Gold Price Today: 1.70 लाख के पार पहुंचे सोने के दाम, जानें क्या है कीमतों में उछाल की वजह

आज 3 मार्च को सोने के बाजार में जो देखने को मिला, वो हैरान करने वाला है। सुबह जैसे ही बाजार खुला, सोने के दाम तेजी से ऊपर जाने लगे। इस समय पूरी दुनिया में डर का माहौल बना हुआ है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जो तनाव बढ़ रहा है, उसका सीधा असर लोगों की तिजोरी पर पड़ रहा है। सोने की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। बाजार को करीब से देखने वाले लोग बता रहे हैं कि ये तेजी और भी बढ़ सकती है।

बाजार के ताजा आंकड़े

बात करें अंतरराष्ट्रीय बाजार की तो सोने की कीमत 0.89% की बढ़त के साथ $5,358 प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है। वहीं अगर भारत के घरेलू बाजार यानी MCX की बात करें, तो वहां भी सोना 2.53% की तेजी के साथ 1,66,199 रुपये पर बंद हुआ। ये भाव 24 कैरेट सोने का है। शाम होते-होते भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के दाम 1,67,471 रुपये तक जाते देखे गए।

बड़े शहरों का हाल

भारत के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम में थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिल रहा है। चेन्नई में सोने का भाव ₹17,083 के करीब देखा गया। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में ये दाम ₹17,065 के आसपास रहा। मुंबई, कोलकाता, बैंगलोर, हैदराबाद, पुणे और वडोदरा जैसे बड़े शहरों में सोने की कीमत ₹17,050 के करीब दर्ज की गई। अहमदाबाद में सोने का भाव ₹17,055 के आसपास रहा। ये कीमतें बताती हैं कि पूरे देश में सोने की मांग और डर का माहौल एक जैसा ही बना हुआ है।

सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव

सोने के दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह दुनिया में जारी तनाव है। जब भी बड़े देशों के बीच युद्ध जैसा माहौल बनता है, तो लोग अपना पैसा सोने में लगाने लगते हैं। सोने को हमेशा से सबसे सुरक्षित निवेश माना गया है। निवेशकों को लगता है कि मुसीबत के समय में सोना ही उनकी जमा पूंजी को बचा कर रखेगा। यही वजह है कि अचानक सोने की मांग बढ़ गई और दाम 1.70 लाख के पार चले गए।

तेल और महंगाई का असर

सोने के दाम में बढत की दूसरी बड़ी वजह तेल का संकट है। होरमुज जलडमरूमध्य से दुनिया के एक बड़े हिस्से में तेल की सप्लाई होती है। युद्ध की आहट के कारण इस रास्ते से तेल की सप्लाई रुकने का डर बढ़ गया है। अगर तेल की सप्लाई में कोई रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया की इकोनॉमी डगमगा जाएगी। तेल महंगा होने से हर चीज महंगी हो जाती है।

रुपये की गिरती हालत

सोने के महंगा होने में रुपये की कमजोरी ने भी बड़ा रोल निभाया है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना दूसरे देशों से खरीदता है। जब रुपया गिरता है, तो सोना बाहर से खरीदना महंगा हो जाता है। इसी वजह से देश के अंदर सोने के दाम तेजी से ऊपर जा रहे हैं। ये रुपये की गिरावट हमारे लिए सोने के आयात को और भी ज्यादा महंगा बना रही है।

जानकारों की क्या है राय

बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर ये तनाव जल्दी खत्म नहीं हुआ, तो सोने के दाम और भी ऊंचे जा सकते हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी, तब तक सोने में नरमी आने की उम्मीद कम है। बाजार अब $5,450 यानी करीब 1.70 लाख रुपये के स्तर पर टिका हुआ है। इसके बाद अगला लक्ष्य $5,600 यानी करीब 1.80 लाख रुपये का हो सकता है। जानकारों का मानना है कि दुनिया में जो अनिश्चितता है, वो सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।
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अस्वीकरण: यह लेख न्यूजपॉइंट द्वारा केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। लेख में दिए गए सोने के भाव बाजार की मौजूदा स्थितियों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित हैं। न्यूजपॉइंट कीमतों में किसी भी विसंगति या वित्तीय लाभ-हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।