FD vs Special FD: नॉर्मल एफडी और स्पेशल एफडी में क्या है अंतर? जानिए आपके लिए कौन सा है बेस्ट निवेश
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को भारत में निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया माना जाता है। खासकर रिटायर हो चुके बुजुर्गों और ऐसे लोगों के लिए जो बिना किसी रिस्क के सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, एफडी पहली पसंद होती है। एफडी में आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और आपको हर महीने या तय समय पर एक बंधी-बंधाई कमाई होती रहती है।
पिछले कुछ सालों में बैंकों ने रेगुलर एफडी के अलावा 'स्पेशल एफडी' स्कीम्स भी पेश करना शुरू कर दिया है। एसबीआई अमृत वर्षा और उत्सव एफडी जैसी योजनाएं आम एफडी के मुकाबले थोड़ा ज्यादा ब्याज देती हैं। यही वजह है कि बेहतर रिटर्न की तलाश करने वाले लोग इनकी तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
नॉर्मल एफडी के साथ-साथ अब बहुत से बैंक खास अवधि वाली स्पेशल एफडी स्कीम्स ऑफर करते हैं। रेगुलर एफडी में जहाँ आपको 1 साल, 3 साल या 5 साल जैसे लचीले विकल्प मिलते हैं, वहीं इन स्पेशल स्कीम्स की अवधि बिल्कुल अलग और तय होती है, जैसे 444 दिन, 555 दिन या 700 दिन।
बैंक अक्सर एक तय समय के लिए बड़ा फंड जुटाने के मकसद से ऐसी योजनाएं लाते हैं और इसके बदले में ग्राहकों को आम एफडी से थोड़ा ज्यादा ब्याज देते हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की 'अमृत वर्षा योजना' एक स्पेशल एफडी है जो 444 दिनों के लिए होती है। फिलहाल बैंक इस स्कीम पर आम ग्राहकों को 6.45% और सीनियर सिटीजन्स (बुजुर्गों) को 6.95% की दर से ब्याज दे रहा है। आप कम से कम 1,000 रुपये जमा करके बैंक ब्रांच, योनो (YONO) ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए इस स्कीम में निवेश शुरू कर सकते हैं।
एसबीआई का 'वीकेयर' प्लान खास तौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन्स के लिए बनाया गया है। यह स्कीम 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि वाली एफडी पर लागू होती है। इस प्लान के तहत बुजुर्गों को करीब 7.05% की दर से ब्याज मिलता है, जिसमें सीनियर सिटीजन्स के लिए मिलने वाला एक्स्ट्रा प्रीमियम भी शामिल है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की 444 दिनों वाली स्पेशल एफडी पर आम निवेशकों को 6.45%, सीनियर सिटीजन्स को 6.95% और 80 साल से ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.05% ब्याज मिल रहा है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की 444 दिनों की स्पेशल एफडी इस समय सबसे बेहतरीन ब्याज दे रही है। इसमें आम ग्राहकों को 6.60%, सीनियर सिटीजन्स को 7.10% और सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.40% तक का तगड़ा ब्याज मिल रहा है।
ये भी पढ़ें: Best Return on FD: बिना किसी रिस्क के होना है मालामाल? एचडीएफसी बैंक की इस एफडी में करें निवेश
स्पेशल एफडी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको नॉर्मल एफडी से थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलता है। आम एफडी के मुकाबले ब्याज दरों में सिर्फ 0.20% से 0.40% का फर्क भी निवेशकों को अपनी तरफ खींच लेता है, खासकर उन्हें जो अपनी रोजमर्रा की कमाई के लिए ब्याज पर निर्भर हैं। अगर आपके पास कुछ ऐसा एक्स्ट्रा पैसा है जिसकी आपको अगले कुछ समय तक जरूरत नहीं है, तो स्पेशल एफडी आपके लिए बेहतर कमाई का जरिया बन सकती है।
