कच्चे तेल की कीमतों को लेकर सिटी ग्रुप का बड़ा अनुमान, 60 डॉलर प्रति बैरल तक गिर जाएगी ब्रेंट क्रूड की कीमत

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अमेरिका के प्रमुख निवेश बैंक सिटीग्रुप इंक. ग्रुप ने कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट का अनुमान जताया है। उनका कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान कम हो गया है और जहाजों की आवाजाही बढ़ गई है। जिसके कारण क्रूड की कीमतों में गिरावट जारी है। ऐसी स्थिति बनी रहती है तो इस साल के अंत तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। अभी WTI क्रूड का भाव 68 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड की कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। यदि कीमतों में बड़ी गिरावट आती है तो इसका फायदा भारत के आयात बिल में गिरावट के रूप में देखा जा सकता है। जिससे महंगाई और पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने की आशंकाएं खत्म हो सकती है।
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क्या कहते हैं सिटीग्रुप इंक. के विश्लेषक?ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार सिटी ग्रुप के विश्लेषकों का मानना है कि स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। बाजार में बुनियादी तेजी लौटती हुई दिखाई दे रही है। अभी भले ही कच्चे तेल का बाजार कमजोर दिखाई दे रहा है, चीनी खरीदार भी नहीं दिखाई दे रहे लेकिन आने वाले समय में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। बीमा कंपनियां बाजार में फिर से काम समायोजित कर रही है और शिपिंग मार्ग खुल रहे हैं जिससे धीरे-धीरे लॉजिस्टिक से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहले यह संभावना जता चुके थे कि जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव समाप्त हो जाएगा उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए ओपन कर दिया जाएगा। इससे कच्चे तेल की कीमतें फिर पुराने स्तर पर लौट आएगी। अभी कच्चे तेल की कीमतें युद्ध के पहले के स्तर के करीब पहुंच चुकी है।

तेल की कीमतों में आ रही तेज गिरावटब्रोकरेज की तरफ से यह भी कहा गया है कि जैसे ही होर्मुज जलडमरूमध्य ओपन हुआ वैसे ही जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई। सप्लाई बढ़ाने का फायदा रिफाइनरियों को हो रहा है। स्टॉक में वृद्धि तेल की कीमतों में गिरावट ला रही है। इस समय तेल की कीमतें जिस स्तर पर है उसने युद्ध के दौरान की सारी बढ़त को खत्म कर दिया है। क्योंकि मिडिल ईस्ट तनाव के दौरान एक समय ऐसा भी आया था जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई थी।