PIB Fact Check: क्या पुराने नोट और सिक्के बेचकर कमा सकते हैं लाखों? जानिए वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो काफी देखा जा रहा है। इस वीडियो में ऐसा दिखाया गया है जैसे पीएम मोदी पुराने और दुर्लभ नोट व सिक्के खरीदने की किसी खास सरकारी योजना का ऐलान कर रहे हैं। इस वीडियो के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार आम जनता से पुराने नोट और सिक्के खरीद रही है।
जब पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इस वायरल दावे की जांच की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। जांच में यह वीडियो पूरी तरह से नकली यानी एआई तकनीक से तैयार किया गया डीपफेक पाया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए पीआईबी ने बताया कि फेसबुक पेज किशन कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई ऐसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें पीएम को पुराने नोट और सिक्के खरीदने का ऐलान करते दिखाया गया है। ये सभी वीडियो पूरी तरह से फर्जी हैं और इन्हें एआई डीपफेक टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की है।
जरूरी बात: अगर कोई भी व्यक्ति या सोशल मीडिया पेज पुराने नोट खरीदने के नाम पर आपसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या आपके बैंक अकाउंट की जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी, जागरूकता और फैक्ट-चेक के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वित्तीय मामलों और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति, ऐप या वेबसाइट को अपने बैंक खाते की जानकारी न दें और न ही किसी रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करें। किसी भी वित्तीय ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन से संपर्क करें।
जब पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इस वायरल दावे की जांच की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। जांच में यह वीडियो पूरी तरह से नकली यानी एआई तकनीक से तैयार किया गया डीपफेक पाया गया है।
फेसबुक पर वायरल हो रहा है भ्रामक वीडियो
जांच के दौरान पता चला कि 'किशन कुमार' नाम के एक फेसबुक पेज से पीएम मोदी के कई एडिटेड वीडियो शेयर किए गए हैं। इन वीडियोज में पीएम मोदी को लोगों से अपने पुराने और एंटीक सिक्के बेचने की अपील करते हुए दिखाया गया है। इस तरह के सनसनीखेज और भ्रामक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया यूजर्स को यह यकीन दिलाने की कोशिश की जा रही है कि केंद्र सरकार की निगरानी में पुराने सिक्कों की खरीद-बिक्री चल रही है।पीआईबी फैक्ट चेक ने जारी की स्पष्टीकरण
पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार या प्रधानमंत्री की तरफ से ऐसी किसी भी योजना का ऐलान नहीं किया गया है। पीआईबी ने आम लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध वीडियो या उससे जुड़े वेब लिंक को बिल्कुल शेयर न करें। इस तरह के लिंक का इस्तेमाल आपके साथ पैसों की ठगी करने के लिए किया जा सकता है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए पीआईबी ने बताया कि फेसबुक पेज किशन कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई ऐसे वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें पीएम को पुराने नोट और सिक्के खरीदने का ऐलान करते दिखाया गया है। ये सभी वीडियो पूरी तरह से फर्जी हैं और इन्हें एआई डीपफेक टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की है।
लुभावने दावों से रहें पूरी तरह सावधान
ऑनलाइन दुनिया में साइबर ठग अक्सर सक्रिय रहते हैं और लोगों को पुराने नोट व सिक्के के बदले लाखों रुपये देने का लालच देते हैं। इसलिए किसी भी सरकारी योजना का सच जानने के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें। किसी भी अनजान दावे की जांच करना बहुत जरूरी है।जरूरी बात: अगर कोई भी व्यक्ति या सोशल मीडिया पेज पुराने नोट खरीदने के नाम पर आपसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या आपके बैंक अकाउंट की जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी, जागरूकता और फैक्ट-चेक के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वित्तीय मामलों और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति, ऐप या वेबसाइट को अपने बैंक खाते की जानकारी न दें और न ही किसी रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करें। किसी भी वित्तीय ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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