स्पेशल स्कीम्स के पॉपुलर होने के बावजूद आज भी बहुत से लोग नॉर्मल एफडी को ही चुनते हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह है फ्लेक्सिबिलिटी यानी मर्जी के मुताबिक समय चुनने की आजादी। नॉर्मल एफडी में निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से 1 साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल की अवधि खुद चुन सकते हैं। इससे उन्हें अपने भविष्य के खर्चों और फाइनेंशियल गोल्स की प्लानिंग करने में आसानी होती है।
ज्यादा ब्याज दरें देखना तो अच्छी बात है, लेकिन जरूरत के वक्त पैसा वापस मिलना भी उतना ही जरूरी है। नॉर्मल एफडी में समय से पहले पैसा निकालना (Premature Withdrawal) काफी आसान होता है, हालांकि इसके लिए बैंक थोड़ा जुर्माना या पेनाल्टी लगाते हैं। वहीं स्पेशल एफडी में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने के नियम अलग-अलग बैंकों और स्कीम्स के हिसाब से काफी कड़े हो सकते हैं।
स्पेशल एफडी स्कीम्स का सबसे ज्यादा फायदा सीनियर सिटीजन्स को होता है, क्योंकि बैंक उन्हें आम ग्राहकों से ज्यादा ब्याज देते हैं। यही वजह है कि रिटायर हो चुके लोग और नियमित ब्याज से कमाई चाहने वाले बुजुर्ग इन स्कीम्स में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं।
नॉर्मल एफडी और स्पेशल एफडी में से कौन सा बेहतर है, यह पूरी तरह से आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपको पैसों को लेकर आजादी चाहिए, यानी आप कभी भी पैसा निकालना चाहते हैं या अपनी मर्जी की तारीख पर मैच्योरिटी चाहते हैं, तो नॉर्मल एफडी आपके लिए बेस्ट है। दूसरी तरफ, अगर आपके पास एक्स्ट्रा सेविंग्स हैं और आप उसे एक तय वक्त के लिए लॉक रखने को तैयार हैं, तो स्पेशल एफडी में निवेश करके आप ज्यादा ब्याज का फायदा उठा सकते हैं।
पिछले कुछ सालों में बैंकों ने रेगुलर एफडी के अलावा 'स्पेशल एफडी' स्कीम्स भी पेश करना शुरू कर दिया है। एसबीआई अमृत वर्षा और उत्सव एफडी जैसी योजनाएं आम एफडी के मुकाबले थोड़ा ज्यादा ब्याज देती हैं। यही वजह है कि बेहतर रिटर्न की तलाश करने वाले लोग इनकी तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
आखिर क्या होती हैं ये स्पेशल एफडी स्कीम्स?
नॉर्मल एफडी के साथ-साथ अब बहुत से बैंक खास अवधि वाली स्पेशल एफडी स्कीम्स ऑफर करते हैं। रेगुलर एफडी में जहाँ आपको 1 साल, 3 साल या 5 साल जैसे लचीले विकल्प मिलते हैं, वहीं इन स्पेशल स्कीम्स की अवधि बिल्कुल अलग और तय होती है, जैसे 444 दिन, 555 दिन या 700 दिन।
बैंक अक्सर एक तय समय के लिए बड़ा फंड जुटाने के मकसद से ऐसी योजनाएं लाते हैं और इसके बदले में ग्राहकों को आम एफडी से थोड़ा ज्यादा ब्याज देते हैं।
क्या है एसबीआई अमृत वर्षा योजना?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की 'अमृत वर्षा योजना' एक स्पेशल एफडी है जो 444 दिनों के लिए होती है। फिलहाल बैंक इस स्कीम पर आम ग्राहकों को 6.45% और सीनियर सिटीजन्स (बुजुर्गों) को 6.95% की दर से ब्याज दे रहा है। आप कम से कम 1,000 रुपये जमा करके बैंक ब्रांच, योनो (YONO) ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए इस स्कीम में निवेश शुरू कर सकते हैं।
किसके लिए है एसबीआई वीकेयर (WeCare) प्लान?
