Gold Silver Price Today: सोने और चांदी के दाम में आई गिरावट, देखें आज का ताजा भाव

आज मंगलवार को भी सोने और चांदी की कीमतों में उथल-पुथल देखने को मिली है। जो लोग सोने या चांदी की खरीदारी का प्लान बना रहे थे, उनके लिएअच्छी खबर सामनें आई है। सर्राफा बाजार में आज दोनों ही कीमती धातुओं के दाम नीचे आए हैं। अगर आंकड़ों को देखें तो बाजार में सुस्ती का माहौल है।
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सोने और चांदी के दाम

बाजार के ताजा हाल की बात करें तो सोने की कीमत में करीब 1230 रुपये की कमी आई है। इस गिरावट के बाद सोने का भाव 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं बात करें, चांदी की तो इसमें और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। चांदी की कीमत 4830 रुपये गिर गई है। इस भारी गिरावट के बाद चांदी का भाव 2.36 लाख रुपये प्रति किलो हो गया है। MCX पर भी शुरुआती कारोबार में मंदी का असर साफ दिखा। यहां चांदी 4,131 रुपये गिरकर 2.40 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना 1145 रुपये सस्ता होकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा।

विदेशी बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ी है। लगातार दूसरे सत्र में कीमतों में गिरावट का दौर जारी रहा। एशिया के ट्रेडिंग समय के दौरान स्पॉट गोल्ड 0.43% फिसल गया और इसकी कीमत 4,992 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई। चांदी के हालात और भी खराब रहे। स्पॉट सिल्वर में करीब 3% की तेज गिरावट आई और ये 74.24 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। विदेशी बाजार के इन संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी साफ तौर पर पड़ रहा है।


गिरावट की वजह

कीमतो में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका से आ रहे आर्थिक आंकड़े हैं। जनवरी महीने में अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, वहां रोजगार के आंकड़े काफी मजबूत आए हैं। इन दोनों बातों का मिला-जुला असर बाजार पर दिख रहा है। इन संकेतों ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को थोड़ा बदल दिया है, जिससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

एक्सपर्ट्स की राय

बाजार के जानकारों का मानना है कि फेडरल रिजर्व अपनी 18 मार्च की मीटिंग में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, ट्रेड्स को उम्मीद है कि जुलाई तक दरों में कटौती हो सकती है। जून में भी कटौती की संभावना जताई जा रही है। आमतौर पर जब ब्याज दरें कम होने की उम्मीद होती है, तो सोने को सहारा मिलता है। लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है, इसलिए कीमतों पर दबाव बना हुआ है। ये अनिश्चितता बाजार में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बन रही है।


निवेशकों की नजर कहां है?

अब निवेशकों का पूरा ध्यान आने वाले कुछ खास आंकड़ों पर है। फेड की मीटिंग के मिनट्स, चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े और फेड के पसंदीदा कोर PCE प्राइस इंडेक्स पर सबकी नजर टिकी है। ये आंकड़े ही बताएंगे कि आगे चलकर मॉनिटरी पॉलिसी किस दिशा में जाएगी। अगर इन आंकड़ों में कोई बड़ा बदलाव दिखता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में फिर से हलचल देखने को मिल सकती है।

वैश्विक माहौल का असर

सोने-चांदी के भाव पर दुनिया भर की घटनाओं का भी असर पड़ता है। एक ईरानी राजनयिक ने हाल ही में बयान दिया है कि, वो अमेरिका के साथ ऐसा परमाणु समझौता करना चाहते हैं जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिले। इस बयान ने भी बाजार को प्रभावित किया है। इसके अलावा, अमेरिका में 'प्रेसिडेंट्स डे' की छुट्टी थी और चीन समेत एशिया के कई बाजारों में 'लूनर न्यू ईयर' की छुट्टियां चल रही थीं। छुट्टियों की वजह से बाजार में काम-काज कम हुआ और ट्रेडिंग वॉल्यूम सीमित रहा। कम वॉल्यूम के कारण भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

अस्वीकरण: यह लेख न्यूजपॉइंट द्वारा केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। लेख में दिए गए सोने और चांदी के भाव बाजार की मौजूदा स्थितियों और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित हैं। न्यूजपॉइंट कीमतों में किसी भी विसंगति या वित्तीय लाभ-हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।