नए स्ट्रक्चर के विस्तृत बदलावों की जानकारी शेयर नहीं की है। मेमो में अडानी ने कहा- 'तीन-स्तरीय वाले ऑर्गनाइजेशनल का उद्देश्य संगठन को आसान बनाना है, ताकि जिम्मेदारियां स्पष्ट हों और फैसले तेजी से लिए जा सकें।'
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2015 के बाद दूसरा बड़ा बदलावयह कदम अडानी ग्रुप का 2015 के बाद दूसरा बड़ा संगठनात्मक बदलाव है। उस समय कंपनी ने अपने पोर्ट्स और पावर बिजनेस को अलग-अलग कर शेयर बाजार में लिस्ट किया था। इससे कंपनी का स्ट्रक्चर पहले से ज्यादा क्लियर और आसान हो गया था। इसके साथ ही निवेशकों को सीधे अलग-अलग बिजनेस में निवेश करने का मौका मिला, जिससे उनकी वैल्यू भी बढ़ी।

तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का असरयह नया बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, एनर्जी और कंज्यूमर सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। ऐसे माहौल में कंपनियों के बीच कॉम्पिटिशन भी बढ़ गया है, इसलिए बड़े ग्रुप अब तेजी से फैसले लेने और अपने कामकाज पर ज्यादा नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहे हैं।

कितना बड़ा है अडानी ग्रुप का नेटवर्क?अडानी ग्रुप देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर का पोर्ट और एयरपोर्ट नेटवर्क चलाता है। इन 24 राज्यों में 700 से ज्यादा ऑपरेशनल साइट्स हैं। कंपनी के मुताबिक, उसके साथ करीब 4 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें कर्मचारी, पार्टनर और कॉन्ट्रैक्टर्स शामिल हैं। इससे समझ आता है कि यह समूह कितना बड़ा और व्यापक स्तर पर काम करता है।

वर्कर्स के लिए बड़े स्तर पर तैयारीसिर्फ बिजनेस ही नहीं, अडानी ग्रुप अपने कर्मचारियों के लिए सुविधाएं भी बढ़ा रहा है। कंपनी ने बताया कि वह अपने बड़े प्रोजेक्ट्स के पास 50,000 वर्कर्स के लिए रहने की व्यवस्था तैयार कर रही है। इसके अलावा गुजरात के मुंद्रा में 175 एकड़ में फैले एक बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट पर करीब 50 बिलियन रुपए (लगभग 527 मिलियन डॉलर) का निवेश किया जा रहा है। इससे काम करने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।