Gold-Silver Price Today: चांदी में करीब ₹7000 की बड़ी तेजी, सोना ₹1.58 लाख पर, जानें आज का रेट
आज सोने और चांदी के भाव में भारी उछाल आया है। काफी दिनों की गिरावट के बाद फिर से कीमतों में तेजी लौटी है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी के भाव शुक्रवार को काफी बढ़ गए। चांदी की कीमतों में करीब 6920 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सोना भी 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। ये बदलाव पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच हुए हैं। निवेशकों ने फिर से बुलियन में खरीदारी बढ़ा दी है।

अस्वीकरण: यह लेख न्यूजपॉइंट द्वारा केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। लेख में दिए गए सोने और चांदी के भाव बाजार की मौजूदा स्थितियों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित हैं। न्यूजपॉइंट कीमतों में किसी भी विसंगति या वित्तीय लाभ-हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
चांदी की कीमत में उछाल
चांदी के भाव में भी अच्छी खासी तेजी आई है। कीमत 6920 रुपये बढ़ गई है। इस बड़ी बढ़ोतरी के बाद चांदी का भाव 2.38 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। पिछले कुछ समय से चांदी के भाव में नरमी थी। लेकिन शुक्रवार को बाजार ने एक नई करवट ली है। लगातार गिरावट के बाद चांदी में ये उछाल देखने को मिल रहा है। वेस्ट एशिया के हालातों का असर सीधा धातुओं पर पड़ रहा है।सोने के भाव
अब सोने के भाव पर नजर डालते हैं। सोने का भाव 2860 रुपये बढ़कर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। हालांकि शुरू में ये 1.48 लाख रुपये के स्तर पर पहुंचा था। कई दिनों से सोने के भाव लगातार नीचे गिर रहे थे। लेकिन अब भाव फिर से ऊपर जाने लगे हैं। ये उछाल बता रहा है कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर से सोने पर लौट रहा है।IBJ का डेटा
अब इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों की बात करते हैं। 27 फरवरी 2026 के दिन सोना 1,59,097 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। वहीं उस दिन चांदी 2,67,900 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी। इसके ठीक अगले ही दिन युद्ध की शुरुआत हो गई थी। युद्ध शुरू होने के बाद से ही बाजार में लगातार गिरावट का दौर बना हुआ है।बाजार की बदली हुई दिशा
ये बात हैरान करने वाली है कि इस बार युद्ध के बावजूद बाजार की पारंपरिक दिशा बिल्कुल बदल गई है। आम तौर पर जब युद्ध होता है तो सोने और चांदी के भाव तुरंत आसमान छूने लगते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। युद्ध शुरू होने के बाद भाव बढ़ने की बजाय नीचे गिरने लगे थे। ये एक नया ट्रेंड है जो बाजार में देखने को मिला है।क्यों कम हुई सोने की चमक
हमेशा से ये माना जाता रहा है कि वैश्विक तनाव के दौरान सोने को निवेश के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इस बार तस्वीर अलग नजर आ रही है। सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है। इसके पीछे कई सारे कारण सामने आ रहे हैं। सबसे पहला कारण ये है कि मार्जिन बढ़ने से ट्रेडिंग काफी महंगी हो गई है।शेयर बाजार और सोना
ट्रेडिंग महंगी होने की वजह से सट्टेबाजी में काफी कमी आई है। दूसरा बड़ा कारण शेयर बाजार से जुड़ा हुआ है। शेयर बाजार में लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। अपने इसी नुकसान की भरपाई करने के लिए निवेशक अब अपना सोना बेच रहे हैं। जब लोग एक साथ सोना बेचने लगते हैं तो बाजार में सोने की सप्लाई बढ़ जाती है।बाजार में ठंडापन
पिछले कुछ समय में सोने ने रिकॉर्ड तेजी देखी थी। भाव बहुत ज्यादा बढ़ने से नई खरीद में कमी आ जाती है। इस वजह से बाजार में थोड़ा ठंडापन आ गया था। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की मांग घट गई है। निवेशकों की सोच में भी बदलाव आ गया है। लोग कैश निकालने के लिए भारी मात्रा में बिकवाली कर रहे हैं।अस्वीकरण: यह लेख न्यूजपॉइंट द्वारा केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। लेख में दिए गए सोने और चांदी के भाव बाजार की मौजूदा स्थितियों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित हैं। न्यूजपॉइंट कीमतों में किसी भी विसंगति या वित्तीय लाभ-हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।