एसबीआई का 'वीकेयर' प्लान खास तौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन्स के लिए बनाया गया है। यह स्कीम 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि वाली एफडी पर लागू होती है। इस प्लान के तहत बुजुर्गों को करीब 7.05% की दर से ब्याज मिलता है, जिसमें सीनियर सिटीजन्स के लिए मिलने वाला एक्स्ट्रा प्रीमियम भी शामिल है।
बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी में क्या मिल रहा है?
बैंक ऑफ बड़ौदा की 444 दिनों वाली स्पेशल एफडी पर आम निवेशकों को 6.45%, सीनियर सिटीजन्स को 6.95% और 80 साल से ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.05% ब्याज मिल रहा है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की 444 दिनों की स्पेशल एफडी इस समय सबसे बेहतरीन ब्याज दे रही है। इसमें आम ग्राहकों को 6.60%, सीनियर सिटीजन्स को 7.10% और सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.40% तक का तगड़ा ब्याज मिल रहा है।
ये भी पढ़ें: Best Return on FD: बिना किसी रिस्क के होना है मालामाल? एचडीएफसी बैंक की इस एफडी में करें निवेश
लोग क्यों पसंद कर रहे हैं स्पेशल एफडी?
स्पेशल एफडी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपको नॉर्मल एफडी से थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिलता है। आम एफडी के मुकाबले ब्याज दरों में सिर्फ 0.20% से 0.40% का फर्क भी निवेशकों को अपनी तरफ खींच लेता है, खासकर उन्हें जो अपनी रोजमर्रा की कमाई के लिए ब्याज पर निर्भर हैं। अगर आपके पास कुछ ऐसा एक्स्ट्रा पैसा है जिसकी आपको अगले कुछ समय तक जरूरत नहीं है, तो स्पेशल एफडी आपके लिए बेहतर कमाई का जरिया बन सकती है।
फिर भी लोग नॉर्मल एफडी क्यों चुनते हैं?
स्पेशल स्कीम्स के पॉपुलर होने के बावजूद आज भी बहुत से लोग नॉर्मल एफडी को ही चुनते हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह है फ्लेक्सिबिलिटी यानी मर्जी के मुताबिक समय चुनने की आजादी। नॉर्मल एफडी में निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से 1 साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल की अवधि खुद चुन सकते हैं। इससे उन्हें अपने भविष्य के खर्चों और फाइनेंशियल गोल्स की प्लानिंग करने में आसानी होती है।
जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना कितना आसान है?
ज्यादा ब्याज दरें देखना तो अच्छी बात है, लेकिन जरूरत के वक्त पैसा वापस मिलना भी उतना ही जरूरी है। नॉर्मल एफडी में समय से पहले पैसा निकालना (Premature Withdrawal) काफी आसान होता है, हालांकि इसके लिए बैंक थोड़ा जुर्माना या पेनाल्टी लगाते हैं। वहीं स्पेशल एफडी में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने के नियम अलग-अलग बैंकों और स्कीम्स के हिसाब से काफी कड़े हो सकते हैं।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
स्पेशल एफडी स्कीम्स का सबसे ज्यादा फायदा सीनियर सिटीजन्स को होता है, क्योंकि बैंक उन्हें आम ग्राहकों से ज्यादा ब्याज देते हैं। यही वजह है कि रिटायर हो चुके लोग और नियमित ब्याज से कमाई चाहने वाले बुजुर्ग इन स्कीम्स में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं।
आखिरी फैसला: आपके लिए कौन सा है बेहतर?
नॉर्मल एफडी और स्पेशल एफडी में से कौन सा बेहतर है, यह पूरी तरह से आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आपको पैसों को लेकर आजादी चाहिए, यानी आप कभी भी पैसा निकालना चाहते हैं या अपनी मर्जी की तारीख पर मैच्योरिटी चाहते हैं, तो नॉर्मल एफडी आपके लिए बेस्ट है। दूसरी तरफ, अगर आपके पास एक्स्ट्रा सेविंग्स हैं और आप उसे एक तय वक्त के लिए लॉक रखने को तैयार हैं, तो स्पेशल एफडी में निवेश करके आप ज्यादा ब्याज का फायदा उठा सकते हैं।
